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मंगलयान (Mangalyaan Mission) की पूरी जानकारी और इस से जुड़ी अद्भुत बाते

भारत इस मिशन में पहली बार में ही सफल हो गया था।

मित्रों! आप सभी ने तो इस से पहले मेरे Terraforming के लेख को पढ़ा ही होगा| क्योंकि मैंने वहाँ पर मंगल (Mars) के ऊपर कैसे जीवन को स्थापित किया जा सकता है , उसके ऊपर एक विशेष लेख आपको दिया है| हालाँकि उस लेक में आपको शुक्र की Terraforming के ऊपर भी लेख मिलेगी|  परंतु आप को में बता दूँ की उस लेख में मंगल भी उतना  ही महत्वपूर्ण है जितना की शुक्र| खैर आज का विषय मंगलयान के विषय पर आधारित है (mangalyaan Mission facts and details), जिसमें में आपको बहुत सारी हैरान कर देने वाली बातों को आपके सामने रखने जा रहा हूँ|

तो, अगर में बात करूँ मंगल यान (Mangalyaan Mission Or Mars Orbiter Mission) की सबसे मूल भूत बात की तो, वह होगा उसका लक्ष्य कहने का मतलब यह है की, इसे बनाया ही क्यूँ गया है? तो, जैसा की मैंने ऊपर Terraforming का जिक्र किया है , मंगल यान (mars orbiter mission) को विशेष रूप से मंगल (Mars) पर जीवन की खोज , मंगल के सतह को अच्छे से परखने के लिए और मंगल के बारे में और भी छुपी हुई बातों (mangalyann facts and details) को जानने के लिए बनाया गया है.

Mars Captured By Mangalayaan Mission | मंगलयान द्वारा मंगल की तस्वीर
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मंगलयान द्वारा मंगल की तस्वीर

इसके अलावा अगर में मंगलयान (mars orbiter) के मूलभूत बातों के ऊपर और टिप्पणी करूँ तो , आपको इसके बारे में और भी ज्यादा हैरानी होगा| क्योंकि मंगलयान (mars orbiter) का जो मिशन है , यह सिर्फ अमरीका और रूस तक सीमित न रह कर दुनिया के बाकी सारे देशों तक भी पहुँच चुका है| खैर मंगल यान (mars orbiter) हमारे भारत का मंगल पर खोज करने का एक स्वतंत्र मिशन है।

मंगलयान क्या है  (What is Mangalyaan Mission In Hindi?)

किसी भी विषय पर अगर आपको अच्छे से जानना है , तो आपको उसकी संज्ञा को पहले जानना होगा| तो,चलिए मंगलयान (mars orbiter Mission Or Mangalyaan Mission) की संज्ञा को सबसे पहले जानते हैं| मंगलयान या यूं कहें तो Mangalyaan-1 ISRO (Indian Space Research Organization) के द्वारा छोड़ा गया एक जांच करने वाला उप-ग्रह (satellite) है , जो की November,5,2013 को छोड़ा गया था|

में आपको यहाँ और भी बता दूँ की मंगल यान (Mangalyaan or mars orbiter) भारत का सबसे पहला स्वदेशी तकनीक से बना उप-ग्रह है और यह पहला उप-ग्रह है जो की पृथ्वी से बाहर की अंतरिक्ष की दुनिया को खोजने के लिए भारत के द्वारा छोड़ा गया है। यह मंगल के अक्ष मेँ September,24,2014 से ही मौजूद है, इसलिए मंगल यान (mars orbiter) भारत की शान और अंतरिक्ष में पहचान है।

भारत के अलावा यूरोपियन स्पेस एजेंसी (European Space Agency) , सोबियत स्पेस एजेंसी(Soviet Space Ageny) और NASA ने अपना-अपना उप-ग्रह मंगल की कक्षा पर सफलता पूर्वक पहले से ही स्थापित कर लिया है। आपको यहाँ और भी बता दूँ की भारत पूरे एशिया में पहला देश है , जिसने मंगल की कक्षा (Orbit) में अपना उप-ग्रह(Satellite)  स्थापित कर लिया है|

मंगलयान के बारे में पूरी जान कारी (Full Mangalyann Facts and details In Hindi)

यहाँ पर मेँ आपको पहले से ही बता देता हूँ की मंगलयान (Mars Orbiter Mission) जो है , यह खुद में ही बहुत जटिल और उन्नत उपकरण है| इसलिए इसे अंतरिक्ष में भेजने के लिए एक आधुनिक और सक्षम launch vehicle की जरूरत पड़ती है|

मंगल यान को अंतरिक्ष में भेजने के लिए भारत ने PSLV C-25 का इस्तेमाल किया था , जो की काफी उन्नत और सक्षम रॉकेट है| यह रॉकेट I-1-K satellite के लिए बनाया गया है और इस से भारत ने पहले भी चंद्रयान-1 और IRS जैसे उप-ग्रह छोड़ चुका है|

खैर मंगल यान की कुल वजन 850kg है और इस में Mars color camera जैसी पाँच सबसे अत्याधुनिक उपकरण लगी हुई है| इतने सारी अत्याधुनिक उपकरण के साथ मंगल यान (mars orbiter) बिलकुल रूप से मंगल की सतह का अति गहराई से परीक्षण , उसके सतह की फोटो को पृथ्वी तक सफलता के साथ पहुंचाने में और पृथ्वी के बाहरी महाकाश की खोज करने के लिए सम्पूर्ण रूप से सक्षम है| दिसम्बर 2015 तक हमारे मंगल यान ने मंगल की 8000 सफल परिक्रमा कर लिया है|

Mars Color Camera (Mangalyaan Mission Hindi)
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Mars Color Camera – Credit ESA

यही वजह है की मैने पहले भी इसे भारत की सबसे सफल उप-ग्रह का नाम भी दिया था| खैर आज के इस प्रतियोगिता युक्त माहौल में भारत ने मंगल यान (mars orbiter) को छोड़ कर इतिहास रच डाला है , जिसे देख कर पूरी दुनिया हैरान है| इसलिए आपको भी हमारे देश की इस सफलता से बहुत खुश होना चाहिए|

खैर खुशी से याद आया की मैंने बच्चों के लिए विज्ञान से जुड़ी बहुत सारी रोचक बातों को आपको इस से पहले एक लेख में बता दिया है , जिसको पढ़ कर आप भी बहुत खुश हो जाएंगे| इसलिए इसको एक बार पढ्ना न भूलें|

कैसे काम करता है मंगलयान (How Mangalyaan Work In Hindi? )

अगर आप विज्ञान से जुड़ी अजीब शोधो और तथ्यों के बारे में जानना चाहते हैं,तो आप मेरा यह लेख भी पढ़ सकते हैं|

मित्रों! किसी दूसरे यंत्र की तरह मंगलयान (mars orbiter) की कार्य प्रणाली भी थोड़ी जटिल और गौर से अध्ययन कर ने की है| इसलिए यहाँ में आपको बहुत ही सरल तरीके से इसे समझाया है, ताकि आप इसे अच्छे से जान पाएँ|

तो, मंगल यान में मुख्य रूप से 5 अलग-अलग प्रकार के उपकरण लगे हैं , जो की इसे मंगल के बारे में पूरी जानकारी और रोचक बातें (mangalyaan facts and details)खोज ने में सक्षम बनाता है| तो, चलिए इन सभी उपकरणों के एक-एक कर के देखते हैं|

1. Mars color Camera (MCC) :-

जैसे की आप यहाँ नाम से ही जान पाएंगे| यह एक आधुनिक कैमरा है , जो की अंतरिक्ष में बड़ी आसानी से मंगल की सतह का फोटो खींच सकता है| तीन किस्म के रंगों के लेंस से बना यह कैमरा मंगल के सतह की बनावट और इसकी मूल उपदानों को आसानी से खोज सकता हैं| इस कैमरा के जरिए वैज्ञानिक मंगल के सतह में होने वाले बदलाव और मंगल की जलवायु के ऊपर नजर रख सकते हैं|

2. Thermal infrared imaging spectrometer (TIS) :-

यह उपकरण मंगल में मौजूद रहस्यमय धातुओं से निकलने वाली विकिरण (radiation) को सही तरीके से पता लगाने के काम आता है| इस से  वैज्ञानिक दिन-रात मंगल में छुपी धातुओं के तलाश में हमेशा तत्पर रहते हैं| इस के अलावा मंगल में छुपी हुई खनिज का भी यह अच्छे से पता लगा सकता हैं|

3. Mars exospheric neutral composition analyzer (MENCA) :-

इस उपकरण का मूल काम मंगल के बाहरी वायुमंडल में मौजूद Neutral Hydrogen atom का पता लगाना हैं| यह उपकरण मंगल यान के बारे में सबसे अधिक रोचक और जरूरी बात है (mangalyan facts and details)| इस उपकरण के जरिए वैज्ञानिक मंगल के वायुमंडल की चौड़ाई को नाप सकते हैं|

4. Lyman alpha photometer (LAP)

यह उपकरण मंगल यान में मौजूद सबसे गुरुत्व पूर्ण उपकरण हैं| क्योंकि यह उपकरण बहुत ही खास हैं| वैज्ञानिक इसी उपकरण माध्यम से मंगल में पानी की खोज कर रहे हैं| इसके अलावा यह उपकरण मंगल से कैसे पानी खत्म हुआ!, यह उसका भी पता लगाने में वैज्ञानिकों की काफी मदद कर रहा है|

5. Methane sensor for Mars (MSM) :-

यह उपकरण को मंगल के पतली सी वायुमंडल में मौजूद Methane गैस की स्रोत को खोजने के लिए बनाया गया है| इस के अलावा इस उपकरण से वैज्ञानिक Methane गैस की मात्रा को भी ठीक तरीके से मांप सकते हैं|

तो, अब जब दोस्तों आप सभी ने ऊपर मंगल यान की कार्य करने की प्रणाली को जान लिया है| इसलिए अब चलिये जानते हैं मंगलयान से जुड़ी हैरान कर देने वाली बातों को (mangalyaan Mission Facts In Hindi)

मंगलयान से जुड़ी हैरान कर देने वाली बातें ( Most Amazing Mangalyaan Mission facts and details In Hindi)

1. अतुल्य भारत! :-

दोस्तों! हमारा देश बहुत ही महान और उन्नत हैं| क्योंकि भारत ने बीते कई सालों में अपनी पहचान को अंतरिक्ष में बहुत बढ़िया तरीके से स्थापित कर दिया हैं| बाकी देश जहां मंगल में अपने-अपने यानों को सही तरीके से एक ही बार में बैठाने में असफल रहें , वहीं भारत विश्व का ऐसा पहला देश बना जिसने की अपने मंगलयान को सही तरीके से एक ही बार में चुने गए स्थान पर मंगल के अक्ष में बैठा दिया|

तो, अब आप इसके बारे में क्या कहना चाहते हैं? जरूर बताएं|

2. कम लागत में रचा इतिहास :-

हम भारतीय लोग पैसे की अहमियत को अच्छे से जानते हैं| क्योंकि यहाँ हर जगह पैसा ही तो बोलता हैं| खैर हमारे वैज्ञानिकों ने मंगलयान को बना कर एक अनोखा ही इतिहास रच डाला| मित्रों! में यहाँ आपको बता दूँ की भारत की मंगलयान मिशन (Mangalyaan Mission) दुनिया के सबसे सस्ती परंतु कामयाब अंतरिक्ष की मिसन हैं| इस मिशन की कुल लागत 450 करोड़ रूपय ही है| जो की अंतरिक्ष मे होने वाली बाकी मिशन के तुलना में काफी कम हैं|

3. हर एक भारतीय ने दिये है 4 रूपय :-

मित्रों! अगर हम 450 करोड़ रूपय को भारत की जनसंख्या से बाँट देंगे तो ,आपको पता चलेगा की मंगल यान के लिए हर एक भारतीय ने 4 रूपय की योग दान किया हैं| वाकई में मंगल यान से जुड़ी रोचक बातें काफी ज्यादा हैरान कर देने वाली है (mangalyan facts and details) |

4. हॉलीवुड इस फिल्म को बनाने के लिए मंगलयान मिशन (Mangalyaan Mission) के कुल लागत से भी ज्यादा खर्चा किया था

मानना पड़ेगा , अमेरिका के हॉलीवुड को, आपको यहाँ जान कर के हैरानी होगी की हॉलीवुड नेGravity  नाम के एक फिल्म को बनाने के लिए 450 करोड़ रूपय से भी ज्यादा रुपयों का उपयोग किया था| वाह! सिर्फ एक फिल्म के लिए 450 करोड़ रूपये।

5. बहुत ही हल्का परंतु बहुत ही उपयोगी है हमारा मंगलयान  (Mangalyaan Mission)

वाकई में मंगलयान को अंतरिक्ष में छोड़ कर हमने एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है| क्योंकि यह यंत्र जितना आधुनिक है , उतना ही हल्का भी है| हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत मेहनत कर के इस यंत्र को इतना हल्का बनाने में सक्षम हुए हैं|

अगर हम इस यान में लगे उपकरणों की बात करें तो , इस में कुल 15kg वजन के अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं| बाकी अगर अन्य मंगलयानो को देखें तो , उनमें लगे उपकरणों की वजन कई सौ किलो तक होता हैं|

6. हमारे मंगलयान की वजन मात्र इतना ही है:-

जैसा की मैंने ऊपर ही बता रखा है , की मंगल यान में लगे उपकरण काफी हल्के परंतु बहू-उपयोगी हैं| इसलिए हमारे मंगल यान की कुल वजन भी बहुत ही कम हैं| भारत के द्वारा बनाया गया मंगल यान का कुल वजन 1337 kg हैं| मंगलयान की कुल वजन के अलावा इसमें 852 kg का ईंधन और 15 kg का उपकरण लगा हुआ है|

तो, अगर हम ऊपर दिए गए वजनों को एक साथ जोड़ें तो , यह 2204 kg होगा| इतने कम वजन का मंगल यान शायद ही आपको कहीं देखने को मिलेगा| इसलिए में हमेशा से ही कहता हूँ , हमारा भारत दुनिया में एक दिन अपने विश्व गुरु की उपाधि को जरूर प्राप्त कर लेगा|

7. NASA ने बताया यह हैरान कर देने वाली बात :-

आप सभी ने तो NASA को तो जानते ही होंगे| यह दुनिया का सबसे बड़ा अंतरिक्ष मे खोज करने वाली संस्था है| इसलिए इस संस्था के द्वारा कहे गए हर एक बात का गुरुत्व बहुत ही ज्यादा होता है| खैर NASA ने कहा हैं की मंगल पर कृत्रिम उप-ग्रह भेजने की कुल 51 बार प्रयास किया गया , जिसमें अभी तक 21 ही सफल हो पाएँ हैं|

तो, यहाँ पर आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं की , हमारा मंगल यान दूसरे देशों की मंगल यानों से कितना आधुनिक और सक्षम हैं| क्योंकि बाकी देशों से यहाँ तक पहुँचने के लिए कई बार प्रयास किया हैं|

निष्कर्ष – Conclusion :-

मित्रों! आप ने ऊपर अभी-अभी मंगलयान(Mangalyaan Mission) की पूरी जानकारी और उस से जुड़ी हैरान कर देने वाली बातों को (mangalyaan facts and details) पढ़ा| तो, जाहिर सी बात है की आपके मन में इस से जुड़ी काफी सारे सवाल मन में आए ही होंगे| अगर यह बात सच है तो, आप निःसंकोच अपने मन में उठे हर एक सवाल को मुझ से पुछ सकते हैं|

पर भारत केवल मंगलयान पर आकार के रूक जाये, ऐसा हो नहीं सकता है, 2021 में भारत अंतरिक्ष में पहले भारतीयों को भेजना चाहता है, जिसे उसने गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission)  का नाम दिया है। यकीन मानिए ये मिशन भारत की अंतरिक्ष में  दुनिया ही बदल देगा। इसके बारे में आप जरूर पढ़िए।

खैर मैंने पहले से ही यह बता रखा है की , अगर आप रसायन विज्ञान या Quantum Computing जैसे रोचक विज्ञान से जुड़ी बातों को पढ़ना चाहते हैं , तो आप हमारे वेबसाइट को फॉलो करना न भूलें| क्योंकि हम रोजाना ही ऐसे विज्ञान से जुड़ी मजेदार परंतु ज्ञानवर्धक लेख लाते ही रहते हैं|

अगर आप भारत की अन्य अंतरिक्ष के मिलनों के बारे में भी जानना छाते हैं तो अपना मत हमें जरूर बताएं| तो, जाते-जाते एक ही बात बोलूँगा अपने देश के लिए आप हमेशा गर्व महसूस करते रहिए|

जय हिन्द! जय भारत!!

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