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विज्ञान के वो 5 प्रयोग जो काफी अजीव थे – 5 most strangest science experiment.

किसी जमाने में वैज्ञानिकों ने किया था इस तरीके का शोध ,क्या आप इन के बारे में जानते है?

 5 अजीब विज्ञान के प्रयोग के ऊपर एक पहली नजर – An aspect of the science experiments in Hindi.

नमस्कार मित्रों! आज इंसान ने विज्ञान के जरिए काफी कुछ हासिल कर लिया है| आज हम 5 विज्ञान के प्रयोग (  Science Experiment’s ) के बारे में बात करेंगे जो काफी अजीब और चौंकाने बाले थे| अंतरिक्ष से ले कर समंदर की गहराई तक और black hole से ले कर Terraforming तक हर किसी क्षेत्र में हम अपना वर्चस्व जता चुके है| परंतु यहाँ एक बात के ऊपर गौर करनी जरूरत है और वह बात है विज्ञान के प्रयोगों की|

जी हाँ! आपने सही सुना विज्ञान के प्रयोग | मित्रों यहाँ सोचने वाली बात यह है की हम आज जीतने भी तकनीक से जुड़ी आधुनिक वस्तु देख रहें हैं और चाहे वो दूरदर्शन या स्मार्ट-फोन क्यूँ न हो , इन सभी के पीछे उनका एक इतिहास छुपा हुआ है| मित्रों यह इतिहास कोई आम इतिहास नहीं है,यह इतिहास है विज्ञान के प्रयोगों का|

मित्रों आज के इस समय में मनुष्य काफी कुछ चीजों के ऊपर शोध कर रहा है| परंतु इतिहास में मनुष्य ने  5 विज्ञान के प्रयोग (  Science Experiment’s ) ऐसे भी किए थे जो काफी अनोखा और अलग था| खैर आज हम आपको बीते समय की ऐसे ही कुछ 5 विज्ञान के प्रयोग ( Science Experiment’s ) के बाए में जिक्र करेंगे जिसको को सुनकर शायद ही आप अपने आँखों पर यकीन कर पाएँ| विश्वास नहीं है! तो कृपया इस लेख को पढ़ते रहिए|

5 विज्ञान के प्रयोग
Milgram के द्वारा कीया जा रहा शोध के तरह दिया जा रहा Electric Shock. Credit:the new republic

1.Shock-therapy या Shock-treatment ; 5 विज्ञान के प्रयोग में सबसे अजीबो-गरीब पहलू :-

यह जो शोध है यह अजीबो-गरीब 5 विज्ञान के प्रयोग  ( Science Experiment’s ) की सूची में सबसे पहला स्थान ग्रहण करने के लिए बिलकुल लायक है| सन 1961 में Stanley Milgram ने एक अजीब प्रयोग करने की सोची| उस समय नाजी के कुख्यात युद्ध आरोपी Adolf Eichman को दंड देने की ज़िम्मेदारी इन पर था|

सुनने से ही भयानक लगने वाला यह शोध हकीकत में काफी ज्यादा सरल और सीधा था| हमारे द्वारा चुने गए 5 विज्ञान के प्रयोग  ( Science Experiment’s ) की सूची में यह इसीलिए अव्वल पर आता है क्योंकि यह अपने आप में ही एक बड़ी चीज़ है|  इस प्रयोग के लिए दो कमरों की जरूरत पड़ता था| एक कमरे में शोध करता मौजूद था और दूसरे कमरे में जिसके ऊपर यह शोध होने वाला था वह मौजूद था| इस प्रयोग की शुरुआत में इंसान को एक निर्धारित मात्रा में Electric Shock दिया जाता था जो की मुख्य रूप से 4 स्तरों में बंटा हुआ था|

शोध से निकला ये निष्कर्ष

शुरुआती दौर में shock खाने वाले इंसान को 15v का Electric Shock दिया जाता था| बाद में shock की मात्रा धीरे धीरे बढ़ा कर खतरनाक 450v तक पहुँच जाता है| हम आपको यहाँ बता दें की आपके घर में आने वाला बिजली 220v का होता है| इतनी ज्यादा बिजली किसी भी इंसान को दर्द में तड़पा तड़पा कर मारने के लिए काफी था| शोध के दौरान shock खाने वाला इंसान दर्द से चिल्लाता था, यातना से छटपटाता था और दीवार में हाथ पीट पीट कर अपने जीवन की भीख मांगता था| शोध से Milgram ने यह निष्कर्ष निकाला की 450v पाने के बाद इंसान की मौत निश्चित है|

Demikhov’s की दो-सर वाला कुत्ता Credit: russia beyond

2. Demikhov’s की दो-सर वाला कुत्ता;पिछले सदी का सबसे खतरनाक प्रयोग :-

मित्रों अजीबों-गरीब 5 विज्ञान के प्रयोग ( Science Experiment’s ) पर आधारित इस लेख में अब बारी आती है एक ऐसे शोध की जो आपको दांतों तले नाखून चबा देगा| इंसान

की मनमानी आज अपना क्रूर रूप ले चुका है| पिछले सदी में कुछ ऐसे वैज्ञानिक भी थे जो अपने जिज्ञासा से के लिए किसी के भी जीवन से खेल सकते थे| वैसे तो यह शोध जानकारी जुटाने के लिए की गयी थी| परंतु इसके लिए बहुत सारे बे-जबान जानवरों की कुर्बानी दी गयी थी| एक रशियन वैज्ञानिक Vladimir Demikhov ने इस प्रकार के अमानवीय शोधो की शुरुआत की थी|

व्यस्क कुत्ते पर लगाया पिल्ले का सिर

सन 1954 में उन्होंने एक वयस्क German Shepherd कुत्ते के ऊपर एक छोटे से कुत्ते की पिल्ले का सर Surgery के जरिए जोड़ दिया था| यूं तो उस समय इसको देख कर दुनिया भर के संवाददाता चौंक गए थे| परंतु दूसरे जीव वैज्ञानिक इसे बहुत क्रूर शोध के रूप में देखने लगे| Moscow से थोड़ी ही दूरी के जगह पर Demikhov ने इस कुत्ते को बनाया था|

एक बार उसने इस दो-सर बाला कुत्ते को सब के सामने चलवा कर कटोरी में दूध पीने को दिया था| कटोरी को देखते ही कुत्ते की दोनों सर एक साथ झुक कर दूध पीने लगे| इसमें वयस्क कुत्ते का सर तो सही तरीके से दूध पी गया| परंतु Surgery के द्वारा जोड़े गए पिल्ले का सर दूध तो पी रहा था पर धड़ नहीं होने के कारण दूध मुंह के रास्ते बाहर पीछे निकल जाता था|

stanford में किए गए शोध की फोटो Credit:simply psychology

3. The Stanford Prison Experiment, हमारे इस अजीब 5 विज्ञान के प्रयोग की सूची में सबसे से अनोखी :- 

Philip Zimbardo एक बहुत बड़े मनोविज्ञानी थे| उन्होंने एक बार कारा गृह में सजा काट रहे कैदियों के मन की स्थिति को समझना चाहा| मित्रों आपको अब थोड़ा थोड़ा तो जरूर ही पता लग रहा होगा की क्यूँ यह शोध अजीब 5 विज्ञान के प्रयोग (Science Experiment’s) के ऊपर आधारित इस लेख में सबसे अनोखी है|

Zimbardo को एक ही मकसद था की बाद कैसे भी वह कैदियों के मन को पढ़ पाएँ| उनको यह पता लगाना था की क्यूँ कारा गृह में कैदी इतने ज्यादा हिंसा करते है? क्यूँ वह लढते है? हिंसा करने के लिए क्या कारा गृह का वातावरण उन्हे प्रेरित करता है?

नकली काराग्रह और भयानक विद्रोह

उन्होंने stanford psychology department के बेसमेंट अपना ही एक नकली सा कारा गृह बना लिया| उस कारा गृह में उनके द्वारा चयन किए गए यूनिवरसिटि के युवा छात्र रहने के लिए आए जो की कैदियों की भूमिका निभा रहे थे| उन्होंने बिलकुल एक कारा गृह के भांति Guard भी तैनात कर के रखे थे और शोध शुरू किया| शोध के पहले ही दिन में कैदियों ने विद्रोह कर दिया जिसे वहाँ के Guard भी सही तरीके से रोक नहीं पाये|

शोध के पहले छत्तीस घंटों में एक कैदी कारा गृह के वातावरण से घबरा कर वहाँ से निकल आया| इसको देखते हुये पहले के 6 दिनों में और 4 कैदी वहाँ से भाग आए| धीरे धीरे बाकी बचे कैदियों की हालत बिगड़ने लगी और बात इस हद तक पहुँच गयी की Zimbardo को सच का पुलिस बुलाना पड़ा| बाद में स्थिति बेकाबू होने से पहले उन्होंने इस शोध को रद्द करते हुए बाकी कैदियों को छोड़ दिया| वाकई में यह शोध दर्शाता है की कोई भी इंसान को कैसे एक वातावरण परिवर्तित कर सकता है|

5 विज्ञान के प्रयोग
Nikola death ray Credit: all thats interesting

4.Nikola Tesla की Death Ray :- 

यह जो शोध है, यह हमारी अजीब 5 विज्ञान के प्रयोग के ऊपर आधारित इस लेख में सबसे अच्छी और मनुष्य के लाभकारी शोध है| Nikola Tesla यह जो नाम हैं मित्रों यह आप में से शायद ही किसने सुना होगा| बहुत कम ही लोग हैं जो Nikola Tesla के आविष्कारों के बारे में जानते होंगे| Nikola जो हैं वह काफी रहस्यमय इंसान थे और जाहिर सी बात है उनका हर एक आविष्कार भी काफी रहस्यमयी थी|

मित्रों आप सभी ने तो Missile के बारे में सुना होगा जो की काफी तबाही मचा सकते है| परंतु यहाँ मित्रों आप ने कभी यह सोचा है की एक Electric Beam की ताकत Missile से कई गुना ज्यादा होती है| सन 1934 में Nikola जी ने एक ऐसे वस्तु के आविष्कार का दावा किया जो चंद पलों में किसी भी दुश्मन हवाई जहाज का कई दूर से पर-खच्चे उड़ा देने में काबिल था| इसके अलावा उन्होंने stealth तकनीक का भी आविष्कार कर लेना का जिक्र किया था जो की किसी भी देश को अनदेखी सुरक्षा कवच में ढँक कर रख सकता था|

भविष्य वादी Nikola जी ने इस तकनीक के जरिये दुनिया से युद्ध का भी नामोनिशान मिटा देने का भी घोषणा किया था क्योंकि उसके द्वारा बनाई गयी यह सुरक्षा कवच किसी भी देश को दूसरे देश के ऊपर आक्रमण करने का एक भी मौका नहीं देता| परंतु यहाँ अपर होनी को कुछ अलग ही मंजूर था ,सही से फंडिंग न मिलने से उनका शोध करना ज्यादा देर तक संभव नहीं हो पाया और उनका हर एक खोज लुप्त हो गया|

5 विज्ञान के प्रयोग
Brainwashing Credit: CS-Globe

5. Beneficial Brainwashing :-

दोस्तों अब आप सभी ने तो Brainwashing के बारे में कभी ना कभी सुना ही होगा| आप सभी लगता होगा की Brainwashing सिर्फ गलत कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है| परंतु मित्रों यह बात सही नहीं है , क्योंकि अतीत में वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे भी शोध किए है जो इस बात को बिलकुल खंडित करता है| Dr. Ewen Cameron ने पहली बार Brainwashing जैसे चीज़ को सब के सामने रखा था| उस समय उनका कहना था की Brainwashing Schizophrenia जैसे मानसिक बीमारी को दूर कर सकता है| जी हाँ! मित्रों Brainwashing को सबसे पहले इसी कारण से खोजा गया था|

कैसे होता था यह शोध?

Cameron के शोध के हिसाब से वह रोगी के कानों में हैड-फोन लगा कर सकारात्मक चीजों से भरी हुयी audio file को चला देते थे| उनका मानना था की इससे रोगी की मन में बदलाव आएगा और वह अपने बीमारी से छूटकारा पा लेगा| Cameron की audio file में एक ही चीज़ को बार बार repeat करते हुये रोगी को सुनाया जाता था| पहले तो इस शोध में कोई दिक्कत नहीं आइ| परंतु बाद में इस शोध के लिए इस्तेमाल किए गए Barbiturates ने काफी दिक्कत पैदा किया|

Cameron की इस शोध को अमेरिकी जासूसी संस्था C.I.A ने काफी दिलचस्पी दीखाते हुये उनको पैसा देती थी| परंतु जब यह शोध सफल नहीं हो पाया तो संस्था ने Cameron को पैसा देना बंद कर दिया|

तो, मित्रों क्या आपको इस तरीके के और भी शोध के बारे में पता है? जरूर बताएं|..

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Bineet Patel

I am a learner and passionate writer who loves to spread the interesting concepts of science through my writing.

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