Universe

ब्लैक होल के तथ्यों और इसका पूरा विज्ञान – Black Hole Facts In Hindi

क्या आप ब्लैक होल के बारें में इन रोचक बातों को जानते हैं?

Black Hole Facts In Hindi –  नमस्कार मित्रों ,आज हम इस लेख के माध्यम से आपको ब्लैक होल के तथ्यों से जुड़ी एक ऐसी यात्रा पर लेकर जाएंगे जिसे आप शायद ही भूल पाएंगे| तो, मित्रों आप सभी ने तो महाभारत या रामायण के बारे में पहले से जानते ही होंगे|

क्योंकि आज के इस अत्याधुनिक दौर में आप के पास दूरदर्शन की सुविधा होगा ही| हमारा जो मन है मित्रों यह काफी पेंचीदा और अनोखा होता है | इसे जितना भी कुछ दो इसका मन कभी नहीं भरता| इसलिए हर वक़्त हमारा मन कोई एक नई चीज़ को प्राप्त या ग्रहण करने के लिए हर वक़्त तत्पर रहता ही है |

  • Save
ब्लैक होल के अंदर का नजारा Credit:Interesting Engineering

खैर हिन्दू धर्म में मुख्य रूप से 4 वेद , 25 उप-निषद  और 8 पुराण है | इन सभी प्राचीन ग्रन्थों के रचे जाने का एक अलग अलग मकसद है| परंतु अगर हम इन ग्रन्थों को ध्यान से देखें तो हमें पता चलेगा की इन सभी के अंदर एक मूल-भूत बात छिपी हुई है| तो, मित्रों वह मूल-भूत बात क्या है? वह मूल-भूत बात है बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत या अंधकार के ऊपर प्रकाश की जीत या तो फिर अधर्म पर धर्म की जीत| हमारे पुराणों को अनुसार प्राचीन काल में दानवों को बुराई का प्रतीक माना गया है| आप सभी ने इनका क्रूर रूप और अत्याचार को T.V पर देखा ही होगा| ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) के विषय के बारे में बोलने से पहले अंतरिक्ष के इन दानवों ले बारे में थोड़ा परिचय ले लेते हैं|

ब्लैक होल का परिचय :-

पुराणों में वर्णित दानवों की तरह ब्लैक होल भी अंतरिक्ष में विनाश का खेल खेलते ही रहते हैं| मित्रों , ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) की शुरुआत खुद ब्लैक होल से ही होती है|

इस ब्लैक होल का  अपना कोई वजूद नहीं होता है| इसका वजूद बनता है दूसरे खगोलीय वस्तु यों को नियमित रूप से निगल निगल कर| ब्लैक होल खुद के वजूद के लिए दूसरे नक्षत्र पर निर्भर रहता है| ब्लैक का आकार इसी वजह से काफी बड़ा होता है| तो, मित्रों आज आपको हमारे द्वारा लिखी गयी इस ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) की लेख से ब्लैक होल के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ मिलेगा|

इसीलिए अधिक जानकारी के लिए कृपया लेख को पढ़ते रहें| अगर हम ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) और इससे जुड़ी रोचक बातों के बारे में जानना चाहते है तो , सबसे पहले हमें ब्लेक होल को शुरू से अंत तक समझना होगा | तो चलिये सबसे पहले इसका परिभाषा ही जान लेते हैं|

  • Save
ब्लैके होल के निकट का नजारा Credit:Jila

ब्लैक होल की परिभाषा क्या है? – What is Black Hole in Hindi?

जैसा की हमने आपको पहले ही बता रखा है की,अगर आप ब्लैक होल की परिभाषा को जान लेते हैं तो आप  ब्लैक होल के तथ्यों को आसानी से चंद मिनटों में समझ जाएंगे| तो इसका संज्ञा विज्ञान की भाषा में कुछ तरीके से है;

“ब्लैक होल- अंतरिक्ष का एक हिस्सा है , जहां गुरुत्वाकर्षण शक्ति अंतरिक्ष के बाकी जगहों की मुक़ाबले सबसे ज्यादा होती है ( चरम सीमा )| इस गुरुत्वाकर्षण शक्ति की तीव्रता इतनी ज्यादा होती है की इससे ब्रह्मांड का कोई भी वस्तु , विकिरण और यहाँ तक की प्रकाश भी नहीं निकल पाती”|

सरल भाषा में ब्लैक होल :-

ब्लैक होल के तथ्यों की इस लेख में हमने आपको पहले से बता रखा था की , यह एक दानव है| यहाँ मित्रों, दानव का मतलव बड़े-बड़े सिंग और लंबे-लंबे नुकीले दातों वाले दानवों की बात हम नहीं कर रहें है| हमने ब्लैक होल को इसकी आकार को देख कर ही इसे दानव कहा है| तो, चलिए हम ब्लैक होल को एक उदाहरण के माध्यम से समझते है|

उदाहरण के साथ ब्लैक होल :-

मित्रों, आप सभी ने तो निश्चित रूप से गेहूं पीसने की मशीन तो देखा ही होगा जिसमें से आटा निकाला जाता है| तो, यहाँ पर हमने गेहूं पीसने के मशीन की ब्लैक होल के साथ तुलना करने जा रहें हैं| जैसे गेहूं के मशीन में डाले जाने पर मशीन खुदवा खुद घूमते घूमते धीरे धीरे मशीन में डली हुई सारी गेहूं को निगल जाती है| ठीक इसी तरह अंतरिक्ष में ब्लैक होल घूमते घूमते अपने गुरुत्वाकर्षण शक्ति के माध्यम से अपने चारों तरफ मौजूद हर एक चीज़ को धीरे धीरे निगल कर अपने अंदर समा लेता है|

यहाँ ध्यान में रखनी वाली बात यह है की गेहूँ पीसने वाले मशीन से आखिर में हमें आटा देखने को मिलता है , परंतु ब्लैक होल के अंदर एक बार समा जाने के बाद कोई भी चीज़ हमें देखने को नहीं मिलती|

( मित्रों हमने यहाँ आप सभी को समझाने के लिए गेहूं पीसने वाली मशीन और ब्लैक होल की तुलना की है और हम आपको यह भी बता दें की इन दोनों को आप पूर्ण रूप से एक साथ जोड़ कर नहीं देख सकते है क्यूंकी यह दोनों चीज़ें भौतिक विज्ञान के अलग अलग सिद्धांतों के ऊपर काम करते है| )

तो, चलिए ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) के ऊपर आधारित इस लेख में आगे बढ़ते हैं| अच्छा अन्य किसी भी विषय पर जानने से पहले थोड़ा चलिए ब्लैक होल के इतिहास बारे में जान लें|

ब्लैक होल के तथ्यों से जुड़ी इसकी इतिहास :- History of the Black Hole Fact’s in Hindi.

ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) के बारे में सोचना सबसे पहले ब्रिटिश वैज्ञानिक John Michell ने की थी| 1784 में उन्होंने सबसे पहले ब्लैक होल के बारे में जिक्र किया था| उनका कहना था की अगर किसी भी वस्तु का घनत्व सूर्य के समान हो जाए और इसका अर्ध-व्यास सूर्य की व्यास के मुक़ाबले 500:1 के अनुपात का हो जाए तो वह वस्तु अंतरिक्ष में ब्लैक होल बन जाता है|

इस परिस्थिति में उस सघन हुए वस्तु का Escape Velocity प्रकाश की गति से भी ज्यादा हो जाएगा| यहाँ पर उन्होंने और भी कहा था की इस प्रकार के बृहत कार चीजों को हम आसमान में खुले आँखों से देख नहीं सकते| उनका यह कहना सही भी था क्योंकि ब्लैक होल का नाम ही इसकी रूप को दर्शाता है| खैर उन्होंने बाद में कहा की ब्लैक होल को उसके आसपास मौजूद और निगले जाने वाले  चीजों से निकलती हुई प्रकाश के माध्यम से देखा जा सकता है|

मित्रों, ऐसे ही हुया था ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) के बारे में जानने की शुरुआत| अभी मित्रों थोड़ा ब्लैक होल के थिओरी ( Black Hole Theory ) के बारे में जान लेते है|

ब्लैक होल के तथ्यों को ले कर Einstein की थिओरी :- The theory of general Relativity.

ब्लैक होल के थिओरी का जन्म Einstein के द्वारा दी गयी सापेक्षता की थिओरी ( The theory of Relativity ) के ऊपर आधारित है| यही थिओरी के माध्यम से आज हमारे वैज्ञानिक ब्लैक होल के तथ्यों को सब के सामने उजागर करने में सक्षम रहें हैं|

                    E=mc^2 ( Basic formula of the theory )

1915 में Einstein ने प्रकाश की गति को अपना मूल ढांचा बना कर इस थिओरी को गढ़ा था| बाद में Karl Schwarzschild ने ऊपर दिए गए फॉर्मूला का हल निकाल कर ब्लैक होल की दुनिया में और एक नया अध्याय जोड़ दिया| इसी हल के साथ यह भी प्रमाणित हुआ की ऊर्जा और द्रव्य मान को आपस में बदला जा सकता है|

इसके अलावा इससे Singularity का भी किस्सा सामने आया| हम आपको बता दें की ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) की बातें Singularity के ही इर्दगिर्द घूमता रहता है| हम आपको Singularity के ऊपर आगे चल कर ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) के ऊपर आधारित इस लेख में जरूर बताएंगे|

ब्लैक होल के ऊपर होने वाले आविष्कार :- Discoveries related to Black Hole.

1958 तक वैज्ञानिकों में Einstein के द्वारा दी गयी खगोलीय वस्तु के व्यास और उसके आस पास के वातावरण के जानकारी के ऊपर बहुत विवाद और आलोचना चलता रहा| इन्हीं वैज्ञानिकों में भारतीय मूल के वैज्ञानिक Subramanyan Chandrasekhar में भी शामिल थे|

1958 में जब David Finkelstein ने Event Horizon का खोज किया तो यह एक ऐतिहासिक पल के रूप में इतिहास में लिखित हो गया| यह जो Event Horizon है, यह ब्लैक होल का वह जगह है जहां से कोई भी वस्तु एक बार चला जाए तो वह वापस लौट कर कभी भी इस ब्रह्मांड में नहीं आती| परंतु यहाँ इतनी बड़ी खोज होने के बाद भी ब्लैक होल को सिर्फ किताबी थिओरी के रूप में वैज्ञानिक देखते थे| 1969 में जब Pulsar’s का सबसे पहले खोज हुया था तो ब्लैक होल को अपना अस्तित्व जताने के लिए एक नया मौका मिला|

कहने का मतलब यह है की , Pulsar’s के खोज के बाद ब्लैक होल को Worm Hole की तरह न देख कर उसको एक अलग ही नजरिये से देखे जाने लगा| तो,मित्रों वादे के मुताबिक चलिये अब थोड़ा Singularity के ऊपर विशेष नजर डाल लेते हैं|

Singularity,ब्लैक होल के अंदर का रहस्य – Inside the Black Hole.

मित्रों ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) के मूल केंद्र विंदु में मौजूद है यह Singularity. जानना चाहते हैं कैसे! तो सुनिए , Singularity ही है जो ब्लैक होल के अंदर रह कर उसे रहस्यमय बनाता है| अगर हम किसी को पूछें की दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य क्या है ? तो , शायद उसका जवाब ब्लैक होल होगा पर वास्तविक में यह जवाब सही नहीं है| Singularity ही सबसे अन-सुलझी और अनजानी बात है इस पूरे विश्व मैं| किसी को नहीं पता की Singularity में परिणत होने के बाद उस वस्तु या शरीर का क्या होता है|

कुछ लोग कहते हैं की Singularity में परिणत हो जाने के बाद वह वस्तु कई-आयामी का हो जाता है| खैर यह थोड़ा अलग विषय हो जाएगा , इसलिए हमारे मुख्य विषय पर आते हैं| सरल भाषा में कहा जाए तो Singularity इस संसार का सबसे छोटा एकक है| यह परमाणु से भी छोटा है| परंतु यहाँ चौकने वाली बात यह है, की इतने आकार में इतने छोटा होने के बाद भी इसका घनत्व ( पूरे ब्लैक होल का द्रव्य मान ) अनंत है| यह इतना छोटा है की वैज्ञानिकों ने इसकी आयतन को शून्य माना है| तो कुल मिला कर कहा जाए तो Singularity को तो हम देख नहीं सकते और इसके द्रव्य मान का हम हिसाब नहीं लगा सकते|

ब्लैक होल की सरंचना,आसान भाषा में :- Structure of Black Hole In Hindi.

मित्रों अब तक तो आप ब्लैक होल क्या है ? (What is Black Hole ) और इससे जुड़ी थिओरी के बारे में ब्लैक होल के तथ्यों ( Black Hole Fact’s ) से जुड़ी इस लेख के माध्यम से तो जान ही चुके होंगे|

इसलिए अब बारी आती है ब्लैक होल के संरचना के बारे में| यहाँ पर आपको चिंता करने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है,क्योंकि हम आपको बिलकुल ही आसान भाषा में समझाने जा रहे है|

मित्रों अगर हम हमारे घर को बारीकी से देखेंगे तो हमें इसकी एकक के बारे में पता चलेगा| एकक यानी इसकी मौलिक पदार्थ जिससे यह बनी हुई है| घर का एकक होता है ईंट और ईंटों को जोड़ जोड़ कर घर बनाई जाती है| ईंटों के अलावा हमें सीमेंट, बालू , गिट्टी जैसे और भी चीजों की जरूरत पड़ती है| इसलिए अगर हम घर को कई सारे चीजों का मिश्रण का फल कहे तो गलत नहीं होगा| ठीक इसी तरह हर एक ब्लैक होल बहुत सारे मौलिक उपादानों से बनी हुई होती है| परंतु हम यहाँ बात तो जटिल न बनाते हुए सिर्फ उन मौलिक चीजों के बारे में आपको बताएंगे जो वाकई में आपको जानने की जरूरत है|

ब्लैक होल की मुख्य मौलिक पदार्थों की सूची :-

मुख्य रूप से ब्लैक होल की संरचना ही ब्लैक होल के तथ्यों  ( Black Hole Fact’s ) की मूल और प्रधान कड़ी है|

इसमें 6 उपादानों को बहुत खास बताया गया है| पहले और दूसरे उपादान का नाम Singularity और Event Horizon है जिसके बारे में हमने आपको पहले से ही बता रखा है| अब बारी आती है अन्य उपादानों की;

  • Schwarzschild Radius :-

यह ब्लैक होल के संरचना का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण उपादान है| Schwarz Schild ने ही सबसे पहले इसे खोज कर निकाला था| इसका मुख्य काम है Event Horizon की व्यास को एक निर्धारित अंकों में माप कर प्रकाश करना| यह Event Horizon की एक निर्दिष्ट माप को भी स्थिर करता है| माना जाता है की जब Schwarschid Radius का माप अगर बढ़ जाए तो ब्लैक होल की Escape Velocity प्रकाश के तेजी से भी ज्यादा हो जाती है|

इस व्यास को हिसाब करने के लिए एक फॉर्मूला भी दिया गया है जो की है ;

                                        R= 2GM/c^2

  • Accretion Disk :-

यह ब्लैक होल से संरचना का चौथा सबसे महत्वपूर्ण उपादान है| यह ब्लैक होल का वह हिस्सा है जिसको  हम ब्लैक होल की तस्वीरों में आम तौर पर देखते है| यह वास्तव में तारकीय चीजों से बनी चपटी डिस्क आकृति का उपादान है| यह नियमित रूप से ब्लैक होल  के अंदर समाती रहती है| इसी डिस्क की वजह से हम ब्लैक होल को देख पाते हैं| अगर यह नहीं होता तो शायद हम ब्लैक होल की तस्वीर को भी नहीं देख सकते|

  • Ergosphere :-

यह ब्लैक होल संरचना का पाँचवाँ उपादान है |ब्लैक होल हमेशा मुख्य रूप से एक निर्दिष्ट गति में घूमता ही रहता है| यह कोई स्थिर खगोलीय चीज़ नहि होती| इसका गति ज़्यादातर चक्र के रूप में होता रहता है| ब्लैक होल की असीम ताकत के कारण इसके आसपास के सभी चीज़ें की घूमने की गति चक्र के आकृति का हो जाता है| इसलिए ब्लैक होल के आसपास का space time भी घूमता रहता है| इसी घूमने वाले हिस्से को Ergosphere कहा जाता है| देखने में यह काफी खूबसूरत और आकार में बहुत बड़ा होता है|

  • Jets of Gas :-

  • Save
Jets of Gas Credit:Esa Hubble

यह ब्लैक संरचना का छटा और आखिरी उपादान है|आपने अगर ब्लैक होल के तस्वीर का एक भी झलक देखा होगा तो भी आप इस चीज़ को पहचान जाएंगे| ब्लैक होल के केंद्र से आपको हमेशा एक चमकीली लकीर उससे निकलते हुए नजर आयेगा| वास्तव में यह चमकीली लकीर और कुछ नहीं बल्कि charged particles का गैस होता है|

दरअसल ब्लैक होल की तीव्र चुंबकीय क्षेत्र उमसे पड़ने वाले वस्तु यों की आणविक संरचना को विखंडित करते हुए उस वस्तु में मौजूद परमाणुयों को charged particles में तबदील कर देता है| यह charged particles बाद में किसी एक jet विमान से निकली धुएँ की तरह ब्लैक होल से निकल कर अंतरिक्ष में विलय हो जाते है| इन गैसों का उत्क्षेपण गति इतना तेज होता है की यह कई करडों किलोमीटर तक चले जाते हैं|

दोस्तों ब्लैक होल के बारे में इतने सारी बातों को जानने के बाद अब बारी आती है , ब्लैक होल के रोचक तथ्यों  ( Black Hole Fact’s ) और इससे जुड़ी दिलचस्प सवालों का जवाब देने का,चलिए बिना किसी देरी करते हुए लेख में आगे बढ़ते है|

  1. अगर हम ब्लैक होल के अंदर गिर जाएँ तो हमारे शरीर का क्या होगा? What Happen if you fall into the Black Hole in Hindi?

मित्रों यह जो सवाल है न , यह हर किसी के मन में उठने वाला सवाल है| परंतु दुख की बात यह है की इसके बारे में कोई ज्यादा पूछता या बताता नहीं है| परंतु चिंता मत कीजिए हम है न! हम आपको बताएंगे अगर आप ब्लैक होल के अंदर गिर जाएंगे तो आपका क्या होगा और भी सरल भाषा में|

हम सब का शरीर जैविक परमाणुयों की मिलन से बनी हुई है , जिसमें कार्बन ( C ) , हाइड्रोजन ( H ) और ऑक्सिजन ( O ) मुख्य हैं| जब हम ब्लैक होल के अंदर धीरे धीरे गिरते जाएंगे तो हमारा समय धीरे धीरे थमना शुरू हो जाएगा| अगर कोई व्यक्ति दूर से हमें ब्लैक होल के अंदर गिरता हुआ देखेगा तो उसे हम धीरे धीरे आँखों से ओझल होते हुए नजर आएंगे| ब्लैक होल के अंदर गिरते समय अगर हम एक घड़ी को पहने रहते हैं तो हम साफ साफ घड़ी के सुई का घूमने के गति धीमे धीमे थमते हुए देखेंगे| हालाकी जब तक हम ब्लैक होल की Event Horizon तक नहीं पहुंचे होंगे तबतक हमारे शरीर को कोई क्षति नहीं पहुंचेगा|

Event Horizon पर पहुँचने के बाद :-

हमको  Event Horizon पर पहुंचने से पहले सिर्फ अंधकार और Tidal Effect की थोड़ी बहुत प्रभाव महसूस होने लगेगी| जब हम Event Horizon पहुँच जाएंगे तो हमारे शरीर पर ब्लैक होल की ताकतवर चुंबकीय क्षेत्र और गुरुत्वाकर्षण शक्ति एक ही झटके में खाने वाले चाउमीन के भांति दोनों और से खींच कर लंबा कर देगी| इसे विज्ञान की भाषा में Spaghettifiucation कहते हैं| Spaghettifiucation को हमारा शरीर एक सीमित

ब्लैक होल के तथ्यों
  • Save
Event Horizon Credit:Esa Hubble

झेल पाएगा जिसके बाद हमारे शरीर का अति-क्षुद्र विखंडन प्रक्रिया शुरू हो जाएगा| इस प्रक्रिया के खतम होते होते हम दम तोड़ चुके होंगे और आखिरी में हमारे शरीर का हर एक परमाणु Singularity को प्राप्त कर चुका होगा|

तो दोस्तों कुछ इस तरीके से हमारा अंत चंद पलों में ब्लैक होल के अंदर हो जाएगा|

2.  ब्लैक होल के तथ्य की सूची में और एक सवाल , क्या हमारा पृथ्वी एक ब्लैक होल बन सकता है? Can our earth become a Black Hole ?

अगर आपको इस सवाल का जवाब चाहिए तो आपको थोड़ा भौतिक विज्ञान के कुछ मूल बातों को जानना होगा| हमने इस लेख में पहले से ही Schwartz Radius के बारे में बता रखा है| अगर हम इस Radius के दिये गए फॉर्मूला को इस्तेमाल करते हुए इससे पृथ्वी का न्यूनतम ब्लैक होल बनने की व्यास का परिमाप निकालते हैं तो वह 1.67 c.m होगा| तो हाँ विज्ञान के दृष्टि से देखें तो यह मुमकिन है|

परंतु आप थोड़ा सोचिए 6375 k.m की इतने बड़े पृथ्वी को इतने छोटे से गेंद में परिणत करने के लिए कितनी ऊर्जा की जरूरत पड़ेगी| खैर मनुष्य के लिए यह करना नामुमकिन है और मनुष्य भी क्यूँ चाहेगा की उसका घर ब्लैक होल में विलय हो जाए|

3. सूर्य अगर ब्लैक होल बन जाएगा तो पृथ्वी का क्या होगा? – What will happen to earth if Sun becomes a Black Hole?

यह जो सवाल है यह हमारे मन में भी बहुत ज्यादा दिलचस्पी जगा देता है| तो चलिये मित्रों इसके बारे में भी थोड़ा जान लेते है| हाला की ऐसे होने का आसार बहुत कम ही हैं पर फिर भी मान लीजिये की सूर्य ब्लैक होल बन गया| ब्लैक होल बनने के बाद सूर्य का आकार तो छोटा हो जाएगा परंतु उसका द्रव्य मान तो वैसे का वैसा ही रहेगा ना! क्योंकि यह हमेशा Constant रहता है| द्रव्य मान में बदलाव न होने से उसके महाकर्षण शक्ति में भी कोई बदलाव नहीं आएगा|

इसी वजह से सौर मंडल की हर एक ग्रह अपने अक्ष पथ से भटकेंगे नहीं और पहले की तरह घूमते रहेंगे| वैसे ब्लैक होल होने के बाद भी सूर्य ग्रहों को तो नहीं निगलेगा परंतु हाँ ! ब्लैक होल बनने से सूर्य का प्रकाश खत्म हो जाएगा| प्रकाश नहीं आने से पृथ्वी पर अंधकार का साया घिर जाएगा और ठंड से प्रकृति बर्फ के भांति बन कर खतम हो जाएगी|

4. पृथ्वी के सबसे करीब कोनसा ब्लैक होल है ? – What is the Closest Black Hole to the Earth ?

यह ब्लैक होल के संदर्भ में ज्यादा पूछे जाने वाला सवाल है| हमारे सबसे करीब का ब्लैक होल का नाम V616 Monocerotis है| यह हमसे 3000 आलोक वर्ष की दूरी पर है| इसका द्रव्य मान सूर्य के द्रव्य मान से 10 से 11 गुना ज्यादा है| इतनी दूरी से यह ब्लैक होल हमें निगल तो नहीं सकता|

परंतु हम आपको यह बता देना चाहते हैं की हमारे आकाश-गंगा के केंद्र में एक बहुत बड़ा ब्लैक होल है ( Biggest Black Hole ) , जो की Supermassive Black Hole की विभाग में आता है| इसका नाम Sagittarius A है और यह हमसे 27,000 आलोक वर्ष के दूरी पर है| इतनी दूरी से यह ब्लैक होल भी पृथ्वी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है|

5. क्या हम एक दिन ब्लैक होल के अंदर समा जाएंगे ? – Will we one day merged into the Black Hole?

दोस्तों आदि है तो अंत भी निश्चित है| एक न एक दिन हम सभी को इस संसार से जाना ही है| खैर विषय पर आते है , जैसे की हमने आपको सवाल क्रमांकन 4 के जवाब में बताया की हमारा पृथ्वी आसानी से ब्लैक होल की चपेट में नहीं आ सकता , क्योंकि हमसे करीब के दोनों ही ब्लैक होल हमसे बहुत दूरी पर हैं|

ब्लैक होल के तथ्यों
  • Save
Andromeda Galaxy Credit:The Great Courses Plus

परंतु हाँ! हमारे पृथ्वी एक दिन ब्लैक में समा जाने का संभावना बिलकुल है| हमारे सबसे करीब का आकाशगंगा Andromeda हमारे गैलेक्सी की तरफ बढ़ता ही जा रहा है| एक अनुमान से हमारी आकाशगंगा ओर Andromeda की टक्कर

आज से 4 अरब साल बाद होगा| इसी टक्कर के दौरान Andromeda के केंद्र में मौजूद ब्लैक होल जो की सूर्य के द्रव्य मान से करोड़ों गुना ज्यादा द्रव मान का है वह हमारे पृथ्वी को निगल सकता है|

तो, दोस्तों आपको क्या लगता है हमारा पृथ्वी ब्लैक होल से सुरक्षित हैं या नहीं ? Comment में जरूर बताइएगा| धन्यवाद!

Tags

Related Articles

Back to top button
Close
13 Shares