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अंतरिक्ष से जुड़ी कुछ बेहद ही रोचक बातें – Astonishing Cosmos Facts In Hindi

सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश को आने के लिए 8 मिनट के बजाए कैसे लगते हैं 100,000 वर्ष? जाने इस लेख के अंदर

राज! समंदर की गहराई से ले कर अंतरिक्ष की काली चादर से लिपटी माहौल तक हर एक जगह आपको कुछ न कुछ राज देखने को मिलते ही हैं| हमारे जीवन में अकसर बहुत प्रकार की ऐसे घटनाएं घटती है जिसके बारे में हम लोग चाह कर भी दूसरों को बता नहीं सकते हैं और वही बात हमारे दिल में एक राज बनकर रह जाता ही। मित्रों! जीवन से संबंधित कोई राज हो या अंतरिक्ष से संबंधित कोई राज ( cosmos facts in hindi) हर एक राज का अपना ही एक अलग महत्व होता हैं।

अब आप यहाँ पर सोच रहें होंगे की आखिर मेँ आज सिर्फ राज-राज ही क्यूँ कर रहा हूँ! मित्रों, इसके पीछे भी एक खास वजह हैं| आज हम लोग अंतरिक्ष से जुड़े कुछ बहुत ही अज्ञात राज (cosmos facts in hindi) के बारे में बात करेंगे। आज हम लोग अंतरिक्ष से जुड़ी उन पहलुओं के बारे में बात करेंगे जिसको शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा| मित्रों! अंतरिक्ष एक रहस्यमय चीजों से भरी भूल-भुलाया है, इसके बारे में जितना जानना चाहो उतना ही यह हमें अंजान लगता हैं।

इससे जुड़ी कुछ मूल भूत बातें :-

अंतरिक्ष से जुड़ी और एक मजेदार बात यह है की हर रोज वैज्ञानिक कुछ न कुछ अंतरिक्ष से जुड़ी नई चीज़ सामने ला रहें हैं| इसलिए यह नई चीजों के बारे में जानने का चक्र कम से कम अंतरिक्ष के क्षेत्र में कभी खत्म नहीं होने वाला हैं और मेँ ऐसे ही अंतरिक्ष से जुड़ी लेखों को लाने की चक्र को सदैव बना कर रखूँगा| इसलिए आप हमारे पेज को अवश्य ही फॉलो करते रहिएगा।

तो, चलिए आज के इस लेख में उन अंजान, अनसुनी और दिलचस्प बातों को एक नए ही ढंग से जानने की कोशिश करते हैं| मेरे साथ इस लेख में आरंभ से अंत तक बने रहिए और लेख का आनंद लेते रहिए।

अंतरिक्ष से जुड़ी अंजान बातें – Astonishing Cosmos Facts In Hindi :-

लेख के इस भाग में मेँ आपको अंतरिक्ष से जुड़ी बहुत ही अजब बातों के बारे में (cosmos facts in hindi) जिक्र करूंगा, तो इसे जरा गौर से पढ़िएगा|

1. 400 साल पहले इस व्यक्ति ने सबसे पहले अंतरिक्ष में झाँका था :-

आज के समय में ज़्यादातर लोगों को यह लगता है की, अंतरिक्ष में होने वाले योजना पिछले कुछ दशकों की मेहनत की नतीजा हैं| परंतु थोड़ा ठहरिए, आपकी यह सोच पूर्ण रूप से गलत हैं| क्योंकि अंतरिक्ष के बारे में खोज बिन आज से 400 साल पहले ही शुरू हो गया था| जी हाँ! सुनकर बहुत ही अजीब लगेगा परंतु यह सच हैं|

आज से 400 पहले गॅलिलिओ (Galileo) जी ने अपने टेलिस्कोप के माध्यम से अंतरिक्ष में सबसे पहले झाँका था|

2. पृथ्वी में खिले फूल का सुगंध और अंतरिक्ष में खिले फूल (वही समान फूल) का सुगंध अलग-अलग होता है :-

कभी आपने सोचा हैं की, हम जो पृथ्वी पर फूल देख रहें हैं उस फूल का सुगंध आखिर हमारे नाकों के अंदर किस वजह से आती हैं! खैर उसके बारे में बाद में किसी दूसरे लेख में बात करेंगे, परंतु यहाँ मेँ आपको एक बहुत ही खास तथ्य के बारे में बताऊंगा|

कुछ वातावरण से जुड़ी कारणों (तापमान,नमी आदि) के वजह से पृथ्वी में खिले फूल का सुगंध और अंतरिक्ष में खिले फूल का सुगंध अलग-अलग होता हैं|

3. रबर की भांति है अंतरिक्ष! :-

सुनकर थोड़ा अजीब अवश्य ही लगेगा, परंतु यह बात पूर्ण रूप से सत्य हैं| अंतरिक्ष एक रबर की भांति चीज़ हैं| रबर जैसे खींचने पर लंबा हो जाता है, उसी तरह अंतरिक्ष भी किसी महा कर्षण शक्ति के कारण खींचता ही चला जा रहा हैं| मित्रों! आपको जानकर हैरानी होगा की हर एक क्षण हमारे अंतरिक्ष और भी ज्यादा बड़ा और रहस्यमय बनता ही जा रहा हैं| इस लेख को आप पढ़ के खत्म करने तक अंतरिक्ष पहले के मुक़ाबले कई गुना बड़ा हो चुका होगा|

4. अंतरिक्ष में पानी दिखाता है यह अजीब चमत्कार! :-

मित्रों! अगर आप पृथ्वी पर पानी को गरम करेंगे तो, उसमें आपको कई सारे बुल-बुले बनते हुए नजर आएंगे| परंतु क्या आप जानते है, अंतरिक्ष में अगर आप पानी को गरम करते हैं तब उसके अंदर आपको कई सारे बुल-बुलों की जगह सिर्फ एक बड़ा सा बुल-बुला तैरता हुआ नजर आएगा|

पानी के इस गुण को वैज्ञानिकों ने बुयोंसी और गुरुत्वाकर्षण बल के न होने का प्रभाव माना हैं| हालांकि! मेँ आपको यहाँ बता दूँ की इसके बारे में किसी वैज्ञानिक ने पूर्ण रूप से औपचारिक तौर पर पुष्टि नहीं की हैं|

5. पृथ्वी से अंतरिक्ष में सबसे पहले इंसान नहीं यह कुत्ता गया था! :-

अंतरिक्ष में जाने के लिए इंसान आज तक बहुत सारे प्रयास और शोध कर चुका हैं| उसके लिए अंतरिक्ष में जाना एक सपने की भांति हैं, जो की उसने पहले भी कई बार पूरा कर चुका हैं| परंतु क्या आप जानते है, अंतरिक्ष में सबसे पहले पृथ्वी से जाने वाला जीव इंसान नहीं बल्कि एक कुत्ता हैं|

1957 में सोविएत संघ के द्वारा लाइका” नाम के एक कुत्ते को स्पूत्नीक अंतरिक्ष यान के द्वारा अंतरिक्ष में छोड़ा गया था| इसी हिसाब से यह कुत्ता अंतरिक्ष में दाखिल होने वाला पृथ्वी का पहला जीव था|

6. यह थी अंतरिक्ष में दाखिल होने वाली पहली महिला ! :-

ज़्यादातर परीक्षाओं में अंतरिक्ष में दाखिल होने वाली पहली महिला का नाम लिखने का प्रश्न अकसर ही आता हैं| इसलिए एक बार इस प्रश्न के उत्तर के ऊपर भी नजर डाल लेते हैं| साल 1963 में रुषि अंतरिक्ष वैज्ञानिक वेलेंटीना टेरेस्कोवा अंतरिक्ष में दाखिल होने वाली पहली महिला थीं|

उन्होने ने वोस्टोक 6 से अपना पहला उड़ान भरा था| मित्रों! टेरेस्कोवा जी को उनके गौरव मई कैरीयर के लिए आज भी याद किया जाता हैं|

7. अंतरिक्ष में आपके शरीर के पसीने के साथ कुछ ऐसा होता हैं! :-

साधारण रूप में पृथ्वी पर आपके शरीर से गर्मियों के दिन बहुत ही ज्यादा पसीना निकलता हैं| मित्रों! पसीना निकलने का मूल कारण है आपके शरीर को गर्मी से बचाए रखना| पसीने के वजह से ही आपका शरीर ठंडा हो जाता है| परंतु अंतरिक्ष में आपके पसीने के साथ कुछ बेहद ही अजीब बात घटती हैं|

अंतरिक्ष में हिट कन्वेक्शन नहीं होता है, जिसकी वजह से आपका शरीर धीरे-धीरे ठंडा होता ही रहता हैं| इसी कारण से अंतरिक्ष में पसीना पृथ्वी के भांति नहीं निकलता हैं और अगर निकलता भी है, तो वह शरीर के त्वचा से पूर्ण रूप से चिपक कर रह ही जाता हैं|

8. अंतरिक्ष में आँखों के ऊपर यह कू-प्रभाव पड़ता हैं! :-

पृथ्वी में इंसानों के ऊपर गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा की पड़ता ही रहता हैं| इसी वजह से शरीर के अंदर बहनी वाली जैव-रासायनिक पदार्थ खून और दूसरे तरल माध्यमों के जरिए एक संतुलित अवस्था में बहता ही रहता हैं|

परंतु अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल का अभाव ज़्यादातर जैव-रासायनिक पदार्थों को शरीर के ऊपरी हिस्से में जमा कर देता हैं| इसके वजह से दिमाग और आँखों के ऊपर बहुत ही ज्यादा कू-प्रभाव डालता हैं| इसी वजह से अंतरिक्ष में रहने वाले वैज्ञानिकों की आँखों की शक्ति कम हो जाती हैं|

9. अंतरिक्ष में ज्यादा तेजी से बढ़ते है बैक्टेरिया :-

जानकर थोड़ा अटपटा अवश्य की लगेगा, परंतु अंतरिक्ष की यह अज्ञात बात (cosmos facts in hindi) आपको जरूर ही भा जाएगा| पृथ्वी पर बैक्टेरिया का बढ्ना कोई ज्यादा असाधारण बात नहीं हैं, परंतु अंतरिक्ष में बैक्टेरिया का बढ़ना एक बहुत ही गज़ब की बात हैं|

वैज्ञानिकों के द्वारा ISS में किए गए एक शोध से यह पता चला है की, अंतरिक्ष में ई-कोली नाम का एक किटाणु बहुत तेजी से बढ़ता हैं| और भी गौर से अध्ययन करने से पता चला है की पृथ्वी के मुकाबले यह किटाणु अंतरिक्ष में दो-गुनी तेजी से बढ़ते हैं|

10.घर बैठे अपने टीवी पर आप हमेशा देखते है बिग-बैंग! :-

शीर्षक पढ़ के ज़्यादातर लोगों को झटका लगने वाला हैं| क्योंकि यह बात ही कुछ ऐसी हैं| आखिर कैसे कोई घर में बैठ कर अपने टीवी के जरिए बिग-बैंग को देख सकता हैं| यह तो हो ही नहीं सकता| परंतु दोस्तों गौर से सुनिए| जब आप अपने घर में बैठ कर अपने टीवी को ऑन करते हैं, तब कुछ समय के लिए आपके टीवी के अंदर स्टेटिक एनर्जि चली आ जाती हैं|

Static TV - Cosmos Facts In Hindi
A static TV

यह स्टेटिक एनर्जि कोई आम एनर्जि नहीं हैं, यह एनर्जि है बिग-बैंग की | जी हाँ!कोई भी चैनल बदलने के दौरान या टीवी को ऑन करने के बाद 1% स्टेटिक एनर्जि आपके टीवी के अंदर बिग-बैंग के प्रभावों से ही आता हैं|

11. बिग-बैंग एक धमाका नहीं हैं! :-

बचपन से ही आप पढ़ते हुए आए होंगे की बिग-बैंग के धमाके से ही यह ब्रह्मांड बना हैं| परंतु दोस्तों यह बात पूर्ण रूप से सत्य नहीं हैं| जी हाँ! आपने सही सुना हैं| बिग-बैंग सिर्फ एक धमाका नहीं हैं, यह एक धमाके से बढ़ कर हैं| ज़्यादातर लोगों को बिग-बैंग एक धमाके सा प्रतीत होता है, परंतु मेँ आपको यहाँ बता दूँ की बिग-बैंग एक धमाका नहीं हैं|

Big Bang - Cosmos Facts Hindi

ज़्यादातर वैज्ञानिक यह मानते हैं की, बिग-बैंग एक धमाके की बजाए अंतरिक्ष के फैलाव का प्रक्रिया हैं| जी हाँ! बिग-बैंग के बाद ही यह अंतरिक्ष हर एक क्षण फैलता ही जा रहा हैं| अब बताइए आपको अंतरिक्ष के अज्ञात बातों (cosmos facts in hindi) के ऊपर आधारित इस लेख में बहुत कुछ सीखने को मिल रहा हैं न! आपका जवाब हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं|

इसके अलावा इस तरह के रोचक लेखों को भविष्य में पढ़ते रहने के लिए आप हमारे फेसबूक पेज को भी लाइक कर सकते हैं|

12. आप चाहें तो इतने बड़े ब्रह्मांड को एक माइक्रोस्कोप के नीचे भी देख सकते हैं! :-

अब शीर्षक पढ़ कर मेरी बातों पर किसी को शायद यकीन नहीं आएगा, परंतु यह बात पूर्ण रूप से सटीक हैं| जी हाँ ! आप पूरे के पूरे ब्रह्मांड को एक माइक्रोस्कोप के नीचे देख सकते हैं वसर्ते आपको एक विशेष बात का ध्यान रखना होगा|

कुछ वैज्ञानिक मानते है की हम लोग बिग-बैंग होने के बाद के 10-43 सेकंड तक के समय को देख सकते हैं| परंतु यहाँ पर ब्रह्मांड को माइक्रोस्कोप के नीचे देखने के लिए आपको एक सेकंड के 1 करोड़ खरब खरब खरब भाग के समय को देखना होगा|
हालांकि! यहाँ पर कुछ लोग कहेंगे की यह तो असंभव है, परंतु मेँ आपको और भी बता दूँ की कुछ वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को करने के लिए अभी से शोध कर रहे हैं और कौन जाने भविष्य में कब-क्या-कैसे हो जाए|

13. गुरुत्वाकर्षण बल का जन्म कब हुआ था? :-

सुनने में बहुत ही सरल प्रतीत होने वाला यह सवाल, वास्तव में एक बहुत ही जटिल और अस्पष्ट उत्तर का जननी हैं| अकसर मैंने गुरुत्वाकर्षण बल के बारे में बात करते हुए आपने मुझे अवश्य ही पढ़ा होगा| हर जगह आपको गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव का अनुभव होता ही होगा| परंतु कितने लोग आखिर जानते है की आखिर कब इस बल का उत्पाद हुआ!

बात भले ही सुनने में आसान लगे पर इसमें बहुत ही ज्यादा दम हैं| मित्रों! मेँ आपको बता दूँ की बिग-बैंग घटने के फौरन बाद यानी 0.000000000000000000000000000000000000001 सेकंड बाद गुरुत्वाकर्षण बल का जन्म हुआ|

वाकई में अंतरिक्ष की यह अज्ञात बात (cosmos facts in hindi) मुझे भी इससे पहले पता नहीं था| आपका इस तथ्य के बारे में क्या राय है?

14. कभी ही खत्म हो सकता है यह ब्रह्मांड! :-

मित्रों! हमारे ब्रह्मांड को संतुलित ढंग से बचा कर रखने के लिए हर वक़्त गुरुत्वाकर्षण बल अपना काम कर रहा हैं| परंतु सोचिए किसी कारण के वजह से यह सही तरीके से काम करना बंद कर दे तो! जी हाँ, अगर किसी वजह से गुरुत्वाकर्षण बल काम करना बंद कर देता हैं तब हमारा ब्रह्मांड पल भर में ध्वस्त हो सकता हैं|

15. एक से अधिक बिग-बैंग घटे हो सकते है! :-

अब कुछ वैज्ञानिक यह भी कह रहें है की, हमारे ब्रह्मांड में एक से अधिक बिग-बैंग घटे होंगे| वैसे अगर एक से अधिक बिग-बैंग घटा होगा तो, हमारे ब्रह्मांड के भांति एक से अधिक ब्रह्मांड देखने को मिल सकते हैं|

16. आप कभी भी ब्रह्मांड के छोर तक नहीं पहुँच सकते हैं! :-

वैसे तो आपको इंटरनेट पर ब्रह्मांड के छोर तक कैसे कैसे पहुंचा जा सकता है, उसके ऊपर बहुत सारे लेख पढ़ने को मिलेंगे| परंतु हकीकत की बात यह है की आप कभी भी ब्रह्मांड के छोर तक पहुँच ही नहीं सकते हैं|  कोई व्यक्ति अनंत काल तक एक सीध में ब्रह्मांड के छोर की और अगर चले भी तो, वह आखिर में आ कर अपने प्रारंभ विंदु तक आ कर रुक जाएगा|

17. मिल्की वे में इतनी होती है दो सितारों के बीच का औसतन दूरी! :-

हमारे आकाशगंगा मिल्की-वे के अंदर कई अरब सितारे मौजूद हैं| इन सितारों के अंदर मौजूद औसतन दूरी करीब-करीब 5 प्रकाश वर्ष हैं|

18. ब्रह्मांड है तो 13 अरब प्रकाश साल पुराना परंतु कैसे यह 156 अरब प्रकाश साल तक फैली हुई है! :-

यह एक बात बहुत ही अजीब हैं| ब्रह्मांड को बने 13 अरब प्रकाश साल ही हुए हैं, परंतु आखिर कैसे यह 156 अरब प्रकाश साल तक फैली हुई हैं| कई वैज्ञानिकों का मानना है की ब्रह्मांड की चौड़ाई हर एक पल बढ़ रहा है और ब्रह्मांड का फैलाव इस बात का मूल कारण हैं|

Space Grown E Coli bacteria

19.ब्रह्मांड की सबसे चमकीली चीज़! :-

अंतरिक्ष में मौजूद R136a1 नाम का यह मेग्लेनिक क्लाउड पूरे ब्रह्मांड की सबसे चमकीली चीज़ हैं| मित्रों! एक शोध से यह पता चला है की यह क्लाउड सूर्य से 87 लाख गुना ज्यादा चमकीली हैं|

20. अंतरिक्ष हैं इतना ठंडा! :-

आप सोच भी नहीं सकते है की अंतरिक्ष वास्तव में कितना ठंडा हैं| वैसे अंतरिक्ष का असौतन तापमान -270.45 डिग्री सेलसीअस ठंडा हैं| यहाँ! पर इंसान की आसानी से कुल्फी बन जाएगी|

21. प्रकाश को 100,000 वर्ष समय लगता है सूर्य से पृथ्वी तक आने के लिए :-

शीर्षक में कोई भी भूल नहीं हैं| आपने अवश्य ही पढ़ा होगा की सूर्य के किरणें सूर्य से पृथ्वी तक आने के लिए करीब-करीब 8 मिनट का समय लेती हैं, परंतु यहाँ पर एक बहुत रोचक बात सामने आता हैं|

सूर्य के केंद्र (Core) से पृथ्वी तक प्रकाश को आने के लिए करीब-करीब 100,000 वर्ष का समय लग जाता हैं| वाकई में अंतरिक्ष में इतने अज्ञात बातों (cosmos facts in hindi) को आपको शायद ही कोई कहें|

22. इस खगोलीय पिंड के एक चम्मच जीतने पदार्थ का वजन है 90 अरब किलो! :-

यह बात सुनकर आप जरूर ही अचंभे मे पड जाएंगे| मित्रों! अंतरिक्ष में मौजूद न्यूट्रान स्टार नाम का यह खगोलीय पिंड बहुत ही ज्यादा सघन होता हैं| इसके अंदर से अगर हम एक चम्मच भी पदार्थ को ले आएं तो भी उस उसका वजन 90 अरब किलो होगा| इतने वजनी और सघन पदार्थ को इतने छोटे आकार में देखना बहुत ही गज़ब की बात हैं| आपका इसके बारे में क्या राय हैं?

23. सिर्फ खुली आँखों से आप इतने ही सितारों को देख सकते हैं! :-

वैज्ञानिकों का कहना है की हमारी आँखें अंतरिक्ष में मौजूद सिर्फ 2,000 तारों को ही एक साथ देख सकते हैं| इन तारों को आप एक ही विंदु पर ही देख सकते हैं|

24. एक स्पेस सूट की कीमत होती है इतनी,सुनकर होश उड जाएंगे! :-

मित्रों! एक पूर्ण रूप से कार्यक्षम और सम्पूर्ण रूप से बनी स्पेस सुट की कीमत करीब-करीब 78 करोड़ रूपय होता हैं| इतनी महंगी सूट को पहनकर ही वैज्ञानिक स्पेस वॉक पर जा सकते हैं|

25. इस सिद्धांत के तहत ब्रह्मांड में मौजूद हो सकते है एक से अधिक सभ्यता :-

16 वीं शदी के फ्रेंच खोजी फ्रेंसिस ड्रेक के द्वारा दी गई एक सिद्धांत के तहत यह पता लगता है की हमारे ब्रह्मांड में हमारे अलावा भी कई सारे अन्य सभ्यता मौजूद जरूर ही होंगे| उनके द्वारा दी गई इस समीकरण को ड्रेक समीकरण कहा जाता हैं|

26. हर वर्ष इतने उप-ग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ा जाता हैं :-

मित्रों! हर वर्ष 100 से भी ज्यादा उप-ग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ा जाता हैं|

27. इतने आकाशगंगा मौजूद होंगे पूरे ब्रह्मांड में :-

वैज्ञानिकों का मानना है की पूरे ब्रह्मांड में 20 खरब से भी ज्यादा आकाशगंगा मौजूद होंगे| तो, अंतरिक्ष के अज्ञात बातों पर (cosmos facts in hindi) आधारित यह लेख आपको कैसा लगा?

Source:- www.factretriever.com.

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Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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