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बुढ़िया के बाल (Cotton-Candy) के जैसा दिखने वाला ये अजीब सा ग्रह आपके होश जरूर उड़ा देगा!

WASP-107b नाम के इस ग्रह से जुड़ी बातों को सुनकर आपके मुँह से बस ये निकलेगा "क्या ऐसा भी कभी हो सकता हैं?"

यूं तो हमारे ब्रह्मांड में अरबों ग्रह मौजूद हैं परंतु उन अरबों ग्रहों में से कुछ खास ऐसे ग्रह भी हैं जो की बाकी ग्रहों से अपने विशेष गुणों के कारण अलग हैं। मैंने इससे पहले विज्ञानम पर ऐसे ही अनोखे ग्रहों के ऊपर काफी कुछ लिखा हैं, तो अगर आप उन ग्रहों  के बारे में भी जानने के लिए इच्छुक हैं तो आप वो लेख भी पढ़ सकते हैं। खैर आज हम एक अलग और बहुत ही खास ग्रह के बारे में चर्चा करेंगे जो की दिखने में बुढ़िया के बाल” ( Cotton-Candy Planet In Hindi) जैसा है। जी हाँ! दोस्तों आप लोगों ने सही सुना इस ग्रह का आकृति हूबहू बुढ़िया के बालों की तरह ही हैं।

बुढ़िया के बालों के जैसा दिखने वाला ग्रह - Cotton-Candy Planet In Hindi.
कॉटन केंडी ग्रह जो आपके होश उड़ा देगा | Credit: University Of Colrado Boulder.

बचपन में हम सभी ने बुढ़िया का बाल (cotton-candy planet in hindi) जरूर खाया होगा। व्यक्तिगत रूप से कहूँ तो मैंने अपने बचपन में बुढ़िया के बाल बहुत खाएं हैं और आज भी मेरा ये सबसे पसंदीदा चॉक्लेट में से एक हैं। तो, यहाँ पर मुद्दा ये हैं की वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक ऐसा ग्रह मिला है जो की इसी चॉक्लेट के जैसा हैं और इसके कई अनोखे ख़ासियतों भी हैं।

तो, मित्रों! क्या बोलते हैं? क्या हम इस विशेष ग्रह के बारे में जानना शुरू कर दें यानी इस लेख को शुरू करें!

बुढ़िया के बालों के जैसा दिखने वाला ये ग्रह अपने विशेष गुणों के लिए दूसरे ग्रहों से काफी ज्यादा अलग हैं! – Cotton-Candy Planet In Hindi

आज से चार साल पहले यानी साल 2017 को वैज्ञानिकों ने WASP-107b नाम के एक एक्सो-प्लेनेट को ढूंढ कर निकाला था। बता दूँ की, ये एक्सो-प्लानेट WASP-107 नाम के तारे का परिक्रमा कर रहा था जो की पृथ्वी से 212 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद है। खैर अगर में WASP-107b ग्रह की बात करूँ तो इसके कई सारे अनोखी बातें आपके होश उड़ा देंगी।

ये ग्रह आकार में बृहस्पति के जितना ही है परंतु ये बृहस्पति से 10 गुना ज्यादा चमकीला है। इसके अलावा ये ग्रह अपने तारे से पृथ्वी के मुकाबले 16 गुना ज्यादा करीब है। वैसे ग्रह को खोजे हुये 4 साल हो चुके हैं परंतु इस ग्रह की सबसे खास बात इसकी आकृति हैं। ग्रह की आकृति हूबहू “बुढ़िया के बालों” (cotton-candy planet in hindi) के जैसा ही हैं। इसलिए अंग्रेजी में इस ग्रह को “Super-Puff” या “Cotton-Candy’s Planet” भी कहा जाता है।

बुढ़िया के बालों के जैसा दिखने वाला ग्रह - Cotton-Candy Planet In Hindi.
इस ग्रह के ऊपर स्पेस जाएगा तो कैसा दिखेगा? | Credit: Reddit.

आगे बढ्ने से पहले और एक बात आप लोगों को बता दु की, हमारे अंतरिक्ष में कई तरह के एक्सो-प्लैनेट्स मौजूद हैं और इन्हें ढूँढने का प्रक्रिया भी काफी कठिन है, तो अगर आप जानना चाहते हैं की इन अजीबो-गरीब ग्रहों को कैसे ढूंढा जाता हैं तो आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं। इस लेख में मैंने पूरे विस्तार से एक्सो-प्लैनेट्स के ढूँढने की प्रक्रियाओं के बारे में आप लोगों को बताया हैं।

मित्रों! अब आपके मन में ये सवाल जरूर आना चाहिए की आखिर क्यों इस ग्रह को “Cotton-Candy’s Planet” कहा जाता हैं? तो दोस्तों अगर आपके मन में भी ये सवाल आ रहा हैं तो आप बिलकुल भी चिंता न कीजिये। क्योंकि इसके बारे मेँ आपको आगे जरूर ही बताऊंगा। इसलिए लेख को गौर से पढ़िएगा।

आखिर इस ग्रह को क्यों “बुढ़िया के बालों” के जैसा ग्रह (Cotton-Candy’s Planet) कहा जाता हैं! :-

हर एक ग्रह के नामकरण के पीछे कुछ न कुछ कारण अवश्य ही होता हैं और इस ग्रह के ऐसे नाम के पीछे भी अवश्य ही कारण रहें होंगे। तो, चलिये लेख के इस भाग में उसी कारण के बारे में जान लेते हैं।

मित्रों! बुढ़िया के बालों के जैसा (cotton-candy planet in hindi) दिखने वाला ये ग्रह आकार में तो काफी ज्यादा बड़ा हैं परंतु आकार के हिसाब से इसके केंद्र का घनत्व और वजन उतना नहीं है। देखने में तो ये एक विशाल ग्रह दिखाता हैं परंतु हकीकत में इसका वजन काफी ज्यादा कम हैं। इसलिए इस ग्रह को “बुढ़िया के बालों” का ग्रह या “Cotton-Candy’s Planet” कहा जाता हैं।

What happen if we are in WASP-107b.
WASP-107b के परिवेश का एक फोटो | Credit: Reddit.

इसके अलावा WASP-107b के ऊपर वैज्ञानिकों ने काफी कुछ रिसर्च भी किया हैं जो की इसके बारे में कई बातें बताता हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ये ग्रह बृहस्पति की तरह ही अपने चारों तरफ “गैस का एक एनवेलप” (Gas Envelope) बना लेता है। जिससे इसका केंद्र आकार के अनुसार वजनी नहीं हो पाता है। गौरतलब बात ये भी हैं की, इस ग्रह का घनत्व भी बहुत अधिक होता है। हालांकि! इसका बाहरी आवरण का घनत्व केंद्र के हिसाब से थोड़ा कम होता है।

वैसे वैज्ञानिकों को अभी भी इस ग्रह को लेकर कई सारे शोध करने की जरूरत हैं, क्योंकि इतने कम घनत्व वाला ग्रह का बनना अंतरिक्ष में कोई साधारण बात नहीं है।

WASP-107b से जुड़ी कुछ खास बातें :-

हवाई में स्थित एक प्रयोगशाला में पता लगाया गया की बुढ़िया के बालों के जैसा दिखने वाला ये ग्रह (cotton-candy planet in hindi) अपने सितारे से कैसे प्रभावित होता हैं। कहने का मतलब ये है की, सितारे का गुरुत्वाकर्षण बल WASP-107b के ऊपर कैसे प्रभाव डालता है। तो, इस शोध से वैज्ञानिकों को ये पता लगा की; WASP-107b का वजन बृहस्पति के वजन का 1/10 हिस्सा हैं और पृथ्वी के वजन से मात्र 30 गुना ही ज्यादा है

Some important thing about WASP-107b.
दूर से लिया गया WASP-107b का फोटो | Credit: Devianart.

इसके अलावा वैज्ञानिकों ने इस ग्रह के अंदरूनी हिस्से को भी जानने का प्रयास किया। कई कोशिशों के बाद पता चला की; ग्रह के केंद्र का घनत्व इतना कम हैं की इसका आकार पृथ्वी के आकार से मात्र 4 गुना ही ज्यादा है। ऐसे में आप सोच ही सकते हैं की, इस ग्रह का केंद्र घनत्व में कितना कम होगा। हालांकि! अधिक चौंकाने वाली बात ये हैं की, WASP-107b के वजन का 85% हिस्सा इसके चारों तरफ मौजूद गैसों से ही बना हुआ है। यानी ग्रह का ज़्यादातर हिस्सा गैस से ही बना हुआ है और ठोस सतह सिर्फ इसके केंद्र में ही हैं।

खैर ऐसे मिले तथ्यों के कारण ये बात सुनिश्चित हुआ की, जीतने भी विशाल ग्रह अंतरिक्ष में मौजूद हैं उनमें से ज़्यादातर ग्रहों की संरचना गैस के जरिये ही हुआ है और गैस इनके मुख्य उपादानों में से एक है। तो, आपको पता चल चुका होगा की आखिर क्यों ये ग्रह इतना बड़ा होने के बाद भी हल्का है। आपका इसके बारे में क्या ख्याल हैं जरूर ही बताइएगा। हमें जानकर बहुत ही खुशी होगी।

निष्कर्ष – Conclusion :-

WASP-107b जैसे बुढ़िया के बालों (cotton-candy planet in hindi) का ग्रह अपने चारों तरफ मौजूद सुंदर गैसीय रिंगस के लिए भी काफी ज्यादा लोकप्रिय है। देखने में ये शनि के चारों तरफ मौजूद रिंगस के जैसा ही है जो की इसके आकार को और भी ज्यादा बड़ा कर देता है। हालांकि! और एक खास बात ये भी हैं की, शनि और बृहस्पति ग्रह के केंद्र का घनत्व बहुत ही ज्यादा है। अगर में इनके केंद्र का वजन पृथ्वी के वजन से तुलना करूँ तो, इन सभी ग्रहों का केंद्र पृथ्वी के केंद्र से 10 गुना ज्यादा भारी है।

Do we need to find more information about WASP-107b?
क्या हमें इस ग्रह के ऊपर रिसर्च करने की जरूरत हैं? | Credit: Theatre Art Life.

शायद यही वजह हैं की इन ग्रहों के चारों तरफ मौजूद गैस की मात्रा काफी ज्यादा होता है। वैसे यहाँ और एक दिक्कत की बात ये हैं की, WASP-107b का केंद्र इतना हल्का होने के बाद भी आखिर कैसे ये अपने चारों तरफ इतने भारी मात्रा में गैस को इकट्ठा करके रख पाता है। हालांकि! इसको ले कर अभी भी कई सारे विवाद चले आ रहें हैं और इसके बारे में और अधिक खोजें होना बाकी है।

खैर इसको लेकर और एक विशेष बात ये भी हैं की, जब WASP-107b के चारों तरफ गैस का रिंग बना होगा तब ये ग्रह अपने तारे से काफी दूर मौजूद होगा जिसके कारण गैस ठंडा हो कर रिंग के आकार में ग्रह के चारों तरफ बन गया होगा। वैसे जिस जगह पर आज ये ग्रह मौजूद हैं उस जगह पर ये ग्रह कभी बना ही नहीं होगा।


Source :- www.labroots.com.

Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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