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अंतरिक्ष में मौजूद है पृथ्वी का जुड़वा ग्रह k2-18b-Water Found On K2-18b In Hindi.

क्या K2-18b में इंसान रह सकते हैं ! जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक इस के बारे में |

मैरे प्यारे और आदरणीय पाठकों | सबसे पहले मेँ आप सभी लोगों को तय दिल से इस लेख में अभिनंदन करना चाहता हूँ | अभिनंदन इस बात की की हम लोगों ने आज अंतरिक्ष की खोज के दिशा में एक नया मुकाम हासिल कर लिया हैं | हाल ही में हमने K2-18b नाम के एक ग्रह पर पानी का पता लगा लिआ है (water found in k2-18b On hindi) | मित्रों ! पानी का किसी दूसरे ग्रह पर मौजूद होना , यह कोई आम बात नहीं है | पानी ही जीवन का मूल आधार है , बिना पानी के पृथ्वी पर भी जीवन संभव नहीं हैं |

Comparison between Earth and K2-18b.
पृथ्वी और K2-18b मे आकार का अंतर | Credit: You Tube.

इंसानी शरीर का 75% हिस्सा पानी से बना हुआ होता हैं और अगर हम पृथ्वी के अलावा किसी दूसरे ग्रह पर पानी की मौजूदगी को ढूंढ लेते है , तो यह अपने आप में ही एक अनोखी बात हैं | K2-18b (water found on k2-18b in hindi) को वैज्ञानिकों ने करीब-करीब 4 साल पहले ही खोज लिया था और उसी समय से ही इस ग्रह पर वह लोग काफी शोध कर रहे थे |

कुछ वैज्ञानिक K2-18b को पृथ्वी की तरह एक जीवन युक्त ग्रह मानते है , जहां पर एक दिन इंसान भी बस सकते हैं | इस ग्रह पर जीवन को बनाए रखने के लिए हर लगभग हर वह कारक मौजूद है जो की वर्तमान में पृथ्वी के पास हैं | तो , चलिए इस लेख में आगे लोकप्रिय हो चुके इस ग्रह के और भी कई सारे बात जानते हैं |

K2-18b के विषय में कुछ मूलभूत बातें – Basic Information About K2-18b :-

वास्तव में K2-18b (water found on K2-18b in hindi) एक एक्सो प्लानेट (ExoPlanet) है जो की पृथ्वी से 110 प्रकाश वर्ष के दूरी पर मौजूद हैं और आकार में यह पृथ्वी की दो गुनी है | यह K2-18b नाम के एक नक्षत्र का परिक्रमा कर रहा हैं | इस को सबसे पहले Kepler Space Telescope ने खोजा था , इस लिए इसका नाम “K” यानी “Kepler” से शुरू होता हैं | यह ग्रह का वातावरण और संरचना लगभग पृथ्वी के जैसा ही हैं |

K2-18b (water found in k2-18b on hindi) का द्रव्य मान (Mass) पृथ्वी से 8 गुना ज्यादा है , तो इसी कारण से कई बार इसे सुपर अर्थ (Super Earth)” भी कहा जाता हैं |  मित्रों ! मेँ आपको यहाँ और भी बता दूँ की जब भी यह ग्रह अपने नक्षत्र की परिक्रमा करता है , तब उस समय 33 दिन ऐसे आते हैं जब वहाँ पर सम्पूर्ण रूप से जीवन पनपने का शत-प्रति शत आसार रहता हैं |

मित्रों ! अगर आपको मेँ कहूँ की यह ग्रह आपके लिए आपका दूसरा घर बन जाएगा , तो क्या आप कभी यहाँ पर रहना पसंद करेंगे | क्या आपको यह ग्रह रहने लायक लगता हैं ?

खैर मैरे द्वारा ऊपर दिए गए प्रश्नों का उत्तर आप को देने में शायद अभी थोड़ा तकलीफ होगा , परंतु आगे मेँ इस ग्रह से जुड़ी कुछ ऐसी जानकरिओं को आपके साथ साझा करूंगा जी स से आपको उन सवालों के उत्तर देना और भी आसान हो जाएगा |

K2-18b पर मिला पानी , वहाँ पर हो सकता हैं जीवन ! – Water Found On K2-18b In Hindi :-

जैसा की मैंने आप सभी लोगों को पहले ही बता कर रखा है , K2-18b पर हाल ही में पानी मिला है (Water found on k2-18b in hindi) जो की वहाँ पर जीवन के होने के संभावना को और भी ज्यादा बढ़ा देता हैं | परंतु यहाँ और एक बात आपको जाननी चाहिए की आखिर कैसे यहाँ पर पानी को ढूंढा गया | क्योंकि किसी भी विषय के ऊपर गहराई से जानना ही , उस विषय को संपूर्ण रुप से जानना कहते हैं |

साल 2019 में यानी इस साल हबल स्पेस टेलीस्कोप और स्पीट्ज़र स्पेस टेलीस्कोप  एक साथ K2-18b से जुड़ी काफी महत्वपूर्ण तथ्य वैज्ञानिकों को दिया | बाद में इन तथ्यों को आधार मान कर वैज्ञानिकों ने इस ग्रह की वायुमंडल को और ज्यादा विश्लेषण किया | यहाँ पर विश्लेषण करने के लिए वैज्ञानिकों ने स्पेक्ट्रा ऑफ स्टार लाइट (spectra of starlight) ” प्रक्रिया का मदद लिया | इस प्रक्रिया के तहत यह पता चला की K2-18b का वायु मंडल हाइड्रोजन और हीलिअम से बनी हुई हैं |

Process of Water Finding Technique on K2-18b.
K2-18b पर पानी कैसे खोजा गया | Credit : The Sun.

K2-18b के वायुमंडल की संरचना :-

यहाँ पर मेँ आपको और भी बता दूँ की इस ग्रह के वायु मंडल में हाइड्रोजन और हीलिअम की मात्रा 20% से ले कर 50% तक हैं | इतनी ज्यादा मात्रा में हाइड्रोजन का होना इस बात की पुष्टि करता है की , यहाँ पर जल वाष्प (water vapor) की कोई कमी नहीं हैं | जल वाष्प की भारी मात्रा यहाँ पर पृथ्वी में मौजूद बादल की तरह पानी से बनी बादलों का निर्माण करते हैं |

मित्रों ! यहाँ आपको जानकर और भी हैरानी होगा की K2-18b वह पहला एक्सो प्लानेट जहां पर पानी का संधान मिला हैं (water found on K2-18b in hindi) और हाँ जहां पर इंसानों के लिए रहने लायक वातावरण मौजूद हैं | इस से पहले कई अन्य ग्रहों के ऊपर जीवन के लिए खोजा किया गया था , परंतु वहाँ पर जीवन की कोई भी आसार नजर नहीं आया |

क्या कभी हम K2-18b पर रह सकते हैं ? :-

यहाँ पर लोगों के मन में अकसर यह सवाल आता है की , जब हमने K2-18b पर पानी का खोज कर ही लिया है तो क्या हम कभी वहाँ पर रह सकते हैं ? चलिए इस सवाल का जवाब लेख में आगे जानते हैं |

मित्रों ! आज तक K2-18b की तरह ही कई सारे एक्सो प्लानेट की खोज किया जा सका हैं | कई ग्रह पृथ्वी से कई गुना बड़े है , तो कई ग्रह पृथ्वी की तरह होने के बावजूद अपने वायुमंडल में कई खतरनाक गैसों को समाए हुए है | खतरनाक गैसों से बनी इन ग्रहों को मिनी गैस जाईंट” कहा जाता हैं | यह मिनी गैस जाईंट वाले ग्रह अकसर आकार में पृथ्वी से बड़े होते है , परंतु नेपच्यून से आकार में छोटे होते हैं |

कुछ वैज्ञानिकों का यह मानना है की , K2-18b भी एक प्रकार का मिनी गैस जाईंट वाला ग्रह हैं | हालाँकि इस ग्रह पर रहने के लिए उपयुक्त (तापमान और पानी) वातावरण है , परंतु वायुमंडल में हिलीअम की उपस्थिति इसे पूर्ण तरीके से रहने लायक नहीं बनाता | इसके अलावा इस ग्रह पर किसी भी प्रकार का रहने के लिए ठोस सतह नहीं हैं | बिना ठोस सतह के कैसे कोई वहाँ पर रह सकता हैं !

कई वैज्ञानिक इसे मिनी नेपच्यून” भी कहते हैं | तो, कुल मिला कर इतना कहा जा सकता है की , सिर्फ पानी मिलने से एक ग्रह शत प्रति शत रहने योग्य नहीं हो जाता हैं |

 

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Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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