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मंगल के बाद यह ग्रह बन सकता है इंसानों का दूसरा घर! – Earth-Sized Planet TOI 700 d In Hindi

क्या सच में इंसान इस ग्रह पर रहेगा? जाने इस रिपोर्ट में

आए दिन अंतरिक्ष में वैज्ञानिक नए-नए ग्रहों की तलाश में लगे ही रहते हैं। वैसे तो, अंतरिक्ष में अब-तक 30,000 से भी ज्यादा ग्रहों की खोज हो चुकी है, परंतु उन ग्रहों में से बहुत की कम ग्रह ऐसे हैं जो की पृथ्वी के आकार के हो। अगर आपको याद हो तो, मैंने इससे पहले हाल ही में खोजे गए ग्रह k2-18b के बारे में भी एक लेख लिखा था जो की एक पृथ्वी के आकार का ही ग्रह है। खैर अगर आप उस ग्रह के बारे में और जानना चाहते हैं तो k2-18b के ऊपर आधारित उस लेख को पढ़ सकते हैं, परंतु यहाँ पर आज हम लोग एक पृथ्वी के आकार के नए ग्रह (TOI 700 d In Hindi ) के बारे में बात करेंगे।

वैज्ञानिकों का कहना है की, पृथ्वी के आकार का खोजा गया ये नया ग्रह (TOI 700 d In Hindi ) मंगल के बाद अंतरिक्ष में इंसानों का दूसरा घर बन सकता है। अब तक के तथ्यों के अनुसार इस ग्रह पर जीवन के पनपने की कई संभावनाएं हैं।  मित्रों अब आप सोच रहें होंगे की इस नए ग्रह का नाम क्या है और इस के ऊपर आखिर कैसे जीवन के पनपने की संभावनाएं हो सकती हैं? तो, मैं आपको बता दूँ की आगे इस लेख में आपको इन्हीं मौलिक सवालों के जवाब मिलने बाले हैं; इसलिए लेख को आगे पढ़ते रहिए।

पृथ्वी के आकार के इस ग्रह पर मौजूद हो सकता है जीवन! – New Earth-Sized Planet Found On a Nearby Star :-

हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान NASA के कुछ वैज्ञानिक ट्रांससिटिंग एक्सो-प्लानेट सर्वे सटेलाइट (TESS) के जरिए अंतरिक्ष में मौजूद नए-नए ग्रहों की खोज करने में व्यस्त थे। तभी, उन्हीं वैज्ञानिकों के दल में से एक वैज्ञानिक को सूरज की भांति ही एक नया सितारा दिखाई पड़ा। यह सितारा कुछ हद तक सूर्य जैसा प्रतीत होता था और इसे TESS के द्वारा खोजे जाने के कारण इसका नाम TESS ऑफ इंटरेस्ट नंबर 700 यानी TOI-700 पड़ा।

TOI-700 Solar System photo.
TOI-700 का सौर-मंडल 

मित्रों! मैं आपको बता दूँ की इस सितारे TOI-700 के पास भी हमारे सौर-मंडल की भांति ही अपना एक खुद का सौर-मंडल हैं जहां पर इसके चारों तरफ TOI-700 b, TOI-700 c और TOI-700 d नाम के तीन ग्रह एक निर्दिष्ट कक्षा में चक्कर काट रहें हैं। इसके अलावा  टेलीस्कोप से यह भी पता चला है की, TOI-700 d के नामे के ग्रह पर तरल रूप में पानी मौजूद हो सकता हैं जो की उस ग्रह पर जीवन के होने का सबसे पहला और मूल सबूत है।

खैर ये सौर-मंडल हमारी पृथ्वी से लगभग 100 प्रकाश वर्ष के दूरी पर मौजूद हैं और TOI-700 सितारा सूर्य से थोड़ा छोटा और कम चमकीला है जो की इसके चारों तरफ मौजूद ग्रहों में इंसानों के रहने लायक वातावरण को बनाने में काफी ज्यादा मदद करता है। इस सौर-मंडल में मौजूद सबसे प्रमुख ग्रह है TOI-700 d जो की शायद इंसानों क लिए दूसरा घर बन सकता है। मित्रों ! इस ग्रह का पृथ्वी के आकार का होना (TOI 700 d In Hindi) और इसके ऊपर मौजूद वातावरण यहां जीवन के पनपने के पूरे-पूरे संकेत भी देता है।

क्या TOI-700 d पर जीवन पनप सकता है? – Life On TOI-700 d :-

अब नए-नए खोजे गए इस ग्रह (TOI 700 d In Hindi)  के बारे में एक सवाल बहुत ही ज्यादा चर्चे में हैं और वह सवाल यह है की, क्या सच में TOI-700 d पर जीवन संभव हैं ? दो, चलिए दोस्तों आगे इसी सवाल के जवाब को ढूंढते हैं।

वैज्ञानिकों का मानना है की, TOI-700 d ग्रह सिर्फ 37 दिनों में अपने सितारे के चारों तरफ एक पूरा चक्कर काट लेता है। जिससे इस बात की पुष्टि हो जाती हैं की, यह ग्रह अपने सितारे के बहुत ही पास मौजूद है। इसके अलावा पृथ्वी के मुकाबले यह ग्रह थोड़ी ज्यादा रोशनी अपने सितारे से पाता है। परंतु, सबसे महत्वपूर्ण बात यहाँ पर यह है की इस ग्रह के ऊपर तरल रूप में पानी मौजूद हैं जो की एक एक्सो-प्लानेट में दिखना बहुत ही दुर्लभ बात है।

जीवन के लिए सहायक वातावरण मौजूद हैं TOI-700 d पर :-

इसके अलावा इस ग्रह पर मौजूद वायुमंडल लगभग पृथ्वी के समान ही है। इस ग्रह के वायुमंडल में 71% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सिजन और बाकी बचा 8% मीथेन और अन्य प्रकार की गैस हैं। यहाँ पर एक और बात के ऊपर गौर करना जरूरी है की, इस ग्रह का वायुमंडल बहुत ही पुराना है। जी हाँ ! आपने सही सुना इस ग्रह का वायुमंडल लगभग 2.7 अरब साल पुराना है। वैसे आप यहाँ पर पूछोगे की, आखिर वायुमंडल के पुराने होने से क्या फायदा हैं? तो, मित्रों आपको मैं बता दूँ की जी ग्रह पर जितना पुराना  वायुमंडल मौजूद होगा उस ग्रह का वायुमंडल उतना ही ज्यादा संतुलित होगा।

आपको अगर पता न हो तो मेँ बता दूँ की पृथ्वी का वायुमंडल 5 अरब साल पुराना हैं और वहीं मंगल के वायुमंडल का उम्र लगभग 3.5 अरब साल पुराना हैं | तो, आपको अभी पता ही चल गया होगा की नए तौर पर खोजे गए ग्रह (TOI 700 d In Hindi ) TOI-700 d पर जीवन अवश्य ही संभव हो सकता है।

A scenic view of TOI-700 from TOI-700 d.
TOI-700 d से TOI-700 का सुंदर दृश्य | Credit: UZAY.

क्या आने वाले समय में TOI-700 d इंसानों का दूसरा घर बन सकता हैं ? :-

TOI-700 d के ऊपर हाल ही में एक बहुत ही गज़ब का शोध किया गया है। कुछ वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर मौजूद ग्रीन हाउस गैसों को आधार बनाते हुए TOI-700 d पर मौजूद जलवायु को लेकर एक काल्पनिक सिद्धांत को प्रकाशित किया। इस सिद्धांत के आधार से यह पता चला है की,इस ग्रह के एक बहुत ही छोटे से हिस्से में इंसानों के लिए रहने लायक जगह बन सकती है इस जगह पर पानी भी मौजूद है। परंतु गौरतलब बात यह है की ज़्यादातर जगहों पर पानी जमी हुई अवस्था में है और अगर हम ग्रीन हाउस गैस के जरिए इस ग्रह के वायुमंडल को गरम भी कर देते हैं तो भी शायद ही जमे हुए पानी की बहुत ही छोटी सी मात्रा तरल अवस्था में परिवर्तित हो।

वैसे मैं आपको याद दिला देना चाहता हूँ की, इस ग्रह के ऊपर कई-कई जगहों में तरल पानी भी मौजूद हैं परंतु वह पानी इंसानों के जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। मित्रों! हमारे खुद के ग्रह यानी पृथ्वी में भी एक जमा हुआ समंदर हैं जो की हूबहू TOI-700 d के वायुमंडल को दर्शाता है। वैसे कुछ वैज्ञानिकों का यह भी मानना है की, इस ग्रह पर मौजूद मिथेन और कार्बन डाइऑक्साइड मिल कर पृथ्वी के भांति पानी की भांप को भी बनाते है जो की जीवन जीने के लिए सहायक हैं।

इसके अलावा अगर हम आज की तकनीक से देखें तो, पृथ्वी से TOI-700 d तक पहुँचने के लिए हमें लगभग 20,000 साल लग जाएंगे जो की शायद ही संभव है।  परंतु हाँ ! इतना कहा जा सकता है की, भविष्य में अगर हम और भी ज्यादा आधुनिक तकनीक को लेकर आते हैं और इस ग्रह के पास पहुँचने का प्रयास करते हैं तो शायद हम लोग यहाँ तक पहुँच भी जाए।

निष्कर्ष – Conclusion :-

उन्नत अंतरिक्ष विज्ञान की इस प्रारंभिक अवस्था में हमें बहुत खुश होना चाहिए की, कम से कम हमारे वैज्ञानिक इस विशाल ब्रह्मांड में कुछ तो खोज कर निकाल रहें हैं। वैसे आज के समय में अंतरिक्ष में वैज्ञानिक लगातार एक्सो-प्लानेट (TOI 700 d In Hindi)ढूँढने में लगे हुए हैं, जिसके कारण पहले से ढूँढे गए ग्रहों के वातावरण के बारे में ज्यादा जानने को नहीं मिल रहा है।

तो, अगर वैज्ञानिक कुछ समय के लिए नए ग्रह ढूँढने के बजाए पहले से ढूँढे गए ग्रहों के ऊपर गहन शोध करते तो शायद हमें इन ग्रहों के बारे में बेहतर जानकारी हो पाती। वैसे मुझे पूर्ण विश्वास है की, एक न एक दिन इंसान पृथ्वी के अलावा भी अपना एक दूसरा घर अंतरिक्ष में अवश्य ही ढूंढ कर निकालेगा।  इसका मतलब यह नहीं हैं की, इंसान पृथ्वी के महत्व को ही भूल जाएं। हमेशा याद रखें की , यही हमारा सबसे पहला घर हैं और हमें इसकी कद्र करनी चाहिए ।

Source :- www.livescience.com

Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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