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दुनिया के सबसे “दुखी हाथी” फ्लाविया का 47 साल की उम्र में हुआ निधन

Flavia, The World's "Saddest" Elephant

Flavia The Saddest Elephant – दुनिया के “सबसे उदास” हाथी के रूप में जाने जाने वाले फ्लाविया 47 वर्ष की उम्र में एक कैद में रहकर के मर गई है। वो यहां कई सालों से कैद थी जिस कारण वो उदास रहती थी।

ये मादा हाथी जब तीन साल की थी तो गलती से अपने  झुंड से बिछड़ गई थी। उस सम य वह मासूम थी उसे नहीं पता था कि ये उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती है, अपनी इस गलती या कहें अनहोनी के कारण फ्लाविया ने अपने  साल  43 साल दक्षिणी स्पेन के कॉर्डोबा चिड़ियाघर में एकांतवास में बिताये।

गहरे अवसाद” से पीड़ित थी

स्पेनिश अखबार  द लोकल के अनुसार , फ्लाविया एक “गहरे अवसाद” से पीड़ित थी।   6 महीनों से वह इतने अवसाद में थी कि उसने खाना-पीना भी कम कर दिया था जिस कारण  वह बहुत पतली हो गई थी, उसका वजन भयानक रूप से बहुत कम हो गया था। एक दिन इसी वजह से वह अपने बाड़े से चक्कर खाकर गिर भी गई थी, जिसके बाद चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसे  बाड़े से बेदखल  कर दिया था।

चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने  एशियाई हाथी को एक  श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “1 मार्च 2019 को कोर्डोबा हमारे प्यारे हाथी फ्लाविया की मौत की खबर से सदमें है  और लोग आज सुबह उठकर इसी पर चर्चा कर रहे हैं।  40 सालों से ज्यादा हमारे चिड़ियाघर की  प्यारी हाथी फ्लाविया ने हमें गमगीन कर दिया है ।

अकेलेपन के कारण उदास थी फ्लाविया

जब फ्लाविया इस तरह अकेले चिड़ियाघर में रखी गई थी तो कुछ लोगों ने उस समय इस मुद्दे को उठाया था, उनका कहना था कि फ्लविया जैसे समझदार और समाज में रहने वाले जानवर को यूं अकेला रखना बहुत खराब है जो उसकी सेहत के लिए घातक है। आमतौर पर हाथी और दूसरे बुद्धिमान जानवर अपने कैप्टिव समकक्षों के रूप में अपने महत्वपूर्ण पारिवारिक बंध और विस्तृत दायरे में  रहने के कारण दोगुने समय तक जीवित रह सकते हैं। 

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Via – Daily Mail

फ्लाविया को कभी नहीं मिली आजादी

फ्लाविया के साथ 45 साल गुजारने वाले और उसी की समकक्ष उम्र के पशु अधिकार समूह PACMA  के  अध्यक्ष सिल्विया बैक्वेरो इस मौत से ज्यादा गहरे सदमें हैं, वे इस हाथी को आजाद करना चाहते थे, वे चाहते थे कि ये भी सामाजिक रूप से अपने दूसरे हाथियों के साथ रहे। पर अफसोस  वहां पर दूसरा कोई भी हाथी नहीं था और फ्लाविया कई सालों से चिड़ियाघर में रह रही थी तो उसे दूसरे हाथी स्वीकार भी नहीं करने वाले  थे। इसी वजह से उसे अकेले ही चिड़ियाघर में रहना पड़ा था।

सिल्विया बैक्वेरो  कहते हैं कि  “फ़्लेविया और मेरी एक ही उम्र थी और अपने 45 साल के जीवन के दौरान मैं सभी प्रकार के अनुभव और संबंध रखने में सक्षम रहा हूं। मैंने यात्रा की है, मैंने अपने शौक और अपने प्रियजनों के साथ गुणवत्ता समय का आनंद लिया है। पर फ़्लेविया को रोका गया है, उस बेचारे हाथी ने अपने जीवन के सभी साल अकेले ही बिता दिये और इसी वजह से वह गहरे अवसाद और दुखी होकर पृथ्वी से हमें छोड़ के चली गई है।

कई बार रोती भी थी

फ्लाविया की मौत गहरे अवसाद और अकेलेपन के कारण मानी जा रही है, वह हाथी हमेशा दुखी रहती थी, और रोती भी रहती थी। चिड़ियाघर में रखे गये जानवर कई बार इसी तरह अकेलेपन के कारण गहरे अवसाद में चले जाते हैं। हाथी इस मामले में बहुत संवेदनशील होते हैं वे हमारी तरह ही 90 सालों तक जीते हैं और अपने कई मित्र और संबंध बनाते हैं।

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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