Venus Facts and Details Hindi, शुक्र ग्रह के बारे में दिलचस्प जानकारी

Venus Facts and Details Hindi – शुक्र (Venus)  ग्रह हमारे सौर-मंडल का एक ग्रह है जो सूर्य से निकटतम दूरी के क्रम में दूसरे स्थान पर है, पहले पर बुध ग्रह है। शुक्र लगभग आकार में हमारे ग्रह पृथ्वी जैसा ही है।

रात में आकाश में आप देखें जो चंद्रमा के बाद जो सबसे ज्यादा चमकने वाला कोई आकाशिये पिंड है तो वह शुक्र ग्रह ही है। शुक्र और हमारी धरती का द्रव्यमान भी एकदम समान ही है और इसी कारण शुक्र को कई बार पृथ्वी की बहन भी कहा जाता है। अाइये जानते हैं शुक्र ग्रह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी –

कक्षा :0.72 AU या 108,200,000 किमी ( सूर्य से)
व्यास : 12,103.6 किमी
द्रव्यमान : 4.869e24 किग्रा , 486732 अरब अरब किलोग्राम
उपग्रह : कोई नहीं
सतह का तापमान : 462 °C

शुक्र ग्रह सुंदरता और प्यार की देवी के नाम से जाना जाता है। (इसे यूनानी मे Aphrodite तथा बेबीलोन निवासी मे Ishtar कहते थे।) इसे यह नाम इस कारण दिया गया क्योंकि यह सबसे ज्यादा चमकिला ग्रह है।

शुक्र का घुर्णन विचित्र है, यह काफी धीमा है। इसका एक दिन 243 पृथ्वी के दिन के बराबर है जो कि शुक्र के एक वर्ष से कुछ ज्यादा है। शुक्र का घुर्णन और उसकी कक्षा कुछ इस तरह है कि शुक्र की केवल एक ही सतह पृथ्वी से दिखायी देती है।

शुक्र को पृथ्वी का जुंड़वा ग्रह कहा जाता है क्योंकि

  1. शुक्र पृथ्वी से थोड़ा ही छोटा है। यह ग्रह व्यास मे पृथ्वी के व्यास का 95% तथा द्रव्यमान मे पृथ्वी का 80% है।
  2. दोनो की सतह मे क्रेटर कम है और सतह अपेक्षाकृत नयी है।
  3. घनत्व तथा रासायनिक संरचना समान है।

Venus  के पास अपना खुद का कोई चन्द्रमा नहीं है! जिस तरह हमारे ग्रह पृथ्वी का एक चंद्रमा है तो मंगल के दो हैं और बृहस्पति और शनि के कई चंद्रमा हैं। चंद्रमा रहित ग्रह पर जीवन होना भी काफी कठिन होता है।

शुक्र ग्रह पर दबाव पृथ्वी के वायुमंडल दबाव का 90 गुना है जोकि पृथ्वी पर सागर सतह से 1 किमी गहराई के तुल्य है। वातावरण मुख्यतः कार्बन डाय आक्साईड से बना है। यहां Sulphuric Acid के बादलो की  कई किलोमीटर मोटी कई परते है। यह बादल शुक्र ग्रह की सतह ढक लेते है जिससे हम उसे देख नही पाते है।

सूर्य और चंद्रमा के बाद, वीनस हमारे रात आसमान में सबसे प्रतिभाशाली वस्तु है! Venus हमारे सौर मंडल में दक्षिणावर्त घूर्णन करता है इसकी बहुत धीमी जाती के रोटेशन के कारण, विशेषज्ञों का मानना है कि अतीत में यह ग्रह किसी से  टकराया होगा जिससे इसकी रोटेशन गति बदल गई है!

शुक्र ग्रह, हमारे सौर मंडल के सबसे भयानक माहौल वाले ग्रहों में से एक है। ये पूरी तरह से गंधक (Sulphuric Acid) के एसिड के बादलों से ढका है। यहां के सतह का तापमान ही 462 डिग्री तक पहुँच जाता है जो इतना ज्यादा है कि  सीसा, ज़िंक और टिन जैसी धातुएं भी यहां पिघली हुई पाई जाती हैं। ये हमारे सौर-मंडल का सबसे गर्म ग्रह है।

रूस ही वो पहला देश था जिसने सत्तर और अस्सी के दशक में शुक्र ग्रह पर वेनेरा और वेगा जैसे बेहद कामयाब अभियान भेजे थे।ये शुक्र का चक्कर लगाने के लिए भेजे गए थे। लेकिन शुक्र के भयानक गर्म वातावरण में यह यान मात्र 3 घंटे में ही जलकर राख हो गये थे।

2006 में युरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा भेजे गए Venus Express space shuttle ने शुक्र पर 1000 से ज्यादा ज्वालामुखीयों की खोज की। आंकड़ों के मुताबिक शुक्र पर अभी भी ज्वालामुखी सक्रिय हैं पर कुछ ही क्षेत्रों में, ज्यादातर हिस्सा लाखों सालों से शांत है।

Source – Universetoday

शुक्र पर वैसे जीवन की संभावना काफी कम है पर यदि इसे खोजा जाये तो हमें सौर-मंडल और शुक्र ग्रह के कई राज जानने को मिल सकेंगे जो आगे हमारे लिए काफी मददगार होंगे, पर शुक्र का भयानक वातावरण ही वैज्ञानिकों को राकते रहता है।

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