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सूर्य आरम्भ से अंत तक, जानें कैसे बना हमारा सूर्य और कैसे होगा इसका अंत

Sun In Hindi Science – सूर्य Sun हमारे लिए भगवान से कम नहीं है, ये वो विशाल तारा है जिसके प्रकाश की  छत्रछाया में हम रहते हैं और हमारा जीवन चलता रहता है। सूर्य हमारे सौर-मंडल का सबसे अहम तारा है जिसके ग्रेविटी के बल के कारण ही सौर मंडल आज अस्तित्व में है।

सूर्य इतना विशाल है कि इसमें 13 लाश पृथ्वी समा सकती हैं, इस विशाल तारे में अरबों वर्षों से नाभिकिय संलयन (Nuclear Fusion) हो रहा है जिससे निकलने वाली उर्जा से ही हमारी धरती और अन्य ग्रहों पर प्रकाश पहुंचता है।

वर्तमान में सूर्य के द्रव्यमान का 70% हाइड्रोजन 28% हीलियम और 2% अन्य धातु/तत्व है। यह अनुपात धीमे धीमे बदलता है क्योंकि सूर्य हायड्रोजन को जलाकर हिलियम बनाता है।

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सूर्य 4.5 अरब वर्ष पूराना है , उसने अपने पास की कुल हायड़्रोजन का आधा हिस्सा प्रयोग कर लिया है लेकिन इसके पास अगले 5 अरब वर्षो के लिये पर्याप्त इंधन है। उस समय उसकी चमक लगभग दूगनी हो जायेगी।

लेकिन अतत: उसकी हायड़्रोजन खत्म हो जायेगी और वह एक लाल महादानव मे बदल जायेगा। उस समय सूर्य मंगल की कक्षा तक फूल जायेगा। पृथ्वी नष्ट हो जायेगी। शायद सूर्य की मौत एक ग्रहीय निहारिका (Nebula) के रूप मे होगी।

आज हम आपको सूर्य के बारे में बहुत सी जानकारी देने वाले हैं जिसमें उसके आरंभ से लेकर हमारी धरती पर प्रभाव और अंत का सटीक वर्णन किया गया है। इस जानकारी के लिए आपको यह वीडियो देखना जरुरी है।

Pallavi Sharma

पल्लवी शर्मा एक छोटी लेखक हैं जो अंतरिक्ष विज्ञान, सनातन संस्कृति, धर्म, भारत और भी हिन्दी के अनेक विषयों पर लिखतीं हैं। इन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और वेदों से बहुत लगाव है।

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