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नोबेल कोरोना वायरस, क्या है ये बीमारी- Full Report Of Novel Coronavirus In Hindi

नोबेल कोरोना वायरस के लक्षण, उपचार, संक्रमण और परहेज के तरीकों के ऊपर एक रिपोर्ट

आए दिन आपको कई सारी बीमारियां और उसके घातक परिणामों के बारे में सुनने को मिल रहा होगा। कई साल पहले इबोला वायरस (Ebola Virus) ने जो अपनी प्रचंडता दिखाई थी, उससे विश्व अभी तक सही तरीके से उभरा ही न था की अब और एक महामारी ने पूरे पृथ्वी को अपने चपेट में लिया है। वैसे तो मानव इतिहास में प्लेग और पोलियो जैसे कई सारे महामारी रोग आये हैं परंतु इस बार का यह रोग वाकई में सबके होश और खुशी उड़ाने के लिए पूरी तैयारी करके आया है। वैसे मेँ आपको बता दूँ की हम लोग आज इस लेख के अंदर दुनिया भर में मौत का सिलसिला फैलाने के लिए जिम्मेदार नोबेल कोरोना वायरस और COVID -19 (novel coronavirus in hindi) के बारे में बात करेंगे।

वैसे आगे बढ़ने से पहले मैं आप लोगों को बता दूँ की, इस लेख में आपको नोबेल कोरोना वायरस (novel coronavirus in hindi) से जुड़ी हर एक बात पता चलने वाली है। उदाहरण के लिए, यह बीमारी (COVID -19) क्या है- कैसे फैलती है और इससे कैसे बचा जा सकता है। इसके अलावा आपको इस बीमारी से जुड़े ऐसे-ऐसे तथ्यों को भी जानने का मौका मिलेगा जो की आपने शायद इससे पहले कभी इस विषय के ऊपर सुनें नहीं होंगे।

तो, चलिए अब और देरी न करते हुए नोबेल कोरोना वायरस (novel coronavirus in hindi) के ऊपर आधारित इस लेख में आगे बढ़ते है।

नोबेल कोरोना वायरस क्या हैं? – What Is Novel Coronavirus In Hindi ? :-

वैसे नोबेल कोरोना वायरस के बारे में जानने से पहले मेँ आपको बता दूँ की, खुद कोरोना वायरस एक भूताणुओं (Virus) का ग्रुप हैं जिसमें की कई प्रकार के कोरोना वायरस शामिल हैं। यह वायरस मूल से इंसान और पक्षियों में कई तरह की बीमारी जैसे सर्दी-खांसी से लेकर MERS और SARS जैसे बीमारियां करने के लिए भी जिम्मेदार है। वैसे ठीक इसी तरह नोबेल कोरोना वायरस भी कोरोना वाइरस ग्रुप का ही एक सदस्य हैं जो की अभी चल रही महामारी का नतीजा है।

(Image credit: CDC/Cynthia Goldsmith, Azaibi Tamin)

वैसे इसके अलावा मेँ आपको ये भी बता दूँ की, नोबेल कोरोना वायरस (novel coronavirus in hindi) (COVID -19) के साथ ही साथ अन्य कोरोना वायरस इंसान को सीधे-साधे बुखार से लेकर जानलेवा बीमारियों तक धकेल सकते हैं। बहरहाल इंसानों को उनके जीवन में कम से कम एक न एक बार कोरोना वाइरस से संक्रमण होता ही है, परंतु वह संक्रमण ज़्यादातर सर्दी-जुकाम तक सीमित ही रह जाता है।

चीन के मुख्य भूभाग में फैलता हुआ नोबेल कोरोना वायरस (novel coronavirus in hindi) एक सिंगल स्ट्रैंडेड आरएनए (single stranded RNA) प्रकार का वायरस है जो की मूल रूप से मानवीय श्वास तंत्र को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। पिछले साल के दिसंबर से चले आ रहे नोबेल कोरोना वायरस की विनाश लीला अभी तक नहीं थमी है। वैज्ञानिक मानते हैं की यह वायरस मूल रूप से पशुओं से आने वाला एक वायरस है जो की बाद में चलकर इंसानों को लग गया है।

आखिर कहाँ से आया हैं यह वायरस  ? – From Where The Virus Was Came ? :-

चीनी सहर वुहान (Wuhan) में अभी चल रहे कोरोना वायरस (COVID -19) का संक्रमण मूल रूप से समुद्री-जीवों से बनी खाने की चीजों और चमगादडों से आने का अनुमान है। वैसे गौरतलब बात यह भी है की, वुहान में स्थित एक समुद्री-जीवों की खाने का मार्केट जिसे हुनान सी-फूड मार्केट” भी कहते हैं, वहाँ से इस वाइरस का सूत्र पात हुआ है। गज़ब की बात तो यह है भी है की, अभी के कोरोना वाइरस का जिनैटिक सीक्वेंस चमगादड़ों में होने वाली कोरोना वाइरस के सीक्वेंस से करीब-करीब 88% एक समान ही हैं।

ऐसे में यह कहा भी जा सकता है की, नोबेल कोरोना वायरस (novel coronavirus in hindi) की उत्पत्ति चमगादडों से हुR है, परंतु हैरानी बाली बात यह भी है की हुनान के सी-फूड मार्केट में (जहां से पहले वायरस संक्रमण का रिपोर्ट आई थी) चमगादडों का कोई कारोबार नहीं होता है। तो, ऐसे में यह कहना मुश्किल हैं की आखिर यह वायरस वास्तव में कहाँ से आया है।

इसी के चलते कई वैज्ञानिक यह भी कहते हैं, हुनान के मार्केट में बेचे जा रहे साँप भी इस वाइरस का मूल कारण हो सकते हैं, परंतु अभी तक इसके बारे में कोई भी पुष्टि-करण नहीं मिला है।

खौफ का नया नाम कोरोना - Novel Corona Virus In Hindi.
कोरोना के जरिए चीन में हो रही हैं तबाही | Credit: The Hill.

हो जाइए सावधान! इस वाइरस के हैं कुछ साधारण व घातक लक्षण  – Symptoms Of Novel Coronavirus (COVID -19) :-

मित्रों! आपको जानकर हैरानी होगी की, इतने घातक और जानलेवा वाइरस होने के बाद भी नोबेल कोरोना वायरस (novel coronavirus in hindi) के बहुत ही साधारण लक्षण हैं जिन्हें ज़्यादातर लोग अनदेखा ही कर देते हैं। प्रारंभिक अवस्था में इस के कई सारे लक्षण एक साथ देखने को मिलते हैं जैसे की; काफी ज़ोरों का बुखार और शरीर के तापमान में वृद्धि होना, खांसी होना, सांस लेने में तकलीफ होना ।

एक रिपोर्ट से पता चलता है की, ज़्यादातर लोगों के अंदर वायरस के लक्षण संक्रमण के 5 दिनों के अंदर ही अंदर दिखाई पड़ते हैं। वैसे अजीब बात यह भी हैं की, अब तक लोग खुद व खुद इस बीमारी से ही उभर सकते हैं और इसको मिटाने के लिए कोई भी औषधि नहीं हैं। हालांकि दर्द को कम करने के लिए (बुखार के वक़्त शरीर में होने वाली पीड़ा) रोगी को कुछ हद तक औषधि दी जाती है।

वैसे अगर आपको अभी-अभी जुकाम हुआ हैं, तो इसके लिए आप गरम पानी से नहा सकते हैं। इसके अलावा गले को आराम पहुंचाने के लिए चाय या गरम चीज़ भी खा सकते हैं। परंतु हाँ ! अगर आपकी सर्दी कई दिनों से खराब होती ही जा रही है तो आपको जल्द ही किसी डॉक्टर को दिखा देना चाहिए।

मैं यहाँ ये भी बता दूँ की, अगर आपको अपने शरीर में होने वाले बदलाव के ऊपर अगर किसी भी प्रकार का संदेह हैं, तो भी आप नजदीकी अस्पताल में जा कर इसके बारे में डॉक्टर से बात कर सकते हैं। क्योंकि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बहुत घातक हो सकती है। वैसे इसके बारे में आपका क्या मत हैं, जरूर ही बताइएगा हमें बहुत ही खुशी होगी।

क्या यह वायरस महामारी बन रहा है? :-  Is this virus becoming an epidemic?

किसी भी बीमारी को तभी महामारी कहा जा सकता हैं, जब यह आसानी से इंसानों को संक्रमित पर पाए, इंसानों के अंदर आसानी से बढ़ पाए और दूसरों तक फैल सके। इसीलिए अभी तक सटीक तरीके से कहा नहीं जा सकता की, यह वाकई में एक महामारी हैं या नहीं। परंतु हाँ ! अभी तक इसके करण 600 लोगों की जान जा चुकी हैं और इससे पूरे विश्व में लगभग 31,400 लोग संक्रमित हो चुके हैं। तो, अगर अभी कुछ नहीं किया गया तो भविष्य में यह वायरस आसानी से एक महामारी का रूप ले सकता है।

मेँ आपको यहाँ और भी बता दूँ की, कोरोना वाइरस से पीड़ित व्यक्ति औसतन और दो स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता हैं। इसलिए पीड़ित व्यक्तियों को स्वस्थ व्यक्तियों से दूर रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। नहीं तो यह काफी तेजी से भी फैलने की भी पूरी-पूरी संभावना रखता है। इसके लिए भारत सरकार भी बहुत चिंतित हैं क्योंकि चीन हमारा पड़ोसी राष्ट्र हैं और हमारे यहाँ से कई लोग वहाँ घूमने, काम करने और पढ़ने जाते हैं। तो, वहाँ से भारत के अंदर इस वायरस का आना बहुत ही ज्यादा सरल हैं जिसको नजरंदाज भी नहीं किया जा सकता है।

कैसे फैलता हैं यह वाइरस – How Coronavirus (COVID -19) Spread ? :-

वैज्ञानिकों कहना है की, नॉवेल कोरोना वाइरस (novel coronavirus in hindi) मूलतः एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैल सकता हैं और ज़्यादातर संक्रमण पीड़ित व्यक्ति के अति निकट (पीड़ित व्यक्ति के 6 फीट दूरी तक) जाने से हो सकता है। बाकीं इंफ्लुएंजा (influenza)  और फ्लू (Flu) के ही भांति यह भी पीड़ित व्यक्ति के मुंह से निकलने वाली खांसी और छींक के ड्रॉपलेट से भी हो सकता है।

इसमें अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति उस संक्रमित ड्रॉपलेट के आसपास भी आता हैं, तो वह उससे संक्रमित हो सकता है। वैसे मेँ आपको यहाँ बता दूँ की, स्वस्थ व्यक्ति के मुंह, नाक और आँख से भी संक्रमण उसके शरीर के अंदर प्रवेश कर सकता है। इस बात की भी सही से पुष्टि मिली है की, कोई संक्रमित पदार्थ की सतह को छु कर भी कोई संक्रमण फैल सकता है।

मित्रों! यहाँ पर आपको ध्यान देना होगा की, श्वास-तंत्र से जुड़ी कोई भी बीमारी इंसानों के लिए बहुत ही खतरनाक हैं और यह बड़ी ही आसानी से इंसानों के अंदर फैल सकती है। इसलिए इसके प्रति आपको हमेशा ही सजग व सतर्क रहना पड़ेगा और लापरवाही तो बिलकुल भी नहीं बरतनी चाहिए।

फिलहाल चल रहे वाइरस के संक्रमण के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं चला हैं, परंतु फिर भी माना जा रहा है की यह एक घातक वाइरस है। मूल रूप से वाइरस के होने वाली बीमारियाँ उस वाइरस के ऊपर निर्भर करती हैं जो इसे फैला रहीं हैं और हर एक वायरस का अपना ही अलग संरचना और बीमारी फैलाने की बल होता है। इसलिए किसी भी वाइरस को कम आंक कर नहीं देखा जा सकता है।

आपको इसके बारे में क्या लगता हैं ! क्या यह वायरस वाकई में खतरनाक हैं या नहीं ? जरूर ही कॉमेंट करके बताइएगा।

क्या नोबेल कोरोना वायरस (COVID -19) के लिए कोई उपचार या टीका हैं ? :-

वाइरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए दुनिया भर की दवाई बनाने वाली संस्थाएं इसके एंटी-डोट को बनाने के लिए तत्परता के साथ काम कर रहीं हैं। चीनी मूल की एक संस्थान तथा सरकारी रोग प्रतिरोधी संस्थान कोरोना वाइरस के लिए एक टीके के ऊपर काम भी कर रही है। इसके अलावा हाँगकाँग की स्वास्थ्य संस्थान भी इसको लेकर काम रही है।

क्वीन्सलेंड में स्थित तीन औषधि बनाने वाली संस्थान भी कोरोना को लेकर एक टीके का निर्माण कर रही हैं। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के कई सारे संस्थान वाइरस के टीका को लेकर बहुत ही तेजी से के साथ काम कर रहे हैं और आशा है की वे लोग मार्च के महीने तक इसके ट्राइल वर्शन को निकालने में सक्षम हो पाएंगे।

इसके लिए हाल ही में विकसित किए गए कूछ टीकों का विकल्प :-

हाल ही में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कोरोना से जूझने के लिए एंटी-वायरल (Anti-Viral)  के इस्तेमाल को एक विकल्प बताया है। उनका कहना है की, अगर किसी तरह कोरोना वाइरस के जिनैटिक सीक्वेंस को देख कर उसी की तरह उसका विपरीत सीक्वेंस वाला एंटी-वाइरल बनाया जाए तो कोरोना (novel coronavirus in hindi) को फैलने से रोका जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है की, यह तरीका एचआईवी (HIV) और इबोला जैसे बीमारियों के लिए काफी कारगार साबित हुआ है और चूंकि यह पहले से बनाया जा चुका है तो इन्हें नोबेल कोरोना वायरस के लिए विकसित करने में ज्यादा समय भी नहीं लगेगा।

वैसे कुछ वैज्ञानिक यह भी कहते हैं की, नोबेल कोरोना वायरस (COVID -19) के लिए सिर्फ एक औषधि पर्याप्त नहीं हैं, इसके लिए कई तरह के औषधियों को एक साथ इस्तेमाल करने की जरूरत है। इसलिए उन्होंने कहाँ है की इंसानी श्वास तंत्र से जुड़ी हर एक बीमारी के लिए इस्तेमाल होने वाली औषधि को इस्तेमाल करना जरूरी होगा। वैसे गौर तलब बात यह भी है की ज़्यादातर इंसानी शरीर में होने वाली बीमारियों में एक से अधिक वाइरस का हाथ रहता हैं जो की बीमारी के बढ्ने के साथ ही साथ प्रकट होते हैं।

तो, ऐसे में सीधे-सीधे तरीके से मनुष्य के श्वास तंत्र को संक्रमित करने वाली यह बीमारी इंसानी जान के लिए बहुत ही खतरनाक हैं, जिसको अगर उचित समय में इलाज नहीं मिला तो बहुत ही भयानक रूप धारण कर सकती है। ऐसे में देखना यह है की, आखिर कब तक इस बीमारी का तोड़ निकलकर समाने आता है।

Wuhan field hospital for corona patients.
कोरोना को रोकने के लिए वुहान में बनाया गया अस्पताल | Credit: The Times of Israel.

कैसे बचें इस बीमारी से ! :-

इस बीमारी से बचने का सबसे आसान और अच्छा तरीका हैं, जितना हो सके उतना संक्रमित स्थान और लोगों से दूर रहें।  इसके अलावा जब भी आप बाहर से आएं तो अपने हाथों को अवश्य ही साबुन से धोएं (कम से कम 20 सेकंड के लिए) तथा नियमित रूप से इसे साफ रखें। गंदे हाथों से अपने आँख, नाक और मुंह को न छूएँ | जब भी आप देखें की किसी व्यक्ति को बुखार या जुकाम है तो उससे दूरी बना कर चलें।

अगर आपको भी जुकाम हैं या शरीर में बुखार और खांसी बहुत दिनों से परेशान कर रहीं हैं तो अपने को अन्य स्वस्थ लोगों से दूरी बना कर रखें। संक्रमण से बचने के लिए सामूहिक इस्तेमाल होने वाली चीज़ें और उनकी सतह को हमेशा किसी एंटी-वाइरल लिकुइड से साफ करते रहें। कोशिश करें की हमेशा साफ-सुथरी जगहों पर ही जाएं। घर के फर्श को नियमित रूप से किसी अच्छे एंटी-वाइरल लिकुइड से साफ करते रहें। बीमार जानवरों से दूरी बना कर रखें तथा उनको ज्यादा ना छूएँ। कोई भी खाना देख कर ही खाएं।

तो, ऊपर कहीं गईं बातों को अगर आप ध्यान में रखें तो आप इस बीमारी से बच सकते हैं। वैसे ये सभी बचने के तरीके हैं तरीके हैं और अगर आप ऐतिहात ही नहीं बरतेंगे तो आपको बीमारी होने का खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ जाएगा।

भारत के ऊपर नोबेल कोरोना वाइरस का प्रभाव :-

अब तक भारत में नोबेल कोरोना वाइरस (novel coronavirus in hindi)  (COVID -19) की 170 घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। वैसे भारत की इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलोजी इन घटनाओं की पुष्टीकरण कर रही हैं परंतु कहा जा रहा है की इससे भी अधिक ऐसी घटनायें आगे आ सकती हैं। इसके अलावा क्योंकि चीन हमारा एक पड़ोसी देश भी है तो यह यहाँ फैलने में ज्यादा वक़्त भी नहीं लेगा।

वैसे चीन के अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, हाँग-काँग, भारत, यूके, फ्रांस आदि देशों के अंदर भी यह वाइरस आ चुका है। ताजा लाइव वायरस के प्रभाव के देखने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक जरुर करें – https://storymaps.arcgis.com/stories/4fdc0d03d3a34aa485de1fb0d2650ee0

इसीलिए और भी तेजी से बीमारी पूरे विश्व में फैलने की खतरा भी हैं | मित्रों! चीनी सरकार वुहान शहर को पूरी तरीके से बंद कर दिया हैं और इस शहर से न तो कोई बाहर जा सकता हैं और न ही कोई अंदर। इसके अलावा इसी तरह आस-पास के कई शहरों को जरूरत के हिसाब से बंद किया जा रहा है।

Air india evacuation from wuhan.
एयर इंडिया की बचाव कार्य | Credit: Hindustan Times.

इसके अलावा भारतीय सरकार ने अपने नागरिकों को एयर-लिफ्ट के मदद से वहाँ से निकाल रही हैं (अबतक लगभग 640 भारतियों को )| मेँ यहाँ और भी बता दूँ की एयर-लिफ्ट से पहले भारत के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई-अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग के जरिए बाहर से आए यांत्रिओं के ऊपर नजर रखा जा रही है। भारत सरकार ने अभी-अभी चीनी पर्यटकों को वीसा देने से भी मना कर दिया है। भारतीय नागरिकों को कहा गया हैं की, चीन न जाएं और जो भी पिछले 10-14 दिनों के अंदर चीन से लौटा है उन्हें नजदीकी अस्पताल में हर हाल में एक चेक-अप जरूर कर लेना चाहिए।

निष्कर्ष – Conclusion

वैसे देखा जाए तो यह वायरस  (COVID -19) एक छोटी सी जगह से पैदा हो कर चीन के हूबेइ” प्रांत में फैल गया। देखते ही देखते पल भर में कई हजारों लोग इससे पीड़ित हो गए और कई सौ ने अब तक अपनी जान गवां दी हैं और हम इसके बारे में अब तक कुछ खास नहीं कर पाएँ हैं। इसी से यह पता चल रहा हैं की, इंसान कभी भी प्रकृति से जीत नहीं सकता। खैर हम लोगों का सिर्फ एक ही भगवान से प्रार्थना रहेगा की, जल्द से जल्द इस बीमारी का कोई तोड़ निकल आए ताकि कई जानें बचाईं जा सके।

Source- www.livescience.com, www.cdc.gov.com.

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Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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