Facts & Mystery

क्या यह सच है कि आप एक कागज़ को 7 बार से अधिक मोड़ नहीं सकते?

Why Can't We Fold Paper More Than 7 Times

Why Can’t We Fold Paper More Than 7 Times – विज्ञान में अक्सर कहा जाता है कि आप एक कागज को अपने बल पर 7 बार से अधिक नहीं मोड़ सकते हो, क्योंकि 8 वीं बार मोड़ने पर आपको इतना फोर्स लगाना होगा जो कि आपसे हो नहीं पायेगा। पर आईये जानते हैं कि ये कितना सच है और क्या होगा जब हम कागज को 7 बार से ज्यादा मोड़ दे….

विज्ञान में ऐसा कोई नियम नहीं जो कागज के मोडने कि कोई सीमा निर्धारित करता हो, आप जितनी बार भी चाहे कागज मोड सकते हैं बस आप एक पास इतने बडे अकार का कागज होना चाहिऐ।

छोटे अकार के कागज को मोडते समय मात्र चार या पांच फोल्ड के बाद ही कागज कि मोटाई उसकी लम्बाई से कम हो जायेगी और Structural integrity के कारण  कागज और अधिक नही मुड पायेगा।

अगर व्यवाहरिक रूप से बात करें तो शायद ही आप कागज को 12 बार से ज्यादा बार नहीं मोड सकते हो। क्यों? चलिऐ अब देखते हैं।

हम एक प्रयोग करते हैं, और इस प्रयोग में एक अनन्त लम्बाई और चोडाई का कागज लेते हैं, ताकि कागज को मोडने में कोई तकनीकी समस्या ना आयें।

एक समान्य अकार के पेपर कि मोटाई 0.1 मीमी होती हैं ( मीटर का 10,000 वां भाग) अब हम इस पेपर को मोडना शुरू करते हैं

पहली बार जब पेपर मोड जायेगा तो इसकी मोटाई 0.2मीमी हो जायेगी क्योंकि एक पृष्ट के ऊपर दुसरा पृष्ट आ जायेगा

  • Save

दुसरी बार मोडने पर इसकी मोटाई 0.4 मीमी होगी

तीसरी बार मोटने पर पेपर कि मोटाई 0.8 मीमी होगी

चौथी बार मोडने पर मोटाई 1.6मीमी हो जायेगी

पाचवीं बार मोडने पर 3.2मीमी

छटवीं बार 6.4मीमी ( लगभग इतना बडा जितनी बडी एक चीटीं होती हैं)

  • Save

 

सातवीं बार 1.28 सेमीं

आठवीं बार 2.56सेमीं (लगभग आपकी अंगुली जितना मोटा)

  • Save

नवीं बार 5.12 सेमीं

दसवी बार 10.24 सेमीं

ग्यारहवीं बार 20.48 सेमीं

बारवीं बार 40.96 सेमीं (लगभग फुटबाल जितना मोटा)

  • Save

 

तेरवी बार लगभग 82 सेमीं

चोहदवीं बार 1.6 मीटर (औसत भारतीय पुरूष कि ऊचाई)

  • Save

पन्द्रहवीं बार 3.2 मीटर

सोलहवीं बार 6.4 मीटर

सत्रहवीं बार 12.8 मीटर

अठहारवीं बार 25.6 मीटर

उन्निसवीं बार 51.2 मीटर

बीसवीं बार 102 मीटर लगभग

इक्कसवीं बार 204 मीटर (स्टैचू आफ युनिटी जितना)

Image result for statue of unity
  • Save
Via: Yatra.com

बाइसवीं बार 408 मीटर

तेईसवीं बार 816 मीटर

चोबीसवीं बार 1.6 किलोमीटर

आप ऐसे मोडते चलते जाईये और पेपर कि मोटाई बढती जायेगी

छत्तीसवीं बार मोडने पर पेपर इतना मोटा हो जायेगा जितनी पृथ्वी कि त्रिज्या हैं 6553 किमी मोटा

  • Save

43 वीं बार मोडने पर पेपर कि मोटाई पृथ्वी और चादं के बीच कि दुरी से भी ज्यादा हो जायेगीं 4,19,392 किमीं

  • Save

52 वीं बार ये अनन्त लम्बाई और चौडाई का पेपर 21,47,28,704 किलोमीटर मोटा हो जायेगा अर्थात पृथ्वी और सुर्य कि दुरी से भी अधिक

  • Save

59वीं बार यह इतना मोटा हो जायेगा जितनी लम्बा हमारा सोलर सिस्टम हैं

मोडते मोडते जब हम इसे 103 बार मोड चुकेगें तब यह अनन्त पेपर ब्रह्मांड जितना मोटा हो जायेगा.

इससे आगे आप इसे नही मोड पायेगें क्योंकि इस समय तक पुरे ब्रह्मांड को आपका ये अजीब़ो गरीब पेपर पार कर चुका होगा और इससे आगे आप के पास जगह ही नही बची होगीं…

साभार – क्योरा

– देखें विज्ञान से सम्बंधित कुछ ऐसे तथ्य जिनसे कहीं न कहीं हम सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं

Tags

Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

Related Articles

Back to top button
Close
1 Share