Chemistry

रेडिकल के बारे में पूर्ण जानकारी – All About Radical Definition In Hindi.

जानिए फिर से जवान होने का राज ! रेडिकल के ऊपर आधारित इस लेख के जरिए |

स्कूल में हम सभी ने रसायन विज्ञान से जुड़ी कई सारी अद्भुत और रोचक बातों के बारे में जाना हैं | मैंने भी इस से पहले कार्बन तत्व और पॉलिमर जैसे कई रसायन विज्ञान से जुड़ी रोचक विषयों के ऊपर आपको काफी कुछ बताया है| परंतु ज्ञान तो एक सागर की भांति हैं , जितना भी जान लो हमेशा आपको बहुत ही कम लगेगा | बड़े-बड़े विद्वानों को भी अपने आप में हमेशा ही ज्ञान की कमी को महसूस करते हुए हमने देखा है| खैर मेँ आपको बता दूँ की आज का विषय रेडिकल (radical definition in hindi) की संज्ञा और इस के मूलभूत बातों से जुड़ी हुई है।

रेडिकल के बारे में पूर्ण जानकारी - All About Radical Definition In Hindi.
आना आयन और काटा आयन | Credit ; Eco Farming Daily.

मित्रों ! रेडिकल (radical definition in hindi) की संज्ञा के बारे में आप सभी ने अपने स्कूल में अवश्य ही पढ़ा होगा , परंतु आज हम इस लेख के अंदर सिर्फ इसके संज्ञा ही नहीं पर इस से जुड़ी मूलभूत बात जैसे इस के प्रकार , इस की कार्य प्रणाली और इससे जुड़ी कुछ बहुत ही रोचक बातों को जानेंगे | मैंने अकसर देखा है की , लोग हमेशा रेडिकल की संज्ञा (radical definition in hindi) संज्ञा को ही याद कर लेते हैं | परंतु विडंबना की बात यह है की वह लोग रेडिकल के ऊपर गहन अध्ययन नहीं कर पाते हैं | जो की एक बहुत ही दुख की बात हैं |

खैर आप लोग चिंता न कीजिए आगे हम इस लेख में रेडिकल (radical definition in hindi) के ऊपर बहुत ही गहन रूप से चर्चा और इसकी गहराई से विश्लेषण करेंगे | तो , चलिए लेख में आगे बढ़ते हुए इसके बारे में जानते हैं |

रेडिकल क्या है ? – Radical Definition In Hindi :-

रेडिकल के बारे में आगे कुछ जानने से पहले हमें इसकी संज्ञा को जान लेना चाहिए | यूँ तो आपको रेडिकल की संज्ञा (radical definition in hindi) बहुत जगह पढ़ने को मिलेंगे , परंतु यहाँ पर मैं आपको रेडिकल की एक बहुत ही सरल सी संज्ञा के बारे में बताऊंगा जो की आप लोगों को आसानी से समझ में आ जाए |

सरल भाषा में कहूँ तो , रेडिकल एक रासायनिक चीज़ है जिसके पास केवल एक अन-पेयर्ड (अयुगल) इलेक्ट्रॉन मौजूद रहता हैं | मित्रों ! आपको मेँ यहाँ और भी  बता दूँ की कई बार रेडिकल को फ्री-रेडिकल” भी इसी वजह से कहा जाता हैं | अन-पेयर्ड इलेक्ट्रॉन रेडिकल के पास होने के कारण वह पूर्ण रूप से स्वतंत्र हो कर रहता हैं |

इसके अलावा रेडिकल बहुत ज्यादा रासायनिक प्रतिक्रिया में भाग लेते हैं | अन्य रासायनिक द्रव्यों के मुक़ाबले रेडिकल काफी ज्यादा महत्वपूर्ण रहते हैं | दुनिया में ऐसे कई सारे रासायनिक प्रक्रिया हैं जो की केवल एक-एक रेडिकल (radical definition in hindi) के ऊपर निर्भर करते हैं | जी हाँ ! आपने सही सुना सिर्फ एक रेडिकल के ऊपर |

आपने कभी अगर स्कूल के समय में आपने ओर्गनिक कैमिस्ट्रि के किताब पर गौर फरमाया होगा तो , आपको पता होगा की रेडिकल  का महत्व कितना ही ज्यादा रहता हैं | खैर अब जब आपने रेडिकल की संज्ञा (radical definition in hindi) के बारे में जान लिया हैं , तो चलिए एक बार यह कैसे बनता हैं उसके बारे में चलिए कुछ जान लेते हैं | यह रेडिकल से जुड़ी एक बहुत ही मूलभूत बात हैं |

रेडिकल कैसे बनता हैं ?

रेडिकल कैसे बनता हैं ? इस सवाल का जवाब बहुत से लोगों के मन में अकसर उठता ही रहता हैं | मगर ज़्यादातर लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं हैं | मुझे भी दोस्तों इसके बारे में अभी-अभी ही पता चला हैं | खैर हर किसी को हर चीज़ पता हो , यह तो कहीं लिखा ही नहीं हैं परंतु हाँ ! हमेशा कुछ न कुछ सीखते ही रहना जीवन को सफल अवश्य ही बनाता हैं | तो ,चलिए आगे देखते हैं की आखिर रेडिकल कैसे बनते हैं !

आमतौर पर रेडिकल (radical definition in hindi) को-वालेंट बॉन्ड के विलय से ही बनता हैं | जी हाँ ! जब कोई एक को-वालेंट का विघटन होता है , तब एक-एक करके दो इलेक्ट्रॉन बॉन्ड को बनाने वाले दोनों रासायनिक कारकों के पास रह जाते हैं | यहाँ पर मेँ आपको और भी बता दूँ की हर एक रासायनिक कारक के पास समान संख्या के इलेक्ट्रॉन रहते हैं | इस प्रकार से बॉन्ड के टूटने को रसायन विज्ञान में होमोलाइसिस” कहते हैं | मित्रों ! इस प्रकार के प्रक्रिया आपको कई जगह देखने को मिल जाएंगे |

दुनिया में किसी भी कार्य के लिए ऊर्जा की जरूरत हमेशा से ही रहता हैं और रेडिकल (radical definition in hindi) के बनने के लिए भी ऊर्जा की जरूरत पड़ती हैं | यह ऊर्जा मूल रूप से ताप और प्रकाश के रूप में रासायनिक प्रक्रिया को त्वरान्वित करता हैं , जिससे प्रक्रिया आसानी से बिना किसी असुविधा के हो जाता हैं | खैर यहाँ पर आपको और एक बात पर थोड़ा गौर करना चाहिए | जब भी किसी रासायनिक पदार्थ के अंदर बॉन्ड का विलय घटता है , तब बॉन्ड के विलय घटते ही इसके तुरंत बाद एक नए बॉन्ड का जन्म भी होता हैं | इसी वजह से रासायनिक प्रक्रिया अपने संतुलन को बरकरार रख पाता हैं |

रेडिकल की चार्ज ! :-

मित्रों ! रेडिकल (radical definition in hindi) की संज्ञा को लेकर लोगों के अंदर कोई भी दुविधा नहीं होती हैं | परंतु इसके चार्ज को ले कर मैंने अक्सर लोगों के मन में काफी दुविधा देखि हैं | रेडिकल की चार्ज कोई कहता है पोसिटिव है , तो कोई कहता हैं रेडिकल की चार्ज नेगेटिव हैं | अब इसका सही जवाब क्या हैं ? शायद कुछ लोगों को मालूम हो , परंतु फिर भी इसके बारे में चलिए प्रकाश डाल ही लेते हैं |

दोस्तों ! रेडिकल की चार्ज पोसीटिव , नेगेटिव और न्यूट्रल तीनों हो सकता हैं | जी हाँ ! आपने सही सुना | पोसीटिव रेडिकल यानी  काटा आयन और नेगेटिव रेडिकल यानि आना आयन को कहते हैं | आपने इन रासायनिक कारकों के बारे में पहले भी कई सारे प्रक्रियाओं में पढ़ा होगा |

वाकई में यह सब बातें देखने व सुनने में कितने साधारण प्रतीत होते हैं , परंतु यह साधारण बातें बाद में आपको कितना द्वंद्व में डाल देते हैं | मित्रों ! रेडिकल ही रसायन विज्ञान में सिर्फ उन चुनिंदा चीजों में से एक ऐसी चीज़ है जो की बहुत ही अनोखी और दिलचस्प हैं | इसके गुणों के बारे में आप पढ़ कर बहुत ही हैरान हो जाएंगे | परंतु वह एक अन्य ही विषय हो जाएगा जो की मेँ आपको आगे आने वाले लेखों मेँ बता पाऊँ | आपको रेडिकल के बारे में क्या पहले से इन मूलभूत बातें पता थी ?

रेडिकल के बारे में पूर्ण जानकारी - All About Radical Definition In Hindi.
दिल के लिए अच्छा है एंटीऑक्सीडेंट | Credit : Business Trader.

रेडिकल के प्रकार – Types Of Radical :-

मित्रों ! विज्ञान में किसी भी चीज़ को अच्छे से जानने के लिए उसको कई सारे प्रकारों में बांटा जाता हैं | रेडिकल (radical definition in hindi) को भी कई सारे प्रकारों में बांटा गया हैं | लेख के इस भाग में एचएम रेडिकल के इन्हीं प्रकारों के ऊपर चर्चा करेंगे |

मैंने यहाँ पर रेडिकल के कुछ प्रकारों को उदाहरण के तौर पर लिखा हैं | इसके अलावा भी रेडिकल के कई सारे प्रकार होती हैं |

  1. सुपरऑक्साइड आयन :-

पूरी दुनिया में आपने सुपरऑक्साइड से बनी कई सारे चीज़ें देखि होंगी | इसलिए आप लोग ज़्यादातर इस से वाकिफ होंगे | खैर हम लोग फिर भी एक बार इसके बारे में यहाँ पर चर्चा अवश्य ही करेंगे |

सुपरऑक्साइड आयन यानी किसी भी रासायनिक मौलिक कारक के पास एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन का होना | आमतौर पर अत्यधिक इलेक्ट्रॉन होने के वजह से यह मूल रूप से नेगेटिव चार्ज का वहन करता है | मित्रों ! मेँ यहाँ पर आपको और भी बता दूँ की ज़्यादातर सुपरऑक्साइड आयन इंसानी शरीर के लिए हानि-कारक होती हैं |

यह माइटोकोंडरिया , डीएनए जैसे जैविक कणिकाओं को बहुत ज्यादा हानि पहुँचाते हैं | इंसानी शरीर सुपरऑक्साइड आयन को सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेस नाम के एक एनजाइम के माध्यम से इसके हानिकारक प्रभावों को संतुलित करता हैं |

  1. हाइड्रोक्सिल रेडिकल :-

हाइड्रोक्सिल रेडिकल रेडिकल की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण प्रकार हैं | यह इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट चेन के अंदर आने वाली ऑक्सिजन की कमी या इसके खो जाने के कारण बनता हैं | यह हाइड्रोक्साइड आयन के न्यूट्रल रूप से भी काफी ज्यादा मशहूर हैं | हाइड्रोक्सिल रेडिकल जैविक-रासायनिक प्रक्रियाओं में काफी ज्यादा महत्व रखता हैं | इसके बिना शरीर के अंदर कई सारे मूलभूत और जरूरी प्रक्रिया नहीं हो सकते हैं |

मेँ आपको और भी बता दूँ की हाइड्रोक्सिल आयन सुपरऑक्साइड आयन की तरह किसी एनजाइम के माध्यम से विघटित नहीं हो सकता हैं | यह भारी मात्रा में प्रक्रिया शील हैं और इस का बहुत ही छोटा हाफ-लाइफ पीरियड भी होता हैं |

जरूरत से ज्यादा प्रक्रिया शील होने के कारण यह कई बार DNA और प्रोटीन जैसे मूलभूत कणिकाओं को भी हानि पहुंचाता हैं |

  1. सिंगलेट ओक्सिजेन :-

रेडिकल (radical definition in hindi) की यह प्रकार हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी हैं | आमतौर पर सिंगलेट ऑक्सिजन हमारे शरीर के अंदर मौजूद रोग-प्रतिरोधी तंत्रों के अंदर पाया जाता हैं |

मित्रों ! इसके अलावा यह हमारे शरीर को कई सारे घातक रोगों से भी बचा कर रखता हैं | आपको यहाँ जानकर हैरानी होगा की कोलेस्ट्रॉल को सिंगलेट ऑक्सिजन खतम करने में शरीर की बहुत ज्यादा मदद करता हैं |

  1. हाइड्रोजेन पेरोऑक्साइड :-

मित्रों ! यहाँ पर थोड़ा गौर से सुनिएगा | मूल रूप से हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड रेडिकल के प्रकारों के अंदर गिना नहीं जाता हैं | परंतु यह रेडिकल के सभी प्रक्रियाओं के लिए बहुत ही जरूरी हैं | इसके अलावा कई-कई बार यह रेडिकल को बनाने मेँ भी शरीर की मदद करता हैं |

हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड ऑक्सिजन मेटाबोलिस्म प्रक्रियाओं से ही बनता हैं | कुछ-कुछ समय में यह पेरोक्सीडेस नाम के एक एनजाइम के द्वारा शरीर के अंदर यह संतुलित हो कर रहता हैं | अगर शरीर के अंदर हाइड्रोजेन पेरोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाता है , तब शरीर के अंदर कई प्रकार से अनचाहे परिवर्तन आते हैं |

Excercise Is Good But Over Do It.
कसरत पड सकता है महंगा | Credit : Strive To Move.

एंटीआक्सिडेंट और रेडिकल  – Antioxidant and Radical  :-

आप सभी ने कई सारे प्रसाधन के वस्तुओं के ऊपर एंटीऑक्सीडेंट का नाम अवश्य ही देखा होगा | मुझे लगता है की आज कल लोग सिर्फ एंटीऑक्सीडेंट की नाम सुनते ही उसे खरीदने के लिए भाग खड़े होते हैं | परंतु ! क्या आपको एंटीऑक्सीडेंट से जुड़ी मूलभूत बातों के बारे में पता हैं | मेरे कहने का मतलब यह है की , क्या आपको पता है एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर के अंदर कैसे काम करती हैं ? इसकी प्रभाव आपके शरीर के ऊपर क्या होता है ? नहीं न ! तो चलिए इस बात पर भी थोड़ा चर्चा कर लें |

सरल और सटीक तौर पर कहूँ तो एंटीऑक्सीडेंट शरीर को रेडिकल (radical definition in hindi) के हानिकारक प्रभावों से बचाता हैं | इसके अलावा यह शरीर से हानिकारक पदार्थों को भी निकालता हैं | वह रेडिकल की उच्च प्रक्रियाशील गुण को बहुत ही ज्यादा कम कर देती है , जिस से की वह शरीर में ज्यादा मात्रा में बन नहीं ही नहीं पाता हैं |

एंटीऑक्सीडेंट से भरी हुई एनजाइम , विटामिन और जड़ी-बूटी खाने से शरीर को फ्री-रेडिकल से लढने के लिए बहुत ही ज्यादा ताकत मिलता हैं | खैर मैंने तो यहाँ इसकी कार्य प्रणाली को बता दिया , परंतु चलिए एक बारे इसके कुछ उपकारी गुणों  के ऊपर भी तोड़ा चर्चा कर लेते हैं |

1. दिल को मजबूत रखता हैं :-

ज़्यादातर एंटीऑक्सीडेंट हमारे दिल के लिए बहुत ही ज्यादा उपकारी होती हैं | कपर , ज़िंक , सेलेनियम , विटामिन c जैसे एंटीऑक्सीडेंट दिल की बीमारी से शरीर को बचा कर रखती हैं |  आप भी अगर चाहें तो प्राकृतिक रूप से इन एंटीऑक्सीडेंट को अपने खाने के जरिए खा सकते हैं |

इसके सेवन से शरीर की कार्डियोवस्कूलर एक्टिविटी काफी ज्यादा अच्छी रहती हैं | इससे शरीर दीर्घायु और तंदुरुस्त भी होती हैं | मित्रों ! क्या आपके खान-पान में एंटीऑक्सीडेंट मौजूड हैं | एक बार इस के ऊपर इंटरनेट पर अवश्य ही देखना | यह आपके लिए ही बहुत ही जरूरी हैं |

2. हड्डीओं के बीमारी से बचाता हैं :-

बुढ़ापे में हड्डीओं की बीमारी हर किसी को तंग करती ही करती हैं , परंतु अगर यह आपके जवानी के वक़्त परेशान करे तो आपको कैसा लगेगा | अगर आपको इन हड्डीओं के बीमारी से बचना है तो , सही मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट का सेवन अवश्य ही करें | एंटीऑक्सीडेंट कई बार हड्डीओं की जोड़ों के लिए भी काफी अच्छा हैं |

3. आँखों के लिए बहुत ही लाभकारी ! :-

ज़्यादातर आज के इस समय में लोगों को काफी ज्यादा आँखों के बीमारिओं से काफी ज्यादा जूझना पड रहा हैं | खानपान में जरूरी विटामिन की कमी इसका मूल कारण हैं | विटामिन A और ज़ियाजन्थिन नाम के दो एंटीऑक्सीडेंट आपके आँखों को फिर से ताकतबर बना सकती हैं |

इसके अलावा अगर आपने अपने खान-पान में इन एंटीऑक्सीडेंट को लेना शुरू कर दिया तो , आपके आँखों की दृष्टि बहुत ही ज्यादा साफ और सही हो जाएगा | यह फ्री-रेडिकल (radical definition in hindi) के प्रभावों को भी खतम कर देता हैं |

4. केंसर से भी बचाता है एंटीऑक्सीडेंट :-

जी हाँ ! आपने सही सुना | कई एंटीऑक्सीडेंट ऐसे भी है जो की आपको केंसर जैसे खतरनाक बीमारी से बचा सकते हैं | केंसर के मरीजों को उनके उपचार के समय एंटीऑक्सीडेंट भी खाने के लिए दिया जाता हैं |

5. आपको फिर से जवान बना सकता हैं – एंटीऑक्सीडेंट ! :-

ज़्यादातर एंटीऑक्सीडेंट को इसके री-जुवेलिन गुणों के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं | विटामिन E , विटामिन C जैसे एंटीऑक्सीडेंट आपको आपके जवानी के दिन वापस भी लौटा सकते हैं | हालांकि पूर्ण रूप से यह आपको फिर से जवान तो नहीं कर सकते है परंतु हाँ ! आपके बुढ़ापे को काफी ज्यादा पीछे धकेल सकती हैं |

रेडिकल से जुड़ी कुछ अद्भुत बातें – Amazing Radical Facts In Hindi :-

मित्रों ! लेख के सबसे मजेदार हिस्से को पढ़ने के लिए शुरू हो जाइए | यहाँ पर मेँ आप लोगों से रेडिकल से जुड़ी कई मजेदार व अद्भुत तथ्यों के बारे में जिक्र करूंगा |

1. हर वक़्त हमारा शरीर रेडिकल के हानिकारक प्रभाव से जूझ रहा हैं :-

जी हाँ ! आपने शीर्षक को सही से पढ़ा हैं | दोस्तों हमारा शरीर हर वक़्त रेडिकल (radical definition in hindi) के हानिकारक प्रभाव से जूझ रहा हैं | एल्कोहौल , तंबाकू , धुआँ , घर में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक पदार्थ और यहाँ तक की सूर्य से निकलने वाली किरणों में भी रेडिकल के हानिकारक प्रभाव देखने को मिलता हैं |

तो , आप लोगों चाहें तो भी रेडिकल के इन प्रभावों से 100% अपने आप को सुरक्षित नहीं रख पाएंगे | परंतु आप इससे बचने के लिए कुछ उपाय अवश्य ही कर पाएंगे | मैंने आगे खान-पान और रेडिकल के विषय में भी कहा है जो की आपके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा |

Good Diet Good Health.
अच्छा खाना खाएं | Credit : Clean Eat Magazine.
2.कसरत करना भी पड सकता है महंगा ! :-

21 वी शताब्दी के इस भाग-दौड़ वाली जिंदगी में लोग फिट रहना बहुत पसंद करते हैं , जो की सही भी हैं | परंतु आपको यहाँ जानकर हैरानी होगा की ज्यादा कसरत आपके शरीर के लिए बहुत ज्यादा महंगा पड़ सकता हैं  |

एक शोध से पता चला है की ज्यादा कसरत करना शरीर पर काफी ज्यादा दवाब डालता हैं | इसी दवाब के चलते शरीर के अंदर रेडिकल (radical definition in hindi) बनने की मात्रा काफी ज्यादा हो जाता हैं | मित्रों ! शरीर में रेडिकल की भारी मात्रा आपको कई सारे रोगों से पीड़ित कर सकता हैं |

3. खान-पान से बच सकते है आप ! :-

हमेशा आप याद रखिएगा की आप जैसा खाएँगे वेसे ही आप दिखेंगे | तो , यहाँ पर आपको अगर रेडिकल के हानिकारक प्रभावों से बचे रहना है , तब आपको अपने खान-पान में काफी ज्यादा बदलाव करना ही पड़ेगा | मित्रों ! हरी सब्जी , ताजे फल और पोषक तत्वों से भारी हुई आहार आपको हमेशा ही रोगों से दूर रखेंगे |

इसलिए कसरत के साथ-साथ अपने खान पान का भी अच्छे से ध्यान रखें |

निष्कर्ष – Conclusion :-

संसार में कई ऐसे पदार्थ और वस्तु हैं जिनके बारे में हमें ज्यादा कुछ पता नहीं हैं | मैंने ऊपर आपको रेडिकल (radical definition in hindi) की संज्ञा से ले कर इस से जुड़ी कई सारे मूलभूत बातों को बताया हैं और मुझे आशा है की आप लोगों को यह लेख मार्मिक लगा होगा | रेडिकल एक ऐसा विषय है जो की एक जटिल व महत्वपूर्ण विषय होने के बाद भी लोग इसके बारे में बहुत कम ही जानते हैं |

खैर आखिर में मेँ आपसे इतना अनुरोध करना चाहूँगा इस लेख को आप अपने दोस्तों के साथ अवश्य ही शेयर करें |


Sources :- www.howitworks.com , www.stylecraze.com , www.phytochemical.info.

Bineet Patel

I am a learner and passionate writer who loves to spread the interesting concepts of science through my writing.

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