Environment

क्या होगा अगर पृथ्वी पर सारे समुद्र एक पल में गायब हो जायें (Earth Without Oceans)

What Happen to Earth Without Oceans?

बचपन में आपके मन में कई सावल आते होंगे जिनके उत्तर कोई नहीं दे पाता होगा, पर आज हम आपको एक ऐसे ही अजीब सवाल का उत्तर देने वाले हैं जो हर बच्चा और उत्सुक इंसान जानना चाहता है। क्या आपने कभी सोचा है कि क्या होगा अगर पृथ्वी के सभी समुद्र एक पल में गायब हो जायें? ( What Happen to Earth Without Oceans ?) क्या हम इससे बच पायेंगे,  क्या पृथ्वी दुबारा समुद्रों को बना सकती है? आइये जानते हैं।

पृथ्वी का 70 प्रतिशत हिस्सा है पानी

पूरी पृथ्वी का 70 प्रतिशत हिस्सा महासागरों और समुद्रों ने घेर रखा है, ये इतना ज्यादा है कि पृथ्वी के हर इंसान के हिस्से में इतना पानी आ सकता है जितना उसकी कल्पना में भी नहीं समा सकता है।  पर ये समुद्र का पानी कई जीवों का घर भी  है और साथ में पृथ्वी पर बनते मौसम भी इसकी वजह से होते हैं, तो क्या हो अगर हम इसी पानी को गायब करदें।  Earth Without Oceans

अगर हम एक क्रिकेट के मैदान जितना छेद बनाकर समुद्र के पानी को बाहर निकालें तो हमें सैकड़ो हजारों साल लग सकते हैं,  वास्तव में महासागरों में बहुत बहुत पानी है। एक अनुमान के मुताबिक पृथ्वी के समुद्र  एक अरब क्यूबिक किमी   पानी को स्टोर करके रखते हैं, जिसका मतलब है कि एक किलोमीटर के Volume में एक अरब लीटर पानी ।

पर हमें तो ये सारा पानी निकालाना है, तो इसके लिए मान के चलते हैं कि हमने एक बहुत शक्तिशाली पंप बना लिया और उससे समुद्र के पानी को निकालने लगें, तो क्या इससे समुद्र में रह रहे जीवों पर कोई फर्क पड़ेगा? क्या नाव और जहाजों को इस तुरंत जल निकासी का प्रभाव दिखेगा और तब क्या होगा जब हम इन महासागरों को पूरी तरह गायब कर देंगे? (Earth Without Oceans)

गायब होते ही क्या होगा?

जैसे ही पानी गायब होना शुरू होगा, ठीक उसी समय नाविक, मछुआरे और दुसरे  सभी तैराक लोग तुरंत ही समुद्र की जमीन पर क्रैश हो जायेंगे, जिसकी वजह से उनकी हड्डियां टूट सकती हैं,और खतरनाक चोटों से समाना करना पड़ सकता है।

गहरे पानी में चलने वाले विशाल जहाज तो और बदकिस्मत होंगे, वे विशाल आकार और वजन की वजह के कारण मात्र 30 सेकेंड में ही समुद्री सतह पर गिरकर  क्रैश हो जायेंगे, जिससे जान-माल का बहुत भारी नुकसान हो सकता है।  हर तरह के जहाज नष्ट  हो जायेंगे।

समुद्रों के सुखने के मात्र कुछ मिनटों के बाद ही समुद्री जीव भी उछल-उछल कर पानी की तलाश में भटकना चालू कर देंगे, नजारा ऐसा होगा  मानों हर तरफ मछलियों की बारिश हो रही हो। पर ये बारिश उनकी जिंदगी को बचाने का एक प्रयास मात्र ही होगी।

पर ये सब तो अभी शुरू भर हुआ है, हमारे समुद्र केवल पानी ही नहीं भरकर रखते हैं, बल्कि वे पृथ्वी पर दो विशेष तरह के काम करते हैं, जिससे ये सारा संसार जीवित रहता है।

समुद्र क्यों जरुरी हैं?

सबसे पहला काम समुद्र पृथ्वी के तापमान को कंट्रोल करने का करते हैं, वे सूर्य से आती किरणों की गर्मी को सोख कर बहुत हद तक वातावरण को ठंडा रखने में मदद करते हैं और साथ में हानिकारण किरणों से भी बचाते हैं।  वे उत्तर और दक्षिण में गर्म उष्णकटिबंधीय (tropical)  पानी को धक्का देते हैं, और भूमध्य रेखा (Equator)  पर वापस ठंडे पानी को प्रसारित करते हैं। इस तरह पृथ्वी पर कोई भी स्थान बहुत अधिक गर्म नहीं होता है और न ही बहुत अधिक ठंडा होता है।

दूसरा – महासागर बादलों में वाष्पित होकर और पृथ्वी पर वापस वर्षा करते हुए जल चक्र को चलाते हैं। जिस क्षण महासागर गायब हो गए, पृथ्वी एक विशाल रेगिस्तान में बदल जाएगी।   अब कभी भी पृथ्वी पर बारिश  नहीं होगी और ना ही लोग छाते का प्रयोग करेंगे।

अब आप समझ ही जायेंगे कि बिना बारिश के ना तो खेतों में फसल होगी और ना ही पेड़ – पौधे आपको खाना दे पायेंगे। पर रुकिए भले ही महासागरों का पानी सूखा है पर अभी भी हमारे पास कई झीले, नदियां और झरने हैं जो लोगों की मदद कर सकते हैं।

वैसे, महासागरों के बिना, दुनिया अपना 97% पानी तुरंत खो देगी। कम मात्रा में तरल पानी के चक्र को बनाए रखने के लिए ये पर्याप्त नहीं होगा। पीने के पानी के पूल बहुत तेजी से वाष्पित (evaporate) हो जाएंगे। कुछ ही दिनों में लोग और अधिकांश जानवर निर्जलीकरण (dehydration)  से मर जाएंगे।

क्या पौधे बिना महासागर के जीवित रह पायेंगे? Earth Without Oceans

हालांकि पौधे एक हफ्ते तक बिना समुद्रों के सहाने टिक सकते हैं पर वे भी जबाव देना बंद कर देंगे, सुखी हवा में वे एक हफ्ते के बाद ही सड़ना शुरू कर देंगे और इसी तरह कुछ महीनों के अंदर ही जंगल के जंगल अपने आप सड़कर खत्म होने लग जायेंगे। जो स्थिति को इतना भयावह बना देंगे कि आप सोच भी नहीं सकते हो।

सूखे जंगल और सूखी लकड़ी बहुत जल्द आग पकड़े हैं, आसपास के वनो में आग लगना चालू हो जायेगी जो देखते -देखते ही पूर जंगलो को जलाकर के राख कर देगी, इससे इतना धुआं और तापमान बढ़ेगा कि हमारा सांस लेना भी मुश्किल हो जायेगा। वातावरण से  ऑक्सीजन कम हो जायेगी और ये ग्रह हमारे लिए अनजान और खतरनाक जगह बन कर के रह जायेगा।

NO Water On Earth | Earth Without Water
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इतना कुछ होने के बाद भी अगर मनुष्य जीवित रह जाते हैं तो सहनीय हवा और चिलचिलाती गर्मी हमें हमेशा के लिए मिटा कर रख देगी। पृथ्वी एक धधकता हुआ आग का गोला बनकर के रह जायेगी जो कुछ और नहीं बल्कि शुक्र ग्रह जैसे बन जायेगी। यहां का तापमान इतना ज्यादा हो जायेगा कि कभी पानी का नामो-निशान ही नहीं रहेगा, इसके बाद पृथ्वी पर जीवन की हर एक इकाई भी खत्म होकर के विलीन हो जायेगी।

महासागरों की ही देने है हमारा जीवन

अब तो आप समझ गये होंगे कि हमारे महासागर हमारे लिए कितने उपयोगी और वरदान की तरह हैं, इनके बिना तो हम पृथ्वी पर एकपल नहीं टिक सकते हैं। मौसम की देखरेख, वातावरण के तापमान को संभालना ये सभी काम हमें समुद्रों और सागरों पर छोड़ देने चाहिए  और हमें जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि हम ना तो उन्हें कभी गंदा करेंगे और ना ही उनमें रहने वाले जीवों का शिकार करेंगे। पृथ्वी पर हर किसी को जीवित रहने का अधिकार हम इंसानों के बराबर ही है।

अब अगली बार आप छुट्टियां बिताने जायें तो कोशिश करें की समुद्री तट पर समुद्र की विशाल सीमा और लहरों की आवाज का आनंद लें और साथ में वहां कि मिट्टी में अपने सपने भी जरूर देखें।

Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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