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5 ऐसी विकराल महामारियां जिन्होंने इंसानी सभ्यता की जड़ों को हिला कर रख दिया!

नॉवेल कोरोना से 100 गुना ज्यादा जानलेवा थीं यह महामारियां ! क्या आपको इनके बारे में पता है?

पूरे पृथ्वी पर जिस तरह से नॉवेल कोरोना वाइरस का खतरा मंडरा रहा हैं; उसे देखते हुए यह कहा जा सकता हैं की, अभी पूरी की पूरी इंसानी सभ्यता ही खतरे में हैं। जहां आज चारों तरफ खुशहाली होनी चाहिए थी, वहाँ करोना का आतंक लोगों के रूह तक को भी थर्रा दे रहा हैं। वैसे नॉवेल कोरोना के बढ़ते खतरे और इसके नतीजों को देखते हुए WHO ने इसे महामारी (worst pandemic in history hindi) घोषित कर दिया हैं। हालांकि वर्तमान के समय में यह घोषणा WHO के तरफ से थोड़ी देर से ही आया हो, परंतु वाकई में देरी से ही सही परंतु यह फैसला इस बीमारी को और भी ज्यादा बदतर होने से रोक सकता हैं।

इतिहास के 5 सबसे खतरनाक महामारियां - 5 Worst Epidemic In History.
एंटोनाइन प्लेग | Credit: Alchetron.

खैर अब तक महामारी (worst pandemic in history) नॉवेल कोरोना के वजह से पूरे विश्व में 1,50,000 से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 5,500 लोग मर चुके हैं। इसलिए कई लोग इसे सदी का सबसे खतरनाक बीमारी या यूं कहें की, महामारी मान रहें हैं। परंतु क्या सच में यह अब तक का सबसे खतरनाक और जानलेवा महामारी हैं ! खैर आज के लेख में हम लोग इसी सवाल का जवाब ढूँढने का प्रयास करेंगे और जानेंगे की क्या सच में नॉवेल कोरोना ही अब तक का सबसे खतरनाक बीमारी हैं या नहीं !

तो, मित्रों मेरे साथ आज के इस अनोखे लेख में बने रहिए और अब तक के 5 सबसे विकराल महामारियों के बारे में जानते रहिए।

आखिर महामारी किसे कहते हैं ? – What Is Pandemic In Hindi ? :-

आगे बढ्ने से पहले दोस्तों हमें सबसे पहले यह जानना पड़ेगा की, आखिर यह महामारी है क्या (what is pandemic) जिससे हम लोग इसके बारे में और भी अच्छे तरीके से समझ पाएंगे। तो चलिए सबसे पहले इसके संज्ञा को ही जानते हैं।

तो, अगर में बहुत ही सरल भाषा में कहूँ तो महामारी (Pandemic) एक प्रकार की ऐसी बीमारी होती हैं, जो की पूरे पृथ्वी में फैल कर एक साथ कई लोगों को बीमार बना देता हैं। इंसानी इतिहास में अब तक कई प्रकार के महामारियां आई हैं जिनके बारे में हम लोग आगे इस लेख में चर्चा करेंगे। वैसे अभी के लिए उदाहरण के तौर पर आप नॉवेल कोरोना को एक महामारी के हिसाब में ले सकते हैं।

WHO ने मार्च 12 तारीख को (2020) नॉवेल कोरोना को महामारी (worst pandemic in history) के रूप में घोषित कर दिया हैं। वैसे यहाँ ध्यान में रखने वाली बात यह हैं की, कोई भी बीमारी महामारी में परिवर्तित होने से पहले वह एक प्रकार से Epidemic अवस्था में रहता हैं। वैसे उन बीमारियों को Epidemic कहा जाता हैं, जो की एक निर्दिष्ट क्षेत्र में फैल कर एक साथ कई सारे लोगों को संक्रमित कर देती हैं। इसलिए अगर इन बीमारियों को उन्हीं के क्षेत्र में सही से काबू कर लिया जाए तो यह महामारी में परिवर्तित नहीं हो सकती हैं।

वैसे 2014 में ब्राज़ील में फैला Zika Virus और 2016 तक चला अफ्रीका का Ebola Virus एक प्रकार से Epidemic बीमारियां हैं। क्योंकि यह पूरे विश्व में न फैल कर एक निर्दिष्ट क्षेत्र में फैल कर वहीं तक सीमित हो कर रह गईं।

इंसानी इतिहास के 5 सबसे खतरनाक महामारियां – 5 Worst Pandemic In History :-

तो, चलिए अब आज तक पृथ्वी पर अपनी जानलेवा प्रभावों के लिए कुख्यात 5 सबसे भयानक महामारियों (worst pandemic in history) के बारे में जानते हैं।

1. एंटोनाइन प्लेग (165 ईस्वी) – Antonine Plague :-

तो, दोस्तों दुनिया के सबसे खतरनाक महामारियों के सूची में सबसे पहला नाम आता हैं एंटोनाइन प्लेग (Antonine Plague) का। यह प्लेग 165 ईस्वी में पूरे पृथ्वी में अपना भयानक रूप दिखा चुका हैं। यह महामारी दुनिया की सबसे प्राचीन और प्रथम महामारी हैं। माना जाता है की इस महामारी से लगभग 50 लाख लोगों की मौत हुई थी। प्राचीन समय में चिकित्सा के तौर-तरीके उतने विकसित नहीं थे की इस खतरनाक बीमारी को अपनी काबू में कर पाए। इसलिए इतनी लोगों की मौत निश्चित ही थी।

इसके अलावा कहा जाता है की, इस बीमारी के दौरान करड़ों लोग इससे संक्रमित भी हुए थे। इस महामारी कोप्लेग ऑफ गेलन” भी कहा जाता हैं। इतिहासकार बताते हैं की, यह बीमारी मूल रूप से एसिया महा देश में उत्पन्न हुआ था। इसके बाद यह फैलता गया और अफ्रीका के इजीप्ट, यूरोप के इटली तथा ग्रीस तक पहुँच गया था। तो, आप इसी से ही अंदाजा लगा सकते हैं की, यह बीमारी कितनी जल्दी कितने दूर तक फैलने में सक्षम रहा होगा।

इस महामारी से जुड़ी चौंका देने वाली बातें :-

कुछ इतिहासकार बताते हैं की, यह बीमारी असल में प्लेग न हो कर शायद चिकन फॉक्स या चेचक हो सकता हैं। क्योंकि शोध से यहीं पता चला है की, यह शायद फॉक्स या दूसरा कोई चर्म की बीमारी हो। परंतु आज भी लोग इसे प्लेग के हिसाब से देखते हैं। और एक बात इस महामारी के विषय में चौंका देने वाली यह हैं की, आज तक लोगों को इस महामारी का असली कारण के विषय में नहीं पता हैं।

यह कहाँ से आया और इसका कारण क्या है, लोगों को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं हैं। फिर भी कुछ लोग कहते हैं की, इस बीमारी का कारण रोमन सेना थी। जी हाँ ! दोस्तों आपने सही सुना, जब रोमन सेना दूसरे देशों को अपनी विजय यात्रा ले कर जाती थीं, तो शायद कुछ सैनिकों को यह बीमारी वहाँ से लग गयी होगी।

बीमारी लग जाने के बाद अंजाने में ही सही उनके द्वारा यह बीमारी अन्य देशों के अंदर फैल गया होगा। वैसे ज़्यादातर महामारियां इसी तरीके से ही तो, फैलती हैं। बिना किसी जानकारी के अगर कोई व्यक्ति विदेश से आता हैं तो, उसके साथ ही साथ बाहरी रोग भी उसके द्वारा उसी के ही देश में घुस जाती हैं।

खैर कारण जो भी हो एंटोनाइन प्लेग वाकई में एक बहुत ही हानिकारक बीमारी थी जिसने की इंसानी सभ्यता को बहुत ही गंभीर रूप से चोट पहुंचाया हैं। अगर प्राचीन समय में तकनीक ज्यादा विकसित होता तो, शायद यह बीमारी नहीं फैलता परंतु कई बार सावधानियां बरतने के बाद भी बीमारियाँ फैल ही जाती हैं। जो की आप आज के समय में देख रहें हैं। इसलिए सतर्क रहने में ही हर किसी का भलाई हैं और इसके बारे में लोगों को भी जागरूकता फैलानी चाहिए।

इतिहास के 5 सबसे खतरनाक महामारियां - 5 Worst Epidemic In History.
ब्लेक डैथ के दौरान उपचार करते हुए डॉक्टर | Credit: Wikipedia.

2.द ब्लेक डैथ (1346 से 1353) – The Black Death :-

जब भी मेँ इस महामारी (worst pandemic in history) के बारे में सुनता हूँ, तो पता नहीं कैसे दिल बेचैन हो उठता हैं। मेरे हिसाब से यह अब तक का सबसे जानलेवा महामारी हैं, क्योंकि इस महामारी से कई लोगों की जान चली गई हैं जिसका की हम कभी अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं।

फिर भी कुछ इतिहासकार बताते हैं की, इस महामारी के कारण करीब-करीब 7.7 करोड़ से 20 करोड़ लोगों की मौत हुई थी। वैसे बता दूँ की इतनी संख्या में मौतें विश्व युद्ध के दौरान भी नहीं हुई थी। इसलिए आप ब्लेक डैथ को अब तक के इंसानी सभ्यता में हुई सबसे बड़ी दुर्घटना या तबाही मान सकते हैं। साल 1346 से 1353 तक चले इस महामारी में पूरा का पूरा विश्व मातम माना रहा था। यूरोप से लेकर अफ्रीका तक और अफ्रीका से लेकर एसिया तक हर एक महा देश में मृत्यु की कतार बढ़ता ही जा रहा था। ऐसे में लोगों के पास उस समय न ही कोई दबाई थी या न ही कोई जानकारी। तो आप सोच ही सकते हैं की, इस महामारी में मरने वालों को मृत्यु के समय में कितना दर्द होता होगा।

इस महामारी से जुड़ी कुछ चौंका देने वाली बातें :-

मित्रों! इस महामारी की फैलने के पीछे का कारण सुनकर आप लोगों को बहुत ही अचंभा होगा, क्योंकि मूल रूप से यह बहुत ही अजीब तरीके से पूरे पृथ्वी में फैला था। खैर कहने का तात्पर्य यह है की, इस महामारी के होने के पीछे का कारण बुबोनिक प्लेग” था। यह प्लेग आम तौर पर चूहों से फैलता हैं।

वैसे अजीब बात यह है की, यह महामारी संक्रमित चूहों के जरिए दूसरे देशों में फैला था। खैर और भी बता दूँ की, जब भी कोई जहाज संक्रमित देश से किसी स्वस्थ देश में व्यापार करने के लिए जाता था तो उसी जहाज के जरिए यह संक्रमित चूहे उस स्वस्थ देश में पहुँच कर वहाँ पर यह महामारी फैला देते थे।

ऐसे भी फैलता था यह महामारी ! :-

इसके अलावा जानकारी के लिए बता दूँ की, यह महामारी एसिया में ही उत्पन्न हुआ था और बाद में अन्य महा देशों तक फैला था। उस समय समंदर के माध्यम से व्यापार किया जाता था और उसके लिए भारी मात्रा में लकड़ी से बनी जहाजों का इस्तेमाल होता था जिसमें चुहें आसानी से चुप सकते थे। चूहों को अपना वंश बढ़ाने के लिए बंदरगाह एक सही विकल्प होता था और वहाँ पर काम कर रहें लोगों को यह बीमारी सबसे पहले होती थी।

और भी बता दूँ की, अगर यह बीमारी उस समय किसी को जो जाए तो उस व्यक्ति के बचने की ऊमीद लगभग शून्य ही हो जाता था। उस समय में लोगों को उपचार के लिए जीतने डॉक्टर मौजूद भी थे उन्हें सही तरीके से इस बीमारी से कैसे लढा जाए इसके बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी। इसलिए जिसे भी यह रोग होता उसे तुरंत ही बाहरी समाज से दूर किसी वीरान अस्पताल या चिकित्सा केंद्र में अकेला छोड़ दिया जाता था और इससे मरीजों की बहुत ही दर्दनाक तरीके से मौत हो जाती थी ।

इतिहास के 5 सबसे खतरनाक महामारियां - 5 Worst Epidemic In History.
हैजा का महामारी | Credit:NYC.

3.थर्ड कोलेरा पेंडमिक (1852-1860) – Third Cholera Pandemic :-

1852 से लेकर 1860 यह वह दौर था, जब पृथ्वी पेल्ग जैसे महामारियों से तो आजाद था, परंतु एक नई बीमारी महामारी की रूप लेने के लिए तैयार थी। यह दौर था  हैजा यानी Cholera का। थर्ड कोलेरा पेंडमिक एक ऐसी महामारी निकली जिसने की लगभग 10 लाख लोगों की जान ले लिया। यह तो सिर्फ सरकारी आँकड़े थे, हकीकत में तो कई लाखों लोगों की जान चली गई थी।

अब तक विश्व में 7 हैजा के महामारियां फैली हैं, जिसमें से 3 हैजा का महामारी सबसे अधिक जानलेवा साबित हुआ। इससे पूरे विश्व में अफरातफरी मच गई थी। लोगों की जान किसी किट-पतंगों की तरह ही चली जा रही थी और इसको रोकने के लिए किसी भी देश के पास न तो कोई दबाई थी और न ही पर्याप्त मात्रा में उपचार करने का बंदोबस्त। धीरे-धीरे एसिया से निकल कर यह अफ्रीका और यूरोप तक फैल गया । बाद में यह यूरोप से बढ़ते हुए उत्तरी अमेरिका तक भी जा पहुंचा। उस समय अमेरिका में गृह युद्ध होने ही वाला था और उस समय में यह महामारी होने के कारण से पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्था पर खासा प्रभाव भी पड़ा।

इस महामारी से जुड़ी कुछ चौंका देने वाली बातें :-

आपको जानकर हैरानी होगा की, यह महामारी भारत से ही उत्पन्न हुआ था। जी हाँ! दोस्तों हैजा की पहली और दूसरी महामारियां के ही तरह ही हैजा की यह तीसरी महामारी भारतीयों की जान युद्ध में जान गवा रहें लोगों के ही तरह कब-कैसे-कहाँ चली जा रही थी किसको पता ही नहीं चलता था। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और भारतीयों के जीवन का स्तर बहुत ही खराब था। खाने के लिए स्वस्थ खाना का अभाव और पीने के लिए दूषित पानी ही हैजा होने का मूल कारण थे।

बाद में एक ब्रिटिश वैज्ञानिक ने यह पुष्टीकरण जताया की, हैजा मूल रूप से दूषित तथा संक्रमित पानी से होता हैं। परंतु विडंबना की बात तो यह है की, जिस साल उन्होंने यह पुष्टीकरण जताया उसी साल ही ब्रिटेन में लगभग हैजा से 23,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। खैर भारत में हुए मौतों की संख्या के मुक़ाबले यह संख्या कुछ भी नहीं था।

Flu patient during their treatment.
फ्लू के उपचार के लिए भर्ती हुए पीड़ित लोग | Credit: History.

4.फ्लू पेंडमिक (1918) – Flu Pandamic :-

अब जब दुनिया चिकित्सा की क्षेत्र में हो रहे विकास को देख ही रही थी की, तभी एक नए महामारी ने (worst pandemic in history) पूरे पृथ्वी को अपने चपेट में ले लिए। साल 1918 से 1920 तक पूरे पृथ्वी में फ्लू में जो कहर बरपाया उसके बारे में आज भी लोग बात करने से डरते थे। पहले के महामारियां तो फैलने के लिए कुछ समय लेते थे, परंतु फ्लू जैसे महामारियां पल भर में एक देश को ही संक्रमित कर डालें। इस महामारी के कारण पूरे पृथ्वी में लगभग 2 करोड़ से लेकर 5 करोड़ लोगों की जान चली गई।

अधिक जानकारी के लिए बता दूँ की, इस महामारी (worst pandemic in history) से मरनेवालों की संख्या उस समय मौजूद पृथ्वी की कुल जनसंख्या का एक-तिहाई था। तो, आप सोच ही सकते होंगे की कितनी तेजी से मात्र 2 सालों के अंदर ही इसने कितनी तबाही मचाई होगी।

इस महामारी से कुछ चौंका देने वाली बातें :-

1918 की महामारी दुनिया का पहला इंफ्लुएंज़ा (Influenza) के कारण होने वाली महामारी थी। इसके अलावा गौरतलब बात यह है की, इस महामारी के चलते लगभग 50 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हुये थे। जो की एक बहुत ही बड़ी संख्या हैं। इसके अलावा और एक विशेष यह भी है की, लगभग 2.5 लोगों की मौत महामारी के फैलने के 25 हफ्तों के अंदर ही हो गई थी।

कम समय में इतने लोगों की मौतें लोगों के दिलों के अंदर खौफ डालने के लिए पर्याप्त थे। अधिक जानकारी के लिए और भी बता दूँ की, यह महामारी कमजोर रोग प्रतिरोधी शक्ति वाले लोगों को पीड़ित तो करता ही था, परंतु इसके साथ ही साथ स्वस्थ और जवान लोगों को भी आसानी से यह संक्रमित कर देता था। जिससे मौतें और भी ज्यादा होने लगी और इसपर रोकथाम भी नहीं लगाया जा सकता था। यह एक ऐसी महामारी थी जो की हवा के जरिए फैलता था, जिसके कारण लोगों के अंदर इसको लेकर उस समय पर्याप्त मात्रा में सावधानी भी नहीं बरता गया।

जब भी कोई हवा से होने वाली  महामारी (worst pandemic in history) फैलती हैं तो इसे नियंत्रण में लाना बहुत ही ज्यादा कठिन होता हैं।

Worlds worst Flu - Asian Flu.
एशियाई फ्लू के दौरान पीड़ित व्यक्तियों का उपचार | Credit: Wikimedia.

5.एशियाई फ्लू (1956-1958) – Asian Flu :-

आज के कोरोना के ही तरह 1956 में चीन के अंदर एशियाई फ्लू का उत्पन्न हुआ था। उस समय इसको वैज्ञानिक H1N2 TYPE A INFLUENZA के नाम से पुकारते थे। बाद में यह फ्लू एक महामारी में परिवर्तित हो गया। इस महामारी के चलते उस समय 20 लाख लोगों की जान चली गई थी।

यह महामारी बहुत ही कम समय में पृथ्वी के कई देशों के अंदर फैल गया और इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या आज के कोरोना के भांति ही अचानक बढ़ गई। जैसा की मैंने आप लोगों को पहले ही बताया हैं, फ्लू यानी हवा के जरिए होने वाली बीमारियाँ मूल रूप से बहुत ही ज्यादा खतरनाक होती हैं और इसे रोकना बहुत ही मुश्किल हैं।

इस महामारी से कुछ चौंका देने वाली बातें :-

यह फ्लू सबसे पहले चीन के गुइज़्हु प्रदेश से होते हुए हाँग-काँग तक पहुँच गया और बाद में वहाँ से आगे फैलते हुए अमेरिका तक पहुँच गया। केवल दो वर्षों के अंदर इसने अमेरिका में भारी तबाही मचा दी। WHO की रिपोर्ट बताती है की, सिर्फ दो सालों के अंदर इसने सिर्फ अमेरिका के अंदर 68,000 से ज्यादा लोगों को मार डाला था।

इसके अलावा कई अन्य एशियाई देश भी इसके चपेट आ गए। इन महामारियों (worst pandemic in history) के कारण न जाने कितने लोगों की जान चली गयी हैं, इसका कोई सटीक रिपोर्ट कभी भी निकाला नहीं जा सकता हैं क्योंकि इन बीमारियों की प्रभाव डालने की ताकत बहुत ही ज्यादा होती हैं। वैसे गौरतलब बात यह भी है की, ज़्यादातर कोरोना और इंफ्लुएंज़ा जैसे फ्लू एक बीमार व्यक्ति से एक स्वस्थ व्यक्ति तक खांसी और छींक से निकली ड्रॉपलेट के माध्यम से ही पहुँचते हैं।

इसलिए हमेशा बीमार व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए। इससे न बल्कि बीमारियाँ से बचा जा सकता हैं, परंतु और अधिक फैलने से भी इसे रोका जा सकता हैं।

 

Source :- www.mphonline.org.

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Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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