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इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली की पूरी बात – All About Human Immune System In Hindi

दुनिया का सबसे पहला Vaccine आखिर कैसे दूध से बना था, क्या हैं मधुमेह का स्थायी इलाज! पढ़ें इस लेख के अंदर।

इंसानी शरीर बहुत ही जटिल और बहुत सारे कार्य एक साथ करने में काफी ज्यादा सक्षम हैं। इसलिए तो पृथ्वी में सबसे श्रेष्ठ जीव इंसानों को ही कहते हैं। वैसे इंसानी शरीर की संरचना कुछ ऐसे की गई हैं की, इसके अंदर होने वाली हर एक प्रक्रिया बड़े ही कुशलता के साथ पूरी हो जाए। वैसे तो, इंसानी शरीर के अंदर बहुत सारे तंत्र हैं जो की इन जैविक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं, परंतु इन तंत्रों के अंदर एक प्रतिरक्षा तंत्र (human immune system in hindi) ऐसा भी हैं जो की हमारे शरीर के लिए अत्यावश्यक हैं।

इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली- All About Human Immune System In Hindi.
प्रतिरक्षा प्रणाली क्या हैं | Credit: Diabetes.

यूं तो प्रतिरक्षा तंत्र/प्रणाली (human immune system in hindi) के अलावा श्वसन तंत्र भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रणाली हैं, परंतु बिना प्रतिरक्षा प्रणाली के शरीर को जीवित रखना लगभग असंभव हैं; और तो और खुद श्वसन तंत्र शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होने के बावजूद यह भी प्रतिरक्षा तंत्र के ऊपर काफी ज्यादा निर्भर रहता हैं। अगर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही गड़बड़ हो जायेगी तो, शरीर को कोरोना जैसे बहुत सारे रोग अपना घर बना लेंगे।

इसलिए तो आप इन दिनों शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली के ऊपर काफी ज्यादा वहस सुन रहें हैं, क्योंकि आज के समय में फैली यह महामारी(कोरोना) हमारे कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण ही तेजी से संक्रमित हो रहा हैं। तो, आज के इस लेख में हम लोग प्रतिरक्षा प्रणाली की संज्ञा से लेकर यह शरीर के अंदर कैसे काम करती हैं तथा इसको कैसे सबल किया जा सकता हैं, उसके बारे में चर्चा करेंगे।

प्रतिरक्षा प्रणाली किसे कहते हैं ? – What Is Human Immune System In Hindi ? :-

बहुत ही सरल भाषा में कहूँ तो,प्रतिरक्षा प्रणाली इंसानी शरीर की वह तंत्र हैं जो की शरीर को बाहर से आने वाले बीमारियों से बचाता हैं”वैसे इंसानी शरीर को बीमार बनाने के लिए बाहर से कई सारे Pathogens शरीर के अंदर आते हैं। इन Pathogens के अंदर कई सारे बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे प्रकार से हानिकारक शुख्म कण रहते हैं। बाहर से आने वाले यह हानिकारक शुख्म कण शरीर को अपने कब्जे में लेकर बाद में अपना विस्तार कर लेते हैं।

इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली (human immune system in hindi) मुख्य रूप से दो भागों में बंटा हुआ हैं। वैसे मेँ आपको इसके बारे में बताऊंगा, परंतु अभी के लिए इतना ही जान लीजिए की प्रतिरक्षा प्रणाली का एक प्रकार पूर्ण रूप से प्राकृतिक होता हैं तो दूसरा कृत्रिम हैं। इसलिए हमारे शरीर के अंदर दोनों ही प्रकार (प्रतिरक्षा प्रणाली की) एक साथ मिल कर काम करती हैं।

इसके अलावा बता दूँ की, इंसानी प्रतिरक्षा तंत्र समय के साथ ही साथ बाहर से आए बीमारियों के प्रति अपने आप को तैयार कर लेता हैं। इसकी वजह से अगर कोई बीमारी इंसानी शरीर के अंदर एक बार हो जाती हैं, तो दुबारा उसकी होने की संभावना बहुत ही ज्यादा कम होती हैं। इसका एक अच्छा उदाहरण हैं, चेचक। जी हाँ! आज के समय में ज़्यादातर इंसानों का शरीर इस बीमारी से लढने के लिए तैयार हैं। वैसे अगर यह बीमारी एक बार हो भी जाए, तो दुबारा यह शायद ही कभी हो।

इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली के प्रकार – Types Of Human Immune System :-

जैसा की मैंने ऊपर भी कहा है की, इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली (human immune system in hindi) मुख्य रूप से दो प्रकारों में बंटा हुआ हैं। तो सवाल उठता हैं की, आखिर वह दो प्रकार क्या हैं ! तो चलिए लेख में आगे इसी सवाल के जवाब को ढूँढने का प्रयास करते हैं।

इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली के दो प्रकारों का नाम हैं (i) Innate Immune System और (ii) Adaptive Immune System

(i) जन्मजात प्रतिरक्षा प्रणाली (Innate Immune System In Hindi) :-

जन्मजात प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली की वह प्रकार हैं जो की, हमारे शरीर में बचपन से ही मौजूद हैं। जन्म लेने के समय से ही यह प्रतिरक्षा प्रणाली तत्परता के साथ हमारी सुरक्षा के लिए काम कर रहीं हैं। कहा जाता हैं की, यह प्राकृतिक रूप से हमारे शरीर को हानी पहुंचाने वाले Pathogen के कणों को बचाता हैं।

इसलिए इसका डिफेंस मैकानिज़म काफी ज्यादा प्रशस्त और सक्षम हैं। शरीर में Innate Immune System एक बेरियर की तरह मौजूद रहता हैं, जो की इंसानी शरीर के लिए First Line Of Defense की तरह काम करती हैं। वैसे तो इसके कई सारे उदाहरण हैं, परंतु मैंने आगे कुछ प्रमुख उदाहरणों का जिक्र किया हैं।

खाँसना, आँसू और शरीर से निकलने वाली दूसरे बॉडी फ्लुइड, शरीर के अंदर मौजूद म्यूकस की परत, पेट के अंदर मौजूद एसिड और त्वचा एक तरह से Innate immune System के श्रेणी में आती हैं। इन सभी ने हमारे शरीर को आज तक बाहरी हानिकारक कणों से बचाया हैं। इसलिए इनकी भूमिका हमारे शरीर में काफी ज्यादा हैं।

इसके साथ ही साथ बता दूँ की, इस प्रतिरक्षा प्रणाली के अंदर प्रोटीन-केमिकल के कई संरचना भी मौजूद रहती हैं जो की शरीर के अंदर Humoral Immunity को नियंत्रित करता हैं। वैसे Humoral immunity के दो प्रमुख उदाहरण हैं Interferon और Interleukin-1। यह दोनों चीज़ शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली में एक बहुत ही जरूरी किरदार निभाते हैं।

कैसे यह प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को बीमार होने से बचाता हैं ! :-

मूल रूप से Innate Immune System हमारे शरीर में बहुत ही प्रारंभिक अवस्था से ही मौजूद होने के कारण, यह साधारण रूप में कई पारंपरिक बीमारियों से हमें बचाता हैं। परंतु जब कोई नई बीमारी हमें बीमार बनाने के लिए आती हैं तो, Innate Immune System उसे रोकने में सक्षम नहीं हो पाता हैं। क्योंकि हमारे शरीर को इससे जूझने का कोई प्रारंभिक निर्देश या तथ्य नहीं होता हैं।

इसलिए शरीर में मौजूद प्रतिरक्षा प्रणाली की दूसरी प्रकार इसमें शरीर की मदद करने के लिए आती हैं। वैसे बता दूँ की, यह कृत्रिम होता हैं और इसे हम धीरे-धीरे हमारे शरीर के साथ सामंजस्य स्थापित करते हैं। तो, कुल मिलाकर कहा जा सकता हैं की; अगर कोई बीमारी Innate Immune System से बच भी जाता हैं तो वह प्रतिरक्षा प्रणाली के दूसरे अंग से नहीं बच सकता हैं।

इंसानों की प्रतिरक्षा तंत्र अन्य जीवों के मुक़ाबले काफी तगड़ा होता हैं, परंतु इसी के साथ ही साथ हमारा शरीर अनेक वायरस और बैक्टीरिया की चपेट में आसानी से आ भी जाता हैं।

How to increase strength of immunity.
विटामिन-C युक्त खाने की चीज़ें | Credit: Web Md.
(ii) अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली (Adaptive Immune System In Hindi) :-

अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली (adaptive human immune system in hindi) प्रतिरक्षा प्रणाली की वह अंग हैं जो की, हम अपने जीवन में धीरे-धीरे समय के साथ-साथ हासिल करते हैं। मूल रूप से यह प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीजेन” (Antigen) के ऊपर केन्द्रित हो कर काम करता हैं। हमारे शरीर के अंदर ऐसे कुछ कोशिका होती हैं, जो की एक निर्धारित एंटीजेन के लिए बनी हुई होती हैं।

वैसे यह कोशिका बाहर से आए पेथोजेन को मारने के सक्षम रहती हैं। एंटीजेन के खिलाफ हमारे शरीर का “Plasma” एंटीबॉडी (Antibody) बनाता हैं। एंटीबॉडी का बनना शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र का एक बहुत ही मुख्य पहलू हैं। इसके बिना हमारा शरीर बाहर से आए बीमारियों के सामने पस्त पड़ जाती। इसलिए जीतने भी नई बीमारियाँ शरीर के अंदर आती हैं, सबके लिए एक खास “एंटीबॉडी” शरीर बनाती हैं।

वैसे यह प्रक्रिया मुख्य रूप से B सेल के जरिये नियंत्रित होता हैं, क्योंकि इसके तहत एंटीजेन के खिलाफ एंटीबॉडी बनता हैं और बाद में यह एंटीजेन को खत्म करने के लिए उसके साथ जुड़ जाता हैं। इसी बीच एंटीजेन और एंटीबॉडी के अंदर Proteolysis की प्रक्रिया शुरू हो जाता हैं। इससे B सेल के और काफी नकल प्रस्तुत हो जाते हैं जो की शरीर में फैले एंटीजेन के साथ बंध कर इसका खातमा करते हैं।

वैसे गौरतलब बात यह हैं की, इस प्रक्रिया में Phagocyte नाम के एक विशेष कोशिका का महत्व बहुत ही ज्यादा हैं, क्योंकि यह वह कोशिका हैं जो की शरीर में स्थित एंटीजेन को खा कर खतम कर देता हैं।

इंसानी प्रतिरक्षा प्रणाली- All About Human Immune System In Hindi.
प्रतिरक्षा प्रणाली के प्रकार। Credit: Neuro Hacker.
कैसे यह प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को बीमार होने से बचाता हैं !:-

तो अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली में मुख्य रूप से दो तरह के कोशिका मौजूद रहती हैं। पहला हैं “B” सेल और दूसरा हैं “T” सेल। वैसे यह दोनों ही कोशिकाएं “Lymphocyte” के अंतर्भुक्त आती हैं जो की “Leukocyte” का ही एक प्रकार हैं। वैसे बता दूँ की मूल रूप से B सेल Humoral Immunity के जिम्मेदार रहती हैं तथा T सेल Cell-mediated Immunity के लिए जिम्मेदार रहती हैं।

वैसे इंसानी शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र में (human immune system in hindi) दो प्रकार के T सेल मौजूद रहते हैं। पहला हैं “Killer T Cell” और दूसरा हैं “Helper T Cell”। वैसे सरल तरीके से कहूँ तो जब भी कोई एंटीजेन बाहर से शरीर के अंदर प्रवेश करता हैं, तब शरीर के अंदर मौजूद प्रतिरक्षा तंत्र सजग हो जाता हैं और Killer T Cell को उससे लढ कर खत्म कर देने का आदेश देती हैं।

आदेश के तहत बाद में Killer T Cell एंटीजेन के पास जाता हैं और उसे खत्म कर देता हैं। वैसे कई बार ऐसा भी होता हैं की, खुद Killer T Cell को एंटीजेन को खत्म करने में सक्षम नहीं हो पाता हैं। इस क्षेत्र में शरीर में पहले से मौजूद Helper T Cell Killer T Cell की मदद करने के लिए पहुँचता हैं। पहुँचने के बाद यह शरीर में फैली एंटीजेन को मारने में Killer T Cell को पीछे से समर्थन करता हैं।

इंसानी प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी कुछ मनोरम तथ्य ! – Fabulous Human Immune System Facts In Hindi :-

लेख के इस भाग में हम लोग इंसानी प्रतिरक्षा तंत्र (human immune system in hindi) से जुड़ी कुछ बहुत गज़ब के बातों को जानेंगे। तो, इसको जरूर ही ध्यान के साथ पढ़ते रहिएगा।

1. इस अंग के बिना प्रतिरक्षा प्रणाली हैं पूरा बेकार ! :-

इंसानों की प्रतिरक्षा प्रणाली में कई सारे अंग हैं, जो की आपस में मिल कर इसको तंत्र को बनाते हैं। परंतु एक ऐसा भी अंग हैं जो की, इस पूरे तंत्र को अपने हिसाब से वास्तव में नियंत्रित करता हैं और यह अंग हैं स्प्लीन” (Spleen)। जी हाँ! दोस्तों स्प्लीन के बिना पूरा प्रतिरक्षा तंत्र ही बेकार हो जाएगा। वैसे यह अंग हमारे “Diaphragm” और पेट के बीच अवस्थित हैं।

वैसे इस अंग का मुख्य काम शरीर के अंदर “W.B.C” को बनाना हैं और इसके साथ ही साथ पुराने W.B.C को शरीर से बाहर निकालना भी हैं। स्प्लीन शरीर में एक तरह से एक “Lymph Node” के हिसाब से भी काम करता हैं। जीव विज्ञानी कहते हैं की, स्प्लीन हमारे शरीर में एक हिसाब से एक डैटा सेंटर के तरह भी काम करता हैं।

शरीर के अंदर प्रति माइक्रोलीटर के हिसाब से 4,000 से 11,000 W.B.C मौजूद रहते हैं। तो इतने सारे कोशिकाओं के बीच संपर्क रखने का काम स्प्लीन का हैं जो की यह बड़े ही अच्छे तरीके से करता भी हैं।

2. आपका शरीर भी हैं एक सुरक्षा कवच ! :-

यूं तो हमें लगता हैं की, हमारा शरीर वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ बहुत ही नाजुक और कमजोर हैं। परंतु वैज्ञानिकों का कहना हैं की यह बात पूरी तरीके से सही नहीं हैं। वास्तव में हमारा शरीर एक प्राकृतिक रूप से बनी हुई एक सुरक्षा कवच हैं। तो, आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा की; आखिर कैसे हमारा शरीर खुद ही एक सुरक्षा कवच हैं !

तो, सुनिए बात यह हैं की हमारे शरीर में जीतने भी कोशिका या इनसे बनी हुई टिसु हैं इन सब में प्रतिरक्षा प्रणाली के कोशिका स्थित हैं। जो की हमें हर वक़्त बाहर से आने वाले बीमारियों से बचा रही हैं। इसलिए एक तरह से हमारा शरीर खुद एक सुरक्षा कवच ही हैं। वैसे इसको लेकर वैज्ञानिकों का कहना हैं की, इंसानों को हजारों प्रकार के बैक्टीरिया या वायरस जैसे पेथोजेन आक्रमण करते हैं। इसलिए यह जरूरी हो जाता हैं की, हमारा शरीर हर एक हानिकारक पेथोजेन के लिए हमेशा प्रस्तुत रहें, जिससे हम स्वस्थ रह सकें।

3. प्रतिरक्षा तंत्र और शरीर में मौजूद Appendix जैसे अनचाहे अंग के बीच का अजीब रिश्ता ! :-

वैसे सब को पता ही होगा की, शरीर में Appendix जैसे अंग भी मौजूद हैं जो की हमारे शरीर के लिए जरूरी नहीं हैं। परंतु यह बात क्या वाकई में सत्य हैं ! तो, सुनिए यह बात पूर्ण रूप से सत्य नहीं हैं क्योंकि हमारे शरीर को अपनी प्रतिरक्षा के लिए Appendix जैसे अतिरिक्त अंगों की भी जरूरत हैं।

वैज्ञानिक कहते हैं की, हमारे Appendix के अंदर बहुत सारे अच्छे बैक्टीरिया मौजूद हैं, जो की हमारे आतों में होने वाली इन्फ़ैकशन को बढ्ने से रोकता हैं। अकसर लोग Appendix को कोई काम नहीं समझते हैं, परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हैं। शरीर में मौजूद हर एक अंग हमारे लिए बहुत ही जरूरी हैं। Appendix जैसे अंजान तरीके से हमारे लिए कई अच्छे काम करते रहते हैं।

4. प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करके किया जा सकता हैं मधुमेह का स्थायी इलाज ! :-

जी हाँ ! दोस्तों आप लोगों ने शीर्षक को सही पढ़ा हैं। इंसानी प्रतिरक्षा तंत्र (human immune system in hindi) में सुधार करके Type-1 मधुमेह को रोका जा सकता हैं। वैसे बता दूँ की टाइप-1 मधुमेह के चलते शरीर के अंदर स्वस्थ्य पेंक्रियाटिक कोशिका का तेजी से क्षरण हो जाता हैं। इससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाता है और शुगर की मात्रा बढ़ जाता हैं।

तो, वैज्ञानिकों ने एक ऐसे कोशिका का निर्माण किया हैं जो की खराब हुए पेंक्रियाटिक कोशिका को स्वस्थ्य कोशिका में बदल देती हैं, जिससे पहले के भांति इंसुलिन की मात्रा भी संतुलित हो जाता हैं। वैसे ध्यान में रखने वाली बात यह भी हैं की, शोध से बनाई गई यह नई कोशिका शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र में बदलाव करके इसका सुधार करता भी हैं।

बता दूँ की, यह प्रक्रिया अब तक चूहों के ऊपर काम किया जा रहा हैं। इसलिए आशा हैं की, भविष्य में इसका सफलता के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में उपयोग हो पाएगा।

First vaccination made from milk.
डैरि फार्म | Credit: Inhabitat.
5. पहले के लोगों को लगता था बॉडी फ्लुइड के असंतुलन के कारण होती हैं बीमारी ! :-

एक बहुत ही अजीब सी बात मित्रों मेँ आप लोगों को बताता हूँ, पहले जब वायरस और बैक्टीरिया के ऊपर आज के जितना इतना शोध नहीं किया गया था, तब लोगों को लगता था की, शरीर के अंदर मौजूद बॉडी फ्लुइड (Blood,Phlegm, Yellow Bile,Black Bile)में होने वाली असंतुलन के कारण बीमारीयां होती हैं।

बाद में जब माइक्रोस्कोप ताकतबर हुए तब पता चला की, बीमारियों का असली कारण वायरस और बैक्टीरिया हैं।

6. कुछ-कुछ व्यक्तियों के अंदर प्रतिरक्षा प्रणाली ही नहीं होती हैं ! :-

सुनने में असंभव सा प्रतीत होती हुई यह बात सत्य हैं। कुछ लोगों के अंदर बहुत कमजोर या बिलकुल ही शून्य प्रतिरक्षा प्रणाली होती हैं। ऐसे में अगर प्रतिरक्षा प्रणाली रहित इंसान को जिंदा रहना हैं तो जिंदगी भर उसे एक ऐसे वातावरण में रहना पड़ेगा जहां एक भी बैक्टीरिया या वायरस न हो।

वैज्ञानिक कहते हैं की प्रति एक लाख लोगों के अंदर एक व्यक्ति पूर्ण रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली रहित होता हैं। तो, जरा अंदाजा लगाइए यह कितना कठिन होता होगा जिसके पास प्रतिरक्षा प्रणाली ही नहीं हैं।

7. प्रतिरक्षा प्रणाली की खोज 1600 साल पहले ही हो गया था !:-

जी हाँ! दोस्तों प्रतिरक्षा प्रणाली (human immune system in hindi) की खोज सबसे पहले 480 ईश्वी में ही हो गई थी। जो की आज से लगभग 1600 साल पुराना हैं।

8. दूध से बनाई गई थी दुनिया का सबसे पहले टीका ! :-

18 वीं शताब्दी में फैली छोटे-चेचक की विनाश लीला को रोकने के लिए एक ऐसे टीका को बनाया गया था जिसके अंदर दूध भी शामिल था।

9. ऐसे बढ़ा सकते हैं आप अपने प्रतिरक्षा प्रणाली की ताकत ! :-

रोज कसरत करना, सही से सोना और अच्छा खाना खाना यह तीन चीज़ आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को काफी हद तक ताकतवर बना सकती हैं। वैसे खाने में आप विटामिन-C युक्त फल जैसे नींबू पानी, संतरा, मौसम्बी आदि खा सकते हैं तथा इसके साथ ही साथ दहि, बादाम, ब्रोक्कोलि और अदरक को भी खा सकते हैं। सूरज की रोशनी भी इसके लिए सही हैं।

10. महिलाओं को ज्यादातर होती हैं Auto-Immune की बीमारियां ! :-

एक सर्वे से पता चला है की, माहिलाओं के शरीर के अंदर पुरुषों के मुक़ाबले होर्मौनल एक्टिविटी बहुत ही ज्यादा रहता हैं। इसलिए ऑटो-इम्यून से पीड़ित ज़्यादातर (लगभग 78%) महिलाएं ही हैं।

Sources :- www.livescience.com, www.mentalfloss.com, www.medlineplus.gov, www.carleton.cs.

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Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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