Physics

प्रकृति के 4 मौलिक बलों के बारे में विशेष जानकारी – Four Fundamental Forces In Hindi

गुरुत्वाकर्षण बल से भी 6 हजार खरब खरब खरब गुना ज्यादा शक्तिशाली है ये बल!

इस दुनिया में मौजूद हर एक चीज़ गतिमान अवस्था में हैं| हर एक वस्तु,हर एक जीव कुछ न कुछ कारणों के वजह से एक से दूसरे जगह पर नियमित रूप से आ जा रहें हैं| पृथ्वी पर इंसानों ने विज्ञान के जरिए बहुत कुछ खोज कर लिया हैं, परंतु उन्हीं खोजो में एक ऐसा खोज भी मौजूद हैं जो की पूरी की पूरी प्रकृति को अपने सिद्धांतों के जरिए परिभाषित करता हैं| मेँ यहाँ पर प्रकृति के 4 मौलिक बलों के बारे (four fundamental forces in hindi में बात कर रहा हूँ| जी हाँ! यह 4 मौलिक बल (four fundamental forces in hindi) दुनिया में घटित हर एक भौतिक घटना को अच्छे तरीके से हमें समझाने में मदद करती हैं|

Strong Nuclear force.
दुनिया की सबसे ताकतवर बल | Credit: You tube.

मित्रों! पृथ्वी तथा अंतरिक्ष में होने वाली हर एक घटना को घटने के लिए निश्चित रूप से कुछ न कुछ बाहरी बल की जरूरत अवश्य ही पड़ती हैं| तो, जैसा की मैंने पहले ही कहा हैं यह सारी घटना को मौलिक रूप से 4 प्रकार के बल (four fundamental forces in hindi) ही नियंत्रित करते हैं| वैसे तो दुनिया में आपको बहुत प्रकार के बल देखने को मिलेंगे परंतु मेँ आपको बता दूँ की यह सारे के सारे बल इन्हीं 4 मौलिक बलों का ही अलग रूप हैं|

तो, चलिए आज भौतिक विज्ञान से जुड़ी एक बहुत ही रोचक लेख के सफर में चलते हैं और जानते हैं 4 मौलिक बलों के बारे में जुड़ी बहुत ज्ञानवर्धक बातें|

प्रकृति की 4 मौलिक बल – Four Fundamental Forces Of Nature :-

मित्रों! लेख के इस भाग में मैंने आप सभी लोगों को एक-एक कर के प्रकृति में मौजूद 4 मौलिक के बारे में (fundamental forces in hindi) सूचित किया हैं, इसलिए इस भाग को जरा ध्यान से पढ़िएगा|

1. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) :-

गुरुत्वाकर्षण बल से आप लोग तो अच्छे परिचित ही होंगे| यह पूरे ब्रह्मांड में मौजूद सबसे साधारण व सर्व-भूत बल हैं| दोस्तों! यहाँ पर मैंने साधारण का मतलब सिर्फ सामान्य ही नहीं हैं कहा हैं, मैंने यहाँ गुरुत्वाकर्षण बल को सबसे मौलिक और मूलभूत बलों के दृष्टि से देखा हैं |

खैर आसान भाषा में कहूँ तो किसी भी वजन या ऊर्जा युक्त वस्तुओं के बीच आकर्षण के गुण को ही गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं| पेड़ से फल गिरना हो या सौर-मंडल में सूर्य के चक्कर काटते हुए ग्रह, यह सारी की सारी घटना सिर्फ और सिर्फ गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही हो रहा हैं| मित्रों! मेँ आपको यहाँ और भी बता दूँ की गुरुत्वाकर्षण बल के ही कारण आकाशगंगाएं, बड़े-बड़े सितारे और सौर-मंडल एक दूसरे के साथ बंधे हुए हैं| यही बल मूल रूप से हमारे ब्रह्मांड को एक संतुलित रूप देता हैं|

खैर सबसे पहले गुरुत्वाकर्षण बल को सर आइजक न्यूटन ने ढूंढा था| परंतु इसे बाद में आइन्स्टाइन जी ने अपने सापेक्षता के सिद्धान्त के जरिए बहुत ही अच्छे तरीके से समझाया हैं| आसान भाषा में कहूँ तो गुरुत्वाकर्षण बल अपने चारों तरफ मौजूद स्पेस-टाइम को काफी ज्यादा प्रभावित करता हैं|

दोस्तों! गुरुत्वाकर्षण बल के बारे में एक बहुत ही विचित्र बात यह है की , प्रकृति के 4 मौलिक बलों (fundamental forces in hindi) मे से यह बल सबसे कमजोर बल हैं| हैं न बहुत ही अजीब!

2. द वीक फोर्स (Weak Force) :-

मित्रों! यह बल परमाणु के स्तर पर काम करता हैं| मूल रूप से परमाणुओं के विलय के कारण पैदा होने वाले बल को ही द वीक फोर्स कहते | इसके अलावा परमाणु के अंदर होने वाले मौलिक कणिकाओं में बदलाव भी इस बल को और भी ज्यादा उत्पाद करते हैं| किसी न्यूट्रान का किसी प्रोटोन में बदल जाना इस बल के जन्म का एक प्रमुख कारण हैं|

मित्रों! इसके अलावा मेँ आपको और भी बता दूँ की वीक फोर्स के मूल कणिका को बोशन कणिका कहते हैं| बोशन कणिका के कारण ही सूर्य में होने वाला परमाणु संलयन प्रक्रिया सफल हो पाता है, बाद में जिसके ऊर्जा के कारण ही हमारे पृथ्वी पर जीवन का होना संभव हो पाता हैं|

पुराने समयों के चीजों के ऊपर शोध करने वाले शोधकर्ता एक विशेष ही प्रकार के प्रक्रिया के जरिये पुराने चीजों का सही से उम्र का अनुमान लगा पाते हैं| इस विशेष प्रक्रिया को कार्बन-डीके प्रक्रिया कहते हैं| कार्बन-डिके प्रक्रिया के अंदर आप वीक फोर्से के भूमिका को भी अच्छे से देख सकते हैं| इस प्रक्रिया के अंदर शोधकर्ता C-14 तत्व को इस्तेमाल करते हैं| C-14 कार्बन का ही एक एलोट्रोप हैं और इसकी हाल्फ-लाइफ साइकल इस प्रक्रिया के लिए बहुत ही सही हैं| इसलिए इस एलोट्रोप को कार्बन-डिके प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता हैं|

Weak nulcear force.
कमजोर न्यूक्लियर बल | Credit:Emedical.

3. विद्युत-चुंबकीय बल (Electromagnetic Force) :-

मैंने पहले ही चुंबक के ऊपर एक बहुत ही सुंदर सा लेख आपके लिए लिखा हैं| जहां पर मैंने चुंबक और चुंबकीय बलों के बारे में बहुत कुछ आपको बताया है| अगर आप चाहें तो उस लेख को अवश्य ही पढ़ें| खैर अब मुख्य विषय पर आते हैं| वस्तुओं के बीच विद्युत यानी बिजली के कारण पैदा होने वाले आकर्षण बल को ही विद्युत-चुंबकीय बल कहते हैं|

आप को पता होगा की विद्युत के द्वारा चार्ज किए वस्तु एक दूसरे को अपने तरफ आकर्षित करते हैं| मित्रों! मेँ आपको यहाँ और भी बता दूँ की वस्तुओं के बीच आकर्षण का मूल कारण दोनों ही चार्ज के बीच मौजूद अंतर का ही परिणाम हैं| जहां एक पॉज़िटिव चार्ज युक्त दूसरे नेगेटिव चार्ज युक्त वस्तु को आकर्षित करते हैं, वहाँ एक पॉज़िटिव/नेगेटिव चार्ज युक्त वस्तु दूसरे पॉज़िटिव/नेगेटिव चार्ज युक्त वस्तु को विकर्षित करता हैं|

मित्रों! विद्युत-चुंबकीय बल हूबहू एक चुंबक के ही तरह काम करता हैं| इसके अलावा विद्युत चार्ज को वहन करने वाले वस्तु जब एक से दूसरे जगह तक गति करते है, तब यह वस्तु चुंबकीय क्षेत्र को भी पैदा करते हैं| मित्रों! वस्तुओं के बीच होने वाला घर्षण बल, इलास्टिसिटी और अन्य बहुत सारे साधारण बल विद्युत-चुंबकीय बल के ही अलग-अलग रूप हैं| आपको विद्युत-चुंबकीय बल के अन्य किसी रूप के बारे में पता हैं?

दोस्तों! मैंने अभी तक आपको प्रकृति की 3 मौलिक बलों (fundamental forces in hindi) के बारे में बहुत कुछ बताया हैं| इसलिए मेँ आपसे यहाँ आग्रह करना चाहूँगा की आपको इन तीन बलों के अंदर कौन से ऐसे बल को अपने रोज के दिन चर्या में इस्तेमाल करते हुए पाया हैं? कौन सा ऐसा बल है जो की आप नियमित रूप से अपने कार्यों में इस्तेमाल करते हैं?

4. द स्ट्रॉंग न्यूक्लियर फोर्स (Strong Nuclear Force) :-

दोस्तों! प्रकृति के 4 मौलिक बलों के (fundamental forces in hindi) ऊपर आधारित इस लेख में , अब वक़्त आ गया है की प्रकृति की सबसे ताकतवर बल के बारे में बात किया जाए| मैंने ऊपर आपको गुरुत्वाकर्षण बल को दुनिया की सबसे कमजोर बल के तौर पर बताया था| परंतु क्या आपको दुनिया की सबसे ताकतवर बल के बारे में पता हैं? मित्रों! मेँ यहाँ पर स्ट्रॉंग न्यूक्लियर फोर्स की बात कर रहा हूँ|

यह बल दुनिया की सबसे ताकतबर बल है जो की गुरुत्वाकर्षण बल से 6 हजार खरब खरब खरब गुना शक्तिशाली हैं| जी हाँ! इतनी मात्रा में शक्तिशाली होने के कारण ही यह ब्रह्मांड में मौजूद सबसे मौलिक कणिकाओं को एक साथ बांध कर रखने में सक्षम हो पाता हैं| मुझे तो सुन कर ही बहुत ही ज्यादा हैरान हो रहा है की आखिर कैसे यह बल इतना ताकतवर हो सकता हैं! खैर विज्ञान कह रहा है तो यह सत्य ही होगा|

Nuclear Force Hindi
Nuclear Force | Getty Images

मित्रों! मेँ आपको यहाँ और भी बता दूँ की यह बल प्रोटोन और न्यूट्रान को बनाने बाले कणिका यानी क्वार्क के मूल संरचना को भी बनाने में काफी ज्यादा मदद करता हैं| परमाणु और अणु के स्तर पर बलों को सही तरीके से काम करने के लिए बहुत ही शक्तिशाली होना पड़ता हैं| आपको दुनिया की सबसे ताकतवर बल के बारे में क्या लगता है! क्या यह इतनी मात्रा में गुरुत्वाकर्षण बल से शक्तिशाली हो सकता हैं? इन सवालों का जवाब आप जरूर ही दीजिएगा, हमें बहुत खुशी होगी|

Source :- www.space.com.

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Bineet Patel

मैं एक उत्साही लेखक हूँ, जिसे विज्ञान के सभी विषय पसंद है, पर मुझे जो खास पसंद है वो है अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान, इसके अलावा मुझे तथ्य और रहस्य उजागर करना भी पसंद है।

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