Physics

आखिर क्या है परमाणु बमों के धमाकों का रहस्य! आखिर कैसे यह फटता है और काम करता है? – Mysteries Of Atomic Bomb.

इतिहास में इस्तेमाल की गई परमाणु बमों से जुड़ी क्या आप इन बातों को जानते हैं?

हिन्दू धर्म के प्राचीन ग्रंथों से ले कर आज के इस आधुनिक युग तक हर तरफ आपको युद्ध की संज्ञा खूब देखने को मिलेगी और मिलेगी भी क्यों न आखिर युद्ध ही तो एक सच्चे योद्धा और नई विकास का पहला पग होता है| मेँ यहाँ पर हिंसा को समर्थन नहीं कर रहा हूँ परंतु हाँ! अधर्म से लढने के लिए युद्ध तो आवश्यक हैं| खैर पूरी दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) का विनाशकारी खौफ अपने जेहन से नहीं निकाल पाया हैं| छोटी मसिन गन से ले कर परमाणु बमों के धमाके (mysteries of atomic bomb) हर एक हथियार इस युद्ध में इस्तेमाल हुआ|

Atomic Bomb Photo.
परमाणु बम की तस्वीर | Credit: Russia Beyond.

परंतु सब के मन में परमाणु बमों की धमाके (mysteries of atomic bomb) अभी भी ताजा मौजूद हैं| इसलिए आज मेँ एक बहुत ही रोचक विषय यानी परमाणु बमों के बारे में बात करने जा रहा हूँ| जी हाँ! आज में इस लेख के अंदर आपको परमाणु बमों (mysteries of atomic bomb) से जुड़ी कुछ बहुत ही मूल भूत और रहस्यमय बातों का जिक्र करूंगा|

तो, चलिए मेरे साथ इस लेख के जरिए एक नए सफर पर चलने को तैयार हो जाइए|

अटॉमिक बम क्या है ? – What is Atomic Bomb? :-

एक भारतीय होने के नाते आप सभी लोगों को तो अटॉमिक या एटम बॉम्ब के बारे में अवश्य ही पता होगा| खैर मेँ यह समझता हूँ की इस के बारे में फिर भी कुछ मूल भूत बातों का जिक्र करना अवश्य ही जरूरी हैं|

दोस्तों अटॉमिक बम (mysteries of atomic bomb) एक प्रकार का न्यूक्लिअर ताकत यानी नाभिकीय ताकत से बनी एक शक्ति शाली हथियार हैं| इस बम के धमाके से निकलने वाली तापमान , ध्वनि के तरंगें और रैडिओ एक्टिविटी भारी और किसी के कल्पना से परे की विनाश मचाने में पूर्ण रूप से सक्षम हैं|

आखिर कैसे काम करता हैं परमाणु बम ? – How a Atomic Bomb Works? :-

दोस्तों जैसा की मैंने पहले ही वादा किया था की , मेँ इस लेख में आपको परमाणु बॉम्ब (mysteries of atomic bomb) कैसे काम करता है उसके बारे में बताऊंगा तो लीजिए मैंने मेरा वादा पूरा किया| लेख के इस भाग में आपको परमाणु बम की कार्य-प्रणाली के बारे में जानने को मिलेगा| तो , जरा ध्यान से पढ़िएगा|

मैंने हाल ही में नाभिकीय विखंडन के ऊपर एक स्वतंत्र लेख लिखा है और लेख में आगे बढ्ने से पहले आपको सभी को अनुरोध करना चाहूँगा की आप उस लेख को अवश्य ही एक बार पढ़ें क्योंकि उस लेख से इस लेख का बहुत ही सीधा-सीधा संपर्क हैं जो की आपको आगे पता चलेगा|

मित्रों! मुख्य रुप से परमाणु बॉम्ब नाभिकीय विखंडन के सिद्धांतों के ऊपर काम करते हैं| इसमें नाभिकीय विखंडन से निकलने वाली अपार ऊर्जा को विनाशकारी कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं| जब भी एक बड़ा नाभिक (nuclei) कई छोटे-छोटे नाभिकों में बंट जाता हैं तब इस प्रक्रिया में से काफी ज्यादा ऊर्जा पैदा होता है और ऊर्जा के उद्ग के इस प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन कहते हैं|

जब भी कोई स्वतंत्र न्यूट्रान यूरानियम या प्लूटोनियम जैसे रैडिओ एक्टिव पदार्थों के साथ टकराता है तब , उन पदार्थों के परमाणुओं से दो-तीन और न्यूट्रान बाहर निकल कर स्वतंत्र हो जाते हैं| परमाणु के नाभिकीय अंश से न्यूट्रान के अलग होने की इस प्रक्रिया के कारण तीव्र ऊर्जा का बनना सुनिश्चित होता हैं|

बाद में यह नई बने स्वतंत्र न्यूट्रान और परमाणुओं के साथ टकरा कर और भी ज्यादा ऊर्जा को पैदा करते हैं| विखंडन का यह प्रक्रिया काफी तेजी से सेकंड के कुछ हिस्सों में ही समाप्त हो जाता हैं|

इतिहास में फटे कुछ परमाणु बमों के बारे में संक्षिप्त विवरण :-

देखिए आज तक पृथ्वी पर कई प्रकार के परमाणु बमों (mysteries of atomic bomb) को फोड़ा गया है , परंतु हाँ ! ज़्यादातर इसे शोध के लिए ही फोड़ा गया हैं| मानव इतिहास में मात्र दो बार ही इसे किसी युद्ध के अंदर इस्तेमाल किया गया हैं|

हिरोशिमा का परमाणु बम :-

हिरोशिमा में सबसे पहले परमाणु बॉम्ब का हमला हुआ था| सान 1954 अगस्त 6 तारीख को जापान के हिरोशिमा सहर के ऊपर इसे प्रथम बार अमरीकी सेना के द्वारा इसे दागा गया| लंबी और पतली आकार के कारण इस बॉम्ब को लिटल बॉय (little boy)” भी कहा जाता हैं| इस बम के अंदर यूरानियम-235 को इस्तेमाल किया गया था| माना जाता है की 1 किलो यूरानियम-235 के विखंडन से निकलने वाली ऊर्जा 15,000 किलो TNT के फटने के ऊर्जा के बराबर हैं|

यहाँ मेँ आपको और भी बता दूँ की लिटिल बॉय के अंदर 64 किलो यूरानियम-235 का इस्तेमाल किया गया था|

Effect of Atom Bomb.
बाईं और टोक्यो और दाईं और परमाणु बम से क्षतिग्रस्त हिरोशिमा | Credit : The nuclear secrecy blog.
नागशाकी का परमाणु बम :-

हिरोशिमा पर परमाणु बम (mysteries of atomic bomb) गिराने के बाद अमरीकी सेना ने सन 1945 अगस्त 9 को जापान के नागशाकी सहर पर अपना दूसरा परमाणु बॉम्ब दागा| आकार में मोटा और वजनदार यह बॉम्ब का नाम फैट मेन (Fat man)” था|

प्लूटोनियम-239 से भरा हुआ यह बम लिटल बॉय से 20% से 40% ज्यादा ताकतवर था| इस में 6.4 kg प्लूटोनियम-239 को इस्तेमाल किया गया था| मेँ आपको यहाँ और भी बता दूँ की एक किलो प्लूटोनियम-239 के विखंडन से निकलने वाली ऊर्जा की मात्रा 21,000 किलो TNT के फटने के ऊर्जा के बराबर हैं|

मित्रों! TNT एक प्रकार का रासायनिक पदार्थ होता है , जिसे कई देश की सेनाएँ अपने-अपने विस्फोटक बमों की निर्माण के लिए इस्तेमाल करते हैं| इससे मुख्य रूप से युद्ध में इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक बम और ग्रेनेड आदि बनते हैं और यह एक कारगर विस्फोटक पदार्थ के हिसाब से परिचित हैं|

परमाणु बमों की भयानक दुष्प्रभाव :-

युद्धों में चाहे किसी की भी जीत हो परंतु क्षति दोनों पक्षों की जरूर होती हैं| ऐसा कोई युद्ध नहीं होगा जिसे में रत्ती भर का भी नुकसान न हुआ हो| द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान परमाणु हथियार के जरिए एका-एक ढाई लाख लोगों की (2.5 lakh) की जान निकल गईं| परंतु इस के बाद भी आज तक कई करडों लोगों का जीवन पूर्ण रूप से उजड़ गया|

जिस जगह पर परमाणु बम (mysteries of atomic bomb) गिरता है , उस जगह और उसके आस-पास के जगहों का तापमान कई लाख डिग्री सेलसीअस हो जाता हैं| इसलिए उस क्षेत्र में बसने वाला हर एक इंसान पल भर में ही भांप बन कर उड़ जाता हैं| घरों के अंदर रहने वाले लोग इमारत के ढह जाने से या अत्यधिक तापमान के कारण अपने जान से हाथ धो बैठते हैं|

बडा खतरनाक और विनाशक होगा परमाणु बमों का इस्तेमाल :-

इसके अलावा जमीन के अंदर पनाह लेने वाले लोग धमाके की पहली शॉक वेव से तो बच जाते है , परंतु धमाके के कारण वायु मंडल से बहुत तेजी से ऑक्सिजन का क्षरण उन लोगों की जान ले लेता हैं|

धमाके के चपेट के बाहर के इलाकों में लोगों की बचने की संभावना धीरे-धीरे दूरी के हिसाब से बढ़ता जाता हैं , परंतु इन लोगों की हालत बहुत ही ज्यादा बुरा होता हैं| कोई-कोई अपंग हो जाते है तो कोई-कोई अंदरूनी खून के क्षरण से जूझ रहे होते हैं|

इसके बाद अब बारी आती है विकिरण की | धमाके की 20 साल बाद भी विकिरण लोगों को केंसर जैसे बीमारिओं से मारता ही रहता हैं| इसके अलावा विकिरण के वजह से शरीर में म्यूटेसन भी हो जाता है|

परमाणु बम (mysteries of atomic bomb) के कारण पर्यावरण को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है और इस से न्यूक्लिअर विंटर का आना तय हैं| रेड क्रॉस की एक शोध से पता चला है की अगर आने वाले समय में किसी भी प्रकार का परमाणु युद्ध घटता है , तो इस से 1 अरब से भी ज्यादा लोग भुखमरी के कारण अपने प्राण त्याग देंगे|

तो, आखिर में मित्रों मेँ आप सभी लोगों से आग्रह करना चाहूँगा की; क्या आप कभी परमाणु बमों का इस्तेमाल युद्ध जैसी गंभीर परिस्थिति में इस्तेमाल होने देंगे? परमाणु बमों को ले कर आपका क्या राय है? जरूर बताइएगा|

——————————————————————————————————————————————————Sources – cnduk.org , newwint.org , wikipedia.

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Bineet Patel

I am a learner and passionate writer who loves to spread the interesting concepts of science through my writing.

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