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वैज्ञानिकों ने खोजा एक ऐसा ग्रह जहां पर उगते हैं एक साथ तीन सूर्य

हम धरती पर रहते हैं और हमारी धरती के पास केवल एक ही सूर्य है, या कहें तो एक ही सितारा है जो धरती के सभी प्राणियों को जीवन देता है। कल्पना कीजिए एकाएक यहां पर तीन सूर्य देखने को मिल जायें। यह सोचने में ही बड़ा विचित्र लगता है कि धरती के पास तीन सूर्य हो जायें। अगर ऐसा होता भी है तो धरती फिर भाप बनकर उड़ ही जायेगी।

लेकिन वैज्ञानिकों की कल्पनाशक्ति हमसे बिलकुल अलग ही होती है। उसी कल्पना के दम पर वह ऐसी ऐसी चीजों के बारे में बताते हैं जिन्हें हम सोच भी नहीं सकते हैं। अभी हाल ही में खगोलशास्त्रियों ने एक ऐसा ही ग्रह खोज निकाला है जहां एक साथ तीन सूर्य उगते हैं और डूबते हैं।

Source – Sciencemag
 

साथ ही यहां का एक साल पृथ्वी के एक साल के बराबर होता है। इस ग्रह के कुछ हिस्सों में सालभर लगातार दिन ही रहता है और शेष हिस्सों में एक साथ 3 सूर्य उगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही ग्रह के पास 3 या इससे ज्यादा सूर्य होना बहुत दुर्लभ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रह काफी युवा है। यह ग्रह करीब1 करोड़ 60 लाख साल पहले अस्तित्व में आया। माना जाता है कि 3 सूर्यों वाला यह पांचवां ऐसा ग्रह है जिसे इंसानों ने खोजा है।

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वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को एचडी131399 एबी नाम दिया है। साथ ही वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि कई तारों के सामूहिक सिस्टम में इसकी कक्षा सबसे बड़ी है। इस ग्रह को एक बार अपनी कक्षा का चक्कर लगाने में इसे धरती के मुताबिक 550 साल लगते हैं।

यह ग्रह जिस सौर मंडल, सेंटॉरस, का हिस्सा है, उसके सबसे चमकीले सूर्य के आसपास यह चक्कर लगाता है। उससे छोटे दोनों सूर्य एक-दूसरे का चक्कर लगाते हैं। तीनों सूर्यों के बीच की दूरी हर दिन बढती जाती है। एक ऐसा समय आता है, जब एक सूर्य डूबता है और दूसरा उगता है।

इस ग्रह पर एक ही दिन और एक ही समय में तीनों सूर्य दिखाई देते हैं। इसके कारण ही यहां 3 सूर्योदय और 3 सूर्यास्त होते हैं। यहां साल के एक चौथाई हिस्से, यानी धरती के मुताबिक 100 से 140 साल तक, लगातार दिन रहता है। यह जानकारी जानकारी ‘साइंस’ पत्रिका में छपी है।

यह ग्रह हमारी धरती से 320 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। इस ग्रह को देखने के लिए खगोलशास्त्रियों ने चिली स्थित वेधशाला की बहुत बडी दूरबीन का इस्तेमाल किया। खगोलज्ञों का यह भी कहना है कि इसका भार सबसे बड़े ग्रह वृहस्पति से चार गुना अधिक है।

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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