Strange Science - विचित्र विज्ञान

क्या ये संभव है कि हम पृथ्वी का सारा कूड़ा अंतरिक्ष में भेज दें ?!

1,30,00,00,000 , यानी 1 अरब 30 करोड़ टन कूड़ा हर साल इंसानों द्वारा पृथ्वी पर फेंका जाता है जो हर दिन के हिसाब से 35,00,000 टन से भी ज्यादा है और साल 2025 तक हर साल धरती पर 2 अरब 20 करोड़ टन कूड़ा जमा हो चुका होगा |

दोस्तों ! आज बढ़ते विकास और शहरीकरण की वजह से कूड़े पर नियंत्रण और उसकी व्यवस्था कितनी बड़ी समस्या बन चुका है और आने वाले भविष्य में अगर इसका कोई सटीक हल  नहीं निकाला तो ये काफी खतरनाक भी साबित हो सकता है !

दोस्तों ! सटीक हल से याद आया, अगर पृथ्वी इतने सारे कूड़े से भरी पड़ी है और इसकी भी एक लिमिट है , तो क्यों न हम इस कूड़े कहीं और भेजदें जैसे कि अंतरिक्ष, क्योंकि अब अंतरिक्ष में पंहुचना हमारे लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं रही   !

सो दोस्तों ! आज हम यही चर्चा करेंगे कि क्या हम पृथ्वी पर जमा सारे कूड़े को अंतरिक्ष में भेज सकते हैं , और अगर ऐसा संभव हुआ, तो इसके  प्रभाव और  परिणाम क्या होंगे ?!

दोस्तों ! ये तरीका , सुनने में तो काफी मजेदार लगता है क्योंकि अगर हम ऐसा करदें तो पृथ्वी पर जमा सारा कूड़ा हम, दूर दूर तक अंतरिक्ष  में भेज सकते हैं और पृथ्वी को इस कूड़े से मुक्ति दिला सकते हैं !

पर ये जितना सोचने में मजेदार लगता है उतना ही चुनौती भरा भी है क्योंकि ये कोई satellite या spacecraft  भेजने जैसा नहीं है बल्कि अरबों टन कूड़ा हमें अंतरिक्ष में भेजना पड़ेगा , जिसके लिए कई हमें करोड़ों rockets की जरूरत पड़ेगी |

1957 में हम इंसानों ने सबसे पहला rocket, अंतरिक्ष में भेजा , जिसने first artificial satellite को भेजा और तबसे लेकर लगभग 5000 से ज्यादा rockets हम पृथ्वी से launch कर चुके हैं |

अभी फिलहाल हमारे पास सबसे किफायती rocket को भी launch करने के लिए 90 million dollars तक का खर्चा आता है जो अंतरिक्ष  में 70 टन तक कोई भी सामन भेजने में सक्षम है |

गणना की बात करें तो पृथ्वी पर मौजूद सारे कूड़े को अगर हमें इसके द्वारा अंतरिक्ष में भेजना पड़े तो हमें 18 million यानी 1 करोड़ 80 लाख से भी ज्यादा ऐसे rockets की जरूरत पड़ेगी जिनकी लागत , 1600000000000000 dollars से भी ज्यादा की होगी |

और इन्हें launch करने के लिए भी हमें चीन जैसे पूरे देश से भी ज्यादा के area की जरूरत भी पड़ेगी जिसकी कल्पना कर पाना भी हमारे लिए काफी मुश्किल है  |

इन सबके साथ ही, space में launch किए जाने वाले rockets का highest success rate, on average 97% है यानी हर 100 rockets में से 97 rockets अपने लक्ष्य तक पहुच पाते हैं | यानी कुल मिलाकर देखें तो ये ऑपरेशन वाकई में काफी चुनौतीपूर्ण है |

पर सोचिए , अगर संसाधनों का इस्तेमाल करके अगर हम ये सब करने में कामयाब हो भी गए तो SPACE में भेजे गए कूड़े का आखिर होगा क्या , क्या ये हमारे लिए वाकई में फायदेमंद साबित होगा या इसका परिणाम, कोई अलग ही रूप ले लेगा ?!

हाल ही में की STUDIES के मुताबिक़ पृथ्वी के ORBIT में 170 MILLION से भी ज्यादा SPACE DEBRIS यानी अन्तरिक्ष में मौजूद कूड़े या मलवे के टुकड़े मौजूद हैं जिनमें से लगभग 29,000 टुकड़े ऐसे हैं जिनका आकार काफी बड़ा है जो आसानी से TRACK कर लिए जाते हैं |

ये SPACE DEBRIS आमतौर पर SPACE में मौजूद NATURAL ASTEROIDS, MATEOROIDS और ARTIFICIAL MAN- MADE यानी मानवों द्वारा SPACE में भेजे गए OBJECTS की वजह से इकठ्ठा हो जाता है जहां man-made objects , SATELLITES , ROCKET BOOSTERS , SPACECRAFTS वगेरा होते हैं जो space missions के समय  पर भेजे जाते हैं , जो या तो काफी पुराने हो चुके होते हैं या जिनका किसी भी तरह का इस्तेमाल नहीं होता |

खुद पृथ्वी की कक्षा में ही काफी बड़े बड़े बेकार के OBJECTS मौजूद हैं जो 17,000 मील प्रति घंटे से भी ज्यादा की स्पीड से घूमते हैं और ये किसी भी SATELLITE और SPACECRAFT को आसानी से नष्ट कर सकते हैं |

इन OBJECTS का अगर SIZE भी कम हो तो भी इनकी गति किसी भी OBJECT से टकराकर उसे नष्ट कर सकती है | भले ही इतने बड़े SPACE में इन OBJECTS के टकराने की संभावना कम हो पर कई NON-TRACKABLE OBJECTS , खतरनाक भी साबित हो सकते हैं | यानी कूड़े में फेंकी गई आपकी कैंची, SPACE में, किसी भी ASTRONAUT के लिए बहुत भारी पड़ सकती है |

1996 में 10 साल पहले भेजे गए एक फ्रांस के ROCKET के टुकड़े उन्हीं की भेजी हुई SATELLITE से टकराए और उसे नष्ट कर दिया |

इसके अलावा इस SPACE DEBRIS से बड़े बड़े SATELLITE SYSTEMS के नष्ट होने का भी खतरा रहता है जैसे कि GPS वगेरा ! और अगर ये SYSTEM फेल होता है तो WEATHER FORECAST, NATURAL DISASTER MONITORING जैसे OPERATIONS पूरी तरह से बंद पड़ जाएंगे और AIRPLANES , SHIPS, MILITARY द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले DRONES और MISSILES को दिशा न मिलने की वजह से परिणाम काफी भयंकर भी साबित हो सकते हैं !

इसीलिए STAELLITES को काफी PLANNING के साथ LAUNCH किया जाता है और समय समय पर उसके आस पास मौजूद OBJECTS को सावधानी से TRACK किया जाता है |

इन सबके साथ ही पृथ्वी के ORBIT में भेजा गया कूड़ा थोड़े समय के बाद काफी तेजी से खुद पृथ्वी पर गिरना शुरू कर देगा जिसमें से कुछ तो तेज गति की वजह से पृथ्वी के वायुमंडल में ही जलना शुरू कर देगा | इस कूड़े के जलने वाले REACTION की वजह से हमारे वातावरण और खुद हम पर इसका काफी बुरा असर पड़ेगा क्योंकि इस प्रोसेस के दौरान निकलने वाले DIOXINS, CANCER,SKIN DISEASE और HEART DISEASE जैसी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं |

और सबसे गंभीर बात तो ये है कि इस प्रक्रिया को हम चाहकर भी नियंत्रित नहीं  कर पाएंगे |

दोस्तों ! अब तो आपको IDEA लग ही गया होगा कि पृथ्वी पर मौजूद ये कूड़ा , पृथ्वी से दूर रहकर भी हमारा पीछा नहीं छोड़ने वाला !

नीचे वीडियो जरूर देखें !

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Shubham Sharma

शुभम शर्मा विज्ञानम् के लेखक हैं जिन्हें विज्ञान, गैजेट्स , रहस्य और पौराणिक विषयों में रूचि है। इसके अलाबा इन्हें खेल और वीडियो बनाना बहुत पसंद है।

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