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देश को मिला पहला स्वदेशी निर्मित सुपरकंप्यूटर ‘परम शिवाय’

Supercomputer of India Param Shivaay

Supercomputer of India Param Shivaay – प्रधानमंत्री मोदी जी ने मंगलवार को अपने वाराणसी दौरे पर आईआईटी बीएचयू में 833 टेराफ्लॉप सुपर कंप्‍यूटर का लोकार्पण किया। आपको बता दें कि ये पहला ऐसा सुपरकंप्यूटर है जिसका निर्माण भारत में हुआ है। सुपरकंप्यूटर से अब भारत को कई फायदे मिलने वाले हैं, पहले जो काम कई दिनों में हो पाता था अब कुछ मिनटों और घंटो में पूरा कर लिया जायेगा। 32.5 करोड़ की लागत से बने इस कंप्यूटर के आ जाने से डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया योजना एक नए मुकाम पर पहुंच गई।

राष्‍ट्रीय सुपर कंप्‍यूटिंग मशीन

डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए राष्‍ट्रीय सुपर कंप्‍यूटिंग मशीन (एनएसएम) के तहत यह सुविधा आईआईटी बीएचयू में शुरू की गई है। आईआईटी के निदेशक प्रफेसर प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि सेंटर फॉर डिवलेपमेंट ऑफ अडवांस कंप्‍यूटिंग (सी-डैक) ने एनएसएम श्रृंखला के तहत 833 टेराफ्लॉप क्षमता का प्रथम सुपर कंप्‍यूटर ‘परम शिवाय’ का निर्माण किया है।

सुपरकंप्यूटर क्या होता है? 

एक सुपरकंप्यूटर वास्तव में एक कंप्यूटर ही है पर ये समान्य कंप्यूटर से करोड़ो गुना तेज और सफल गणना कर सकता है, ये कई जटिल काम और कई तरह की गणनाओं जिसमें कई महीने लगते हैं उन्हें करने में सझम होते हैं। परंपरागत रूप से, सुपर कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है जो बहुत बड़े डेटाबेस को संभालते हैं या एक बड़ी मात्रा में संगणना (या दोनों) करते हैं। आज के सुपर कंप्यूटर में हजारों प्रोसेसर होते हैं जो प्रति सेकंड अरबों और खरबों की गणना या गणना करने में सक्षम होते हैं।

Via : Reference.com

2013 तक, आईबीएम सिकोइया अब तक का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर है। इसमें 98,000 से अधिक प्रोसेसर हैं जो इसे प्रति सेकंड 16,000 ट्रिलियन गणना की गति से संसाधित करने की अनुमति देते हैं। 

इन क्षेत्रों में होगा इसका फायदा

सुपर कंप्‍यूटर का लाभ आईआईटी बीएचयू के संकाय सदस्‍यों, वैज्ञानिकों और शोध छात्रों को तो मिलेगा ही, पूर्वी यूपी के आसपास के इंजिनियरिंग कॉलेज के शोध छात्रों के साथ सरकारी शोध प्रयोगशालाओं में चल रही राष्‍ट्रीय महत्‍व की परियोजनाओं को कंप्‍यूटर पॉवर दिया जाएगा।

सुपर कंप्‍यूटर का प्रयोग जलवायु मॉडलिंग, मौसम की भविष्‍यवाणी, अंतरिक्ष इंजिनियरिंग, भूकंपीय विश्‍लेषण, वित्त आपदा सिमुलेशन और प्रबंधन, वृहद डाटा अनैलेटिक्‍स, सूचना संग्रह आदि क्षेत्रों में भी किया जा सकेगा। इसके अलावा नवोदय विद्यालयों के छात्रों को बेसिक सुपर कंप्‍यूटिंग से भी परिचित कराया जाएगा। आम आदमी से संबंधित समस्‍याओं जैसे सिंचाई योजना, यातायात प्रबंधन, सस्‍ती दवाओं की खोज आदि का भी निवारण किया जाएगा।

– क्या आपने कभी सोचा है कि तब क्या होगा जब कंप्यूटर का दिमाग पागल हो जाए

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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