यह गाय देती है एक दिन में 65 लीटर दूध, कीमत है लाखों में

भारत में गाय को माता माना जाता है। लोग आदिकाल से गाय का पालन-पोषण करते आये हैं। सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। पुराणों के अनुसार गाय को 33 कोटि देवताओं की माता कहा जाता है , और माना जाता है कि गाय में देवता निवास करते हैं।

भारत शहरीकरण की तरफ बढ़ता जा रहा है, पर आज भी ग्रामीण इलाकों में लोग गाय और बहुत से दूधारू पशु को पालना पसंद करते हैं। कई गांवो में आजीवका की भी यही साधन है। गाय माता दूध, दही और भी बहुत से उपयोगी वस्तु हमें निस्वार्थ भाव में देती है।

आज हम बात कर रहे हैं समृद्ध भारत की एक अनोखी गाय की प्रजाति के बारे में जिसे ‘गीर’ कहा जाता है। यह प्रजाति दूध के मामले में सभी को पीछे छोड देती है। आईये जानते हैं।

 

गुजरात में पायी जाने वाली इस प्रजाति के गोवंश का मूल स्थान कठियावाड़ के दक्षिण में पहाडि़यों के क्षेत्र में गिर नामक जंगल है। इस नस्ल की शुद्ध गायें प्रायः एक ही प्रजाति की होती हैं और इनमें दूध देने की अद्भुत क्षमता है। हालांकि इस प्रजाति की गायों को अमेरिका, ब्राजिल, मेक्सिको, वेनेजुएला से भी आयातित किया जाता है, जबकि इसके बच्चे का जन्म नियत समय पर होता है।

इसकी आंखें ऐसी दिखती है मानो वे बंद हों। सीगें दोनों और फैली हुई और ऊपर की ओर घुमावदार नुकीली अर्धचंद्राकर की तरह होती हैं। इसी तरह से कान भी सामान्य गायों से अलग नीचे की ओर झुके लंबे पत्ते की तरह होते हैं। ललाट चौड़ा , उभार लिए हुए और थुथन आकार-प्रकार व चमकीले काले रंग के कारण एक नजर में दिख जाती है। मध्यम आकार की गिर की पूंछ लंबी ओर त्वचा ढीली-ढाली होती है।

 

गीर गाय की डिमांड भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है। सबसे ज्यादा ब्राजील और इस्राइल के लोग इस गाय को पालना पसंद करते हैं, क्योंकि यह सबसे बड़ी गाय है और यह वहां के वातावरण में अच्छी तरह पलती-बढ़ती भी है।

गीर गाय लगभग 65 किलो तक दूध देती है जो कि आम गाय से बहुत ज्यादा है। गुजरात के गीर जंगल की यह रानी माता भारत में बहुत मशहूर है इसलिए इसकी कीमत बहुत ज्यादा है कीमत की बात करें तो यह गाय बड़ी से बड़ी ओडी कार को टक्कर देती है।

Pallavi Sharma

पल्लवी शर्मा एक छोटी लेखक हैं जो सनातन संस्कृति, धर्म, भारत और भी हिन्दी के अनेक विषयों पर लिखतीं हैं। इन्हें सनातन संस्कृति से बहुत लगाव है।

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