चंद्रमा पर मिली खगोल वैज्ञानिकों को एक विशाल गुफा

चंद्रमा एक प्राकृतिक उपग्रह है जो धरती के चक्कर लगाता है, चंद्रमा के होने से धरती पर जीवन का अस्तित्व है। मानवों को आदिकाल से ही चांद पर जाने और उसके रहस्य जानने की लालसा रही है। पिछले कई वर्षों में वह ऐसा कर भी चुका है और कई बार चांद पर जाने के बाद वह उसके कई रहस्यों को जान सका है।

इस विशाल वातावरण रहित गोले पर अभी हाल में ही जापान की अंतरिक्ष ऐंजेसी ने एक बहुत ही अद्भुत खोज की है, ऐंजेसी के मुताबिक उन्हें चंद्रमा पर एक बहुत ही विशाल गुफा का पता चला है।

जापान के अंतरिक्ष विज्ञानियों ने सेलेने लूनार ऑर्बिटर से मिले डाटा की जब पहली बार जांच की तो उन्हें लगा कि वे उसे जानने में कुछ गलती कर रहे हैं। जो कि ऐसा होना संभव नहीं है।  और जब दूसरी, तीसरी जांच में भी वही नतीजा आया, तो वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे। इंसान को पहली बार चांद पर मौजूद गुफा मिल गई।

वैज्ञानिकों के मुताबिक गुफा 50 किलोमीटर लंबी (31 मील) और 100 मीटर चौड़ी है. माना जा रहा है कि 3.5 अरब साल पहले ज्वालामुखीय हलचल के दौरान यह गुफा बनी. उस वक्त चंद्रमा पर लावा बहा होगा, जिसकी बुदबुदाहट ने इस विशाल गुफा का निर्माण किया।

The Marius Hills Skylight, as observed by the Japanese SELENE/Kaguya research team. Image by: NASA/Goddard/Arizona State University

The Marius Hills Skylight, as observed by the Japanese SELENE/Kaguya research team. Image by: NASA/Goddard/Arizona State University

जापान की अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिक जूनिची हारुयामा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “हमें इस जगह का पता था और हमें लगता था कि वहां लावा ट्यूब हो सकती है. हमने अभी गुफा भीतर से नहीं देखी है लेकिन उम्मीद है कि आगे की जांच में इसकी कई डिटेल्स सामने आएंगी।”

जमीन में दबी गुफा चंद्रमा के मॉरिस हिल इलाके में है. भारत का चंद्रयान चंद्रमा पर पानी की खोज कर चुका है। अब गुफा भी मिल चुकी है. वैज्ञानिकों को लगता है कि भविष्य में चंद्रमा पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री इसी गुफा में रह सकते हैं. गुफा बहुत तेजी से चढ़ते उतरते तापमान और सौर विकिरण से रक्षा करेगी।

खुद जापान 2030 के आस पास चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजना चाहता है।  यह पहला मौका है जब जापान ने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने का एलान किया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी 2025 में चंद्रमा की कक्षा में अंतरिक्ष स्टेशन बनाना चाहती है। उस स्टेशन की मदद से इंसान को मंगल तक भेजने की तैयारी की जाएगी. गुफा की खोज के बाद चांद पर इंसान को भेजने की होड़ छिड़नी तय है. अमेरिका, भारत और चीन पहले ही ऐसे मिशनों का एलान कर चुके हैं।

 

Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य
योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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