Poems

तू मत डर. .ऐ इंसान – कविता

इंसान दुखों से घिरा हुआ है और वो खुद ही है जो स्वयं को मुसीबतों से निकाल सकता है बस ऊपरवाले पर भरोसा होना चाहिए ।इंसान को कभी-कभी अच्छे काम भी करने चाहिए ताकि समाज मे उसकी इज़्ज़त भी बने।

आइये पढ़ते है कैसे इंसान की मुसीबतों को उजागर किया गया है और कैसे भगवान इंसान की मदद करते हैं ।

तू मत डर. .ऐ इंसान

लहरों का समंदर है
तैर के जाना है,
डूब रही एक कश्ती है
जाकर उसे बचाना है ।

होते हैं शांत दरिया
काम तो उनका बहना है,
सीखना है तो लहरों से सीखो
कैसे गिरकर उठना है ।

नाविक ही नैया पार लगाए
सवार को बस बैठना है,
रख विश्वास ऊपर वाले पर
नाविक ही परमात्मा है ।

जीवन है कष्टों से भरा
थोड़ा पुण्य करना है,
दो रोटी भूँखो को दे दो
जाकर ऊपर, धन का क्या करना है ।

मिलता है सब यहाँ
तुझे बस नाम बनाना है,
सिर्फ पैसा ही नही
कुछ इज़्ज़त भी कमाना है ।।

कवि – अभिनय प्रसाद

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