Browse By

Category Archives: Science

SpaceX ने 3 बार इस्तेमाल हुए रॉकेट से किया उपग्रह प्रक्षेपण

अमेरिकी अंतरिक्ष संबंधी उपकरण बनाने वाली कंपनी SpaceX ने एक वाणिज्यक संचार उपग्रह का प्रक्षेपण आंशिक रूप से तीन बार उपयोग में आ चुके रॉकेट से किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च काम्प्लेक्स 39ए से बुधवार को इकोस्टार

सोचिए, क्या हो अगर हम अंटार्कटिका (South Pole) में जाकर रहें ?

हमारी धरती एक बहुत ही विशाल ग्रह है, जिसमें हम सभी प्राणियों के साथ रहते हैं। इसी धरती पर दिन और रात होते हैं, जिनके होने से धरती का संतुलन बना रहता है। ये वे दो परिस्थितियां है जिनके अनुसार ही धरती पर हर जीव

यूपी के लड़के ने किया कमाल, आंतों के बैक्टीरिया पर किया शोध

भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष मंगलम की अगुवाई में शोधकर्ताओं की एक टीम ने आंत के बैक्टीरिया ‘ प्रीवोटेला ‘ की खोज की है। जिसका इस्तेमाल ‘ मल्टीपल स्क्लेरोसिस ‘ और इससे मिलती-जुलती अन्य बीमारियों के इलाज के लिए किया जा सकता है।

छठी इंद्री – सिक्स्थ सेंस क्या होती है, हम कैसे इसकी शक्ति को बढ़ाये

विज्ञान और धर्म के अनुसार मानवों के पास पांच इंद्रियां होती है, जो उन्हें स्वाद, गंध, स्पर्श आदि का बोध कराती हैं। ये पांच इंद्रियां क्रमश: इस प्रकार हैं – नेत्र, नाक, जीभ, कान और त्वचा। एक और छठी इंद्री भी होती है जो दिखाई नहीं

नई नहीं है टेस्ट ट्यूब तकनीक, महाभारत में भी हो चुका है ज़िक्र

आप जानकर हैरान रह जायेंगे पर प्राचीन काल के हमारे ऋषि -मुनि अबके वैज्ञानिकों से भी बहुत ज्यादा विद्वान थे, वे ऐसे कार्य पर शोध करते थे जो आज भी हमारे लिए बहुत दुर्लभ हैं। आप हैरान हो जायेंगे कि जिस टेस्ट ट्यूब तकनीक को

क्षुद्रग्रह जा रहा नासा का यान पृथ्वी के पास से गुजरा

क्षुद्रग्रह का नमूना भेजने वाला नासा का अंतरिक्षयान शुक्रवार को बेनू नामक क्षुद्रग्रह के लिए जाते समय पृथ्वी के पास से होकर गुजरा। यह अगले अगस्त में क्षुद्रग्रह पर पहुंचेगा।   नासा ने कहा कि ओएसआईआरआईएस-आरईएक्स (ओरिजिन्स, स्पेक्ट्रल इंटरप्रिटेशन, रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन, एंड सिक्युरिटी- रीगोलिथ एक्सप्लोरर)

घूमते तारे ने सच साबित की भारतीय वैज्ञानिक की 70 साल पुरानी भविष्यवाणी

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञानी और नोबल विजेता सुब्रमण्यम चंद्रशेखर की 70 साल से भी पहले की गई भविष्यवाणी की पुष्टि अब हुई है. उनके सिद्धांत की यह पहली पुष्टि ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने की है. सुब्रमण्यम ने अपनी इस भविष्यवाणी में कहा था कि तेजी से

अंतरिक्ष यान कैसिनी अपनी अाखिरी यात्रा को तैयार

नासा का रोबोट अंतरिक्ष यान कैसिनी पिछले 13 साल से शनि ग्रह की परिक्रमा कर रहा है और अब ग्रह का अंतिम चक्कर लगाने के लिए तैयार है। इसके बाद 15 सितंबर को कैसिनी को शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन के वायुमंडल में भेजा