Universe

एक ऐसा तारा जहां पर पहुंचने में हमें लगेंगे 73 हजार साल

Proxima Centauri In Hindi –  हमारी धरती के नजदीक जो तारा है वह हमारा सूर्य है पर क्या आप जानते हैं कि सूर्य के बाद जो नजदीक तारा हमारी पृथ्वी से हमें दिखाई देता है उसका नाम प्रोक्सिमा सेंचुरी (Proxima Centauri)  है। जो कि हमारी धरती से 4.3 प्रकाश वर्ष दूर है, मतलब अगर आप लाइट यानि प्रकाश की गति से भी वहां जाने की कोशिश करें तो आपको 4 साल से ज्यादा का समय लगेगा।

वैसे देखा जाये तो यह दूरी ज्यादा नहीं लगती है पर अगर हम आज की तकनीक से इस पर पहुँचने की कोशिश करें तो हम पायेंगे कि हम अपने पूरे जीवन काल में इस तारे तक नहीं पहुँच सकते हैं।

Proxima Centauri – Nearest Star From Sun (सूर्य से सबसे नजदीक तारा) 

भविष्य में अगर मानवों को अपने अस्तित्व को बचाने के लिए किसी दूसरे ग्रह की जरूरत पड़ी तो उसकी सबसे पहली आश हमारा सौर मंडल ही होगा पर अफसोस सौर मंडल में कुछ चंद्रमाओं को छोड़कर किसी भी बड़े ग्रह पर जीवन नहीं पनप सकता है। ऐसे में मानवों को ऐसे ग्रह की तलाश की जरूरत में किसी दूसरे स्टार सिस्टम में जाना ही पड़ेगा।

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पर खुशी की बात ये है कि हमारे सबसे नजदीक स्टार प्रोक्सिमा सेंचुरी के पास एक ऐसा ग्रह है जो आकार में पृथ्वी के जितना है और ये अपने स्टार के Habitable Zone में भी आता है इस ग्रह का नाम प्रोक्सिमा बी है और वैज्ञानिक मानते हैं कि इस ग्रह पर जीवन पनप सकता है पर इस ग्रह पर पहुँचना ही हमारे लिए सबसे बड़ा काम होगा, यह ग्रह हमसे 4.3 लाइट ईयर दूर है। और हमारे पास अभी तक ऐसा कोई भी SPACECRAFT नहीं है जो कि इस ग्रह पर पहुँच सके।

Voyager Spacecraft And Proxima Centauri (वायेजर यान और प्रोक्सिमा सेंचुरी) 

आप लोगों ने वायेजर यानों का तो नाम सुना ही होगा, जिसके तहत वायेजर 1 और वायेजर 2 दो यानों को नासा ने 1977 में लाँच किया था। वायेजर 1 यान पिछले 41 सालों से स्पेस में सफर कर रहा है और ये अबतक का सबसे दूर जाने वाले मानव निर्मित यान है, इसकी इस समय स्पीड 17 किलोमीटर प्रति सकेंड यानि एक घंटे में यह 62 हजार किलोमीटर का सफर तय करता है, अगर ये आज पृथ्वी से लाँच हो तो मात्र 6 घंटो में ही चांद पर पहुँच जायेगा।

अपने 41 सालों के सफर में ये सूर्य से 140 Astronomical unit आगे जा चुका है. 1 Astronomical unit सूर्य की पृथ्वी की दूरी को कहते हैं जो की करीब 15 करोड़ किलोमीटर होती है। वायेजर 1 इस वक्त करीब 21 अरब लिकोमीटर की दूरी तय कर चुका है। पर इतनी तेज स्पीड होने के बाद भी इस यान को प्रोक्सिमा सेंचुरी स्टार तक पहुँचने में करीब 73 हजार साल लग जायेंगे।

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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