Strange Science - विचित्र विज्ञान

क्या होगा अगर तापमान अचानक से 142 खरब खरब करोड़ डिग्री सेल्सियस हो जाये?

Planck Temperature in Hindi

Planck Temperature in Hindi  – इस ब्रह्मांड में कितना तापमान हो सकता है इसके लिए आपको बहुत कुछ सोचना पड़ सकता है, पर इस लेख में आपको इसी के बारे में बतायेंगे। अगर आपको विज्ञान में बहुत रूचि है तो यह लेख आपके लिए बहुत काम का है।

इस धरती पर जीरो डिग्री से कम तापमान को ठंडा माना जाता है और उससे ज्यादा को गर्म तापमान की सूचि में रखते हैं, वैसे तो जीरो से लेकर 20 तक का तापमान ठंड ही है पर कई प्राजातियों के लिए यह जीने योग्य बहुत ही सुगम तापमान है।

यह तो आप जानते ही हैं कि धरती के केंद्र जिसे कोर कहते हैं उसमें भीषण गर्मी होती है जिसका तापमान 6 हजार डिग्री सेल्सियस तक होता है। सूर्य के वातावरण का तापमान 10 लाख डिग्री सेल्सियस होता है तो उसकी सतह का तापमान 6 हजार डिग्री सेल्सियस है।

जब एक तारा मरता है तो वह अपने साथ सूपरनोवा व्लास्ट करता है जिसमें निकलने वाली उर्जी की कोई सीमा नहीं है, तारों में बहुत उर्जा होती है। वे जब भी खत्म होते हैं तो एक भयानक धमाके के साथ अपनी उर्जा को ब्रह्मांड में छोड़ देते हैं जिसका तापमान 100 अरब डिर्गी सेल्सियस तक पहुँच जाता है।

इस अनंत ब्रह्मांड में रहस्यों की कोई सीमा नहीं है इसलिए हर एक रहस्य को सुलझाने के लिए भौतिकवादी अपनी – अपनी परिभाषा  देते रहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की ब्रह्मांड के सबसे ज्यादा रिकार्ड किये गये तापमान को हमारी अपनी पृथ्वी पर नापा गया है।

अब सवाल करते हैं कि आखिर 142 खरब खरब करोड़ डिर्गी सेल्सियस में इस ब्रह्मांड और हमारा क्या होगा, इस विशाल संख्या में 30 जीरो हैं, इस रोचक और रहस्यमयी भौतिक विज्ञान के लिए आपको यह वीडियो जरुर देखना चाहिए..

यह भी जानें – ये हैं हमारे ब्रह्मांड के सबसे बड़े अजूबे, ये वैज्ञानिकों को भी परेशान करते हैं

Tags

Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

Related Articles

Close