भारत सरकार देश के सभी मोबाइल नंबर को जोड़ेगी आधार कार्ड से

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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार को साफ कर दिया है कि मोबाइल सब्सक्रिप्शन का डिटेल रिकॉर्ड रखा जाए। मोबाइल नंबरों के सब्सक्राइबर की यह जानकारी e-KYC से आधार कार्ड से जोड़ी जाएगी। सरकार ने इस काम को 1 साल में अंजाम देने की योजना बनाई है।

रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से एक प्रक्रिया अपनाकर देश में सभी सिम कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने को कहा है। इतना ही नहीं यह भी बताया जा रहा है कि हर बार जब भी कोई ग्राहक रिचार्ज करेगा। तब उसे अपना पहचान पत्र भी दिखाना पड़ेगा। अटोर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बताया कि “एक प्रभावकारी तंत्र विकसित किया जाएगा जिससे यह काम 1 साल में पूरा हो जाएगा।”

दिल्ली के एनजीओ लोकनीति फाउंडेशन ने एक पेटीशन दायर की थी। जिसमें वर्तमान में संचालित मोबाइल सब्सक्राइबर में से नकली मोबाइल नंबर की पहचान कर उन्हें खत्म करने के लिए कहा था।

पेटीशन में यह भी बताया गया था कि नया सिम कार्ड लेने वाले उपभोक्ता को एक मान्य आधार कार्ड भी दिखाना होगा। जिससे की नकली सिम कार्ड की पहचान की जा सके।

एक ओर इसे लागू करने के पीछे कहीं अच्छे कारण हैं तो वहीं दूसरी ओर इसके नुकसान और समस्याएं भी है। सबसे पहले तो इसे लागू करने का कोई प्लान या योजना नहीं है। यह बात बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इतने बड़े काम जिसमें एक अरब से ज्यादा मोबाइल सब्सक्रिप्शन हो।

इसलिए अगर अभी भी आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो नामांकन के लिए तैयार हो जाइए। टेलीकॉम कंपनियों को इस योजना को लागू करने में पसीने आ सकते हैं। यह भी माना जा रहा है कि इसके चलते कई कंपनियां अपने ग्राहक भी खो सकती है। इसके साथ ही इसे लागू करने में उन्हें काफी पैसा भी लगाना पड़ सकता है।

स्रोत-phoneradar.com

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