Religious

भारत का विचित्र मंदिर जहां पूजा जाता है नाग-नागिन के जोड़े को

हमारा देश विचित्र मंदिरो का देश है, आपको यंहा के हर कोने में कोई ना कोई मंदिर मिल ही जायेगा। आज हम आपको एक ऐसे ही विचित्र मंदिर के बारे में बतायेंगे, इस मंदिर में कई वर्षों से नाग-नागिन के जोड़े की पूजा हो रही है।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में नाग-नागिन के एक प्रेमी जोड़े का एक ऐसा अनोखा मंदिर है जिसके आगे फिल्मी कहानियां भी फीकीं हैं. हैरत की बात यह है कि यहां रोड एक्सीडेंट में मृत नाग-नागिन के प्रेमी जोड़े की हिन्दू ही नहीं, मुस्लिम भी इबादत करते हैं.

बताया जाता है कि साल 2015 में ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर में गेट नंबर एक के पास नाग-नागिन रोड पार कर रहे थे. इसी बीच अचानक से नाग ट्रक के नीचे आ गया, जिसमें उसकी मौत हो गई.

नाग की मौत के वियोग में नागिन रोड से टस से मस नहीं हुई. जिससे आगरा मुंबई राजमार्ग पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया. जिसके बाद सांप पकड़ने वालों की मदद से नागिन को वहां से हटाया गया, लेकिन मामला यहीं ख़त्म नहीं हुआ. दूसरे दिन नागिन ने भी नाग के मरने की जगह पर आकर दम तोड़ दिया था.

नाग की मौत के वियोग में दम तोड़ने वाली नागिन और नाग को नागरिकों ने पूरे विधिविधान के साथ अंतिम -संस्कार किया. नागरिकों ने नाग-नागिन की मौत के इस हादसे को जन्म-जन्मांतर के अमर प्रेम की मिसाल मानते हुए दोनों का अंतिम संस्कार किया गया. न केवल अंतिम संस्कार, नाग-नागिन का प्रेम देखकर लोगों ने प्रेम मंदिर बनाने का सोचा और नाग-नागिन की एक मूर्ति के साथ पास में ही एक मंदिर की स्थापना कर दी.

नाग-नागिन के अंतिम संस्कार के बाद वहां के स्थानीय नागरिक उनके नश्वर शरीर को गंगा नदी में विसर्जित करने के लिए ले गए. उसके बाद वहां से श्रद्धालुओं ने सती नागिन का मंदिर बनवाया. जहां रोज़ाना उनकी पूजा की जाती है. नागपंचमी के दिन यहां बड़ी धूम-धाम से मेले का आयोजन किया जाता है.

ख़ास बात यह है कि यहां हिंदू-मुस्लिम सहित विभिन्न धर्माबलंबी पूजा करने आते हैं. ट्रासंपोर्ट नगर के पास में मौजूद मुस्लिम बस्ती शंकरपुर में रहने वाले शानू खान कहते हैं कि घटना के बाद हमारा भी नाग-नागिन देवताओं में विश्वास बढ़ गया, अब हम लोग बड़ी अकीदत के साथ उनकी इबादत करने आते है।

Tags

Team Vigyanam

Vigyanam Team - विज्ञानम् टीम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Close