क्या यही प्यार है ? – कविता

प्यार क्या है, कुछ लोग कहते हैं कि एक ऐसा एहसास है जिसे शब्दों में बंया नहीं किया जा सकता है। प्रेम एक ऐसा धागा है जो ऐसे बंधन में जोड़ता है जिसे तोड़ना बहुत मुश्किल होता है। जिंदगी में प्रेम है तो आपको इस दुनिया में कोई नहीं हरा सकता है…

क्या यही प्यार है ?

शाम का वो लम्हा जब उसके आने का इंतज़ार रहता है,
मैसेज जब भी वो करती है,
दिल जोर से धड़कने लगता है।

बातें चाहे कुछ भी न हो,
बकवास ही होती है,
उसकी उन बकवास में ही,
दिल की बातें छुपी होती हैं।

पूछना चाहूँ जब भी उसका हाल-ए-दिल,
मुस्कुरा कर नजरें नीची कर लेती है,
समझ ही नही आती उसकी ये अदा,
शर्माती है या हँस कर बात टाल देती है ।

मैं जो रूठ जाऊं अगर,
तो झट से मना लेती है,
खुद से दूर जाने का एहसास,
बिल्कुल नही होने देती है ।

खुद कभी नही रूठती मुझसे,
जानती है मुझे मनाना नही आता,
हमेशा एक ही तो बात कहती है मुझसे,
तुम्हारे सिवा कोई और नही भाता ।


मैं बात करूं या न करूं,
उसका मैसेज रोज़ है आता,
हालात हों कैसे भी परवाह नहीं उसे,
मुझसे मेरा हाल पूछे बिना उसका एक भी दिन नही जाता।

ये प्यार है उसका या उसकी मासूमियत,
की एक पल भी मेरे बिना न रह पाए,
और अगर यही प्यार है तो कोई किसी से जुदा न हो पाए ।

कवि – अभिनय प्रसाद

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