Poems

कलियुग में भगवान – कविता

Kaliyug Mein Bhagwan - Hindi Poem

Kaliyug Mein Bhagwan – Hindi Poem – कलियुग में लोग बहुत कम ही भगवान की भक्ति और पूजा करते हैं, विज्ञान की प्रगति और पश्चिमी सोच ने लोगों को आत्मिक अध्ययन औऱ परमात्मा से अलग सा कर दिया है। पर आज भी बहुत से लोग है जो तन – मन धन से भगवान की सेवा करते हैं और उनके द्वारा दिखाये गये मार्ग पर जीवन को निर्वाह करते हैं। आइये जानते हैं आज के युग में भगवान को एक कविता के माध्यम से –

भक्ति करके नित प्रतिदिन,दर्शन का भी हुआ अरमान ।
इच्छा उस दिन पूर्ण हुई,जब मंदिर में देखे भगवान।।
पानी जम रहा था झील का,इतनी कड़ाके की सर्दी में।
वही हिंद फौज के हिमवीर,घूम रहे थे सिर्फ वर्दी में ।।

पहरा दे रहे थे मंदिर में,बिना कुछ वो पिए खाए।
चिंता सिर्फ इसी बात की थी,सुरक्षित सब दर्शनको आए।।
करते वो सेवा देश की,चाहे हो बाढ़, सुनामी या सूखा।
अपनी रोटी तक उनको देदे,जो भी दिखे उन्हें भूखा।।

केवल देश के रखवाले नही,हैं ये लोग बड़े अजूबे।
पूरा न होने देते एकभी,आतंकियों के नापाक मंसूबे।।
पर देश की सुरक्षा हैं क्या,केवल फ़ौजियों की जिम्मेदारी।
आइये सब मिलझुल करे,देशहित में कुछ तैयारी।।

– सपने में श्रीराम – कविता

देशविरोधी ग़द्दारों के ख़िलाफ़ शक्ति ऐसी तैयार करे ।
वो जो देश अहित सोचे,सब मिलकर उनपे प्रहार करे।।
कितने बदले महीने और,कितने ही बदले साल ।
सीमा पर बन पहरेदार खड़े हैं, माँ भारती के लाल।।

लेते है प्रण हम भी,अगर फ़ौजी हैं देश की शान ।
हम सब भी बनेंगे देश के,हाथ आँख मुख और कान।।
हिंदु मुस्लिम सिख ईसाई, मिलझुल ख़त्म करे ये द्वेष।
जात, धर्म,समुदाय व प्रथा से, सदैव ऊपर आए ये देश।।

कवि – दीपक पटेल

विज्ञानम् कविताओं को साझा करने का भी माध्यम है, कविताएं कवि के वह शब्द होते हैं जो उसके दिल से निकलते हैं, इन शब्दों में वह जादू होता है जो किसी की भी मन की स्थिति को एक क्षण में बदल देता है। यदि आप विज्ञानम् के लिए कविताएं लिखना चाहते हैं तो यहां संपर्क करें…..

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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