Environment

आखिर, कहां से आया पृथ्वी पर पानी? जानिए इस नये अध्ययन से

हमारी पृथ्वी एक विशाल ग्रह है जिसमें 71 फीसदी पानी है तो 29 फीसदी ज़मीन है। इस 71 फीसदी भाग में महासागर, सागर और नदियों के विशाल समुह शामिल हैं।

ये तो हम जानते हैं कि पृथ्वी नीला ग्रह उसके पानी के कारण कहा जाता है, पर ये अनमोल पानी इस ग्रह पर आया कहां से है तो इसके जवाब में एक नया अध्ययन आपके सामने हम रख रहे हैं।

यह बात मैसाचुसेट्‍स इंस्टीट्‍यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के एक शोध में बताई गई है।
एमआईटी के शोध में यह भी बताया गया कि ‘उल्कापिंडों में पृथ्वी के मौजूदा जल भंडार का 20 प्रतिशत हिस्सा था।’

सौरमंडल की उत्पत्ति के बाद पहले 20 लाख वर्षों में पृथ्वी पर पानी उल्कापिंड लेकर आए हों क्योंकि पानी और कार्बन जैसे तत्व पृथ्वी पर जीवन के लिए जरूरी अवयय हैं।

शोधकर्ता यह जानना चाहते हैं कि वे हमारी पृथ्वी पर कब आए। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के शोध छात्र एडम सैराफियान ने कहा,‘हम जितने संभव हों उतने उल्कापिंडों के मूल स्वरूप की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता कर सकें कि वे शुरूआती सौरमंडल में कहां थे और उनके पास कितना पानी था।’

Basaltic meteorites. Image Credit – NASA

शोध दल को पता चला कि मूल उल्कापिंडों में संभवत: पृथ्वी के मौजूदा जल भंडार का 20 प्रतिशत हिस्सा था। सैराफियान ने कहा,‘यह मानना आसान है कि पृथ्वी के पूरी तरह से जन्म लेने से पहले से ही पानी बहुत शुरुआत में ही जमा होना शुरू हो गया होगा।’

उन्होंने कहा,‘इसका मतलब है कि जब पृथ्वी इतनी ठंडी हो गई कि वहां सतह पर पानी स्थिर रह सके, तब वहां पहले से ही पानी था।’

Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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