21 की उम्र में ही कर डालीं 500 कंपनियां हैक

पाकिस्तान के मुल्तान के रहने वाले शाहमीर आमिर किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं खासकर उन लोगों के लिए जो इस दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं | महज 21 साल की उम्र में  ही इन्होनें  एथिकल हैकिंग की दुनिया में अपना नाम कमा लिया | इनकी गिनती अब दुनिया के  सबसे खतरनाक हेकर्स की सूची में होती है |

दरअसल ये बड़ी बड़ी कम्पनियों के सिस्टम में गलतियां निकालकर उनके बारे में जानकारी इकठ्ठा करते हैं और कम्पनियों को बाद में बताकर उनके सिस्टम की सुरक्षा के हिसाब से उनसे बड़ी धनराशि पुरस्कार के रूप में लेते हैं | इनकी कहानी उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो इस हैकिंग की दुनिया में आना चाहते हैं |

ये मुल्तान में पढ़े लिखे और बचपन वहीं बिताया | इन्होनें रेंजर्स पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की और सरकारी कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई ख़त्म की | इन्हें 17 यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेने से मना कर दिया गया था | जिसके बाद इन्होनें उस्मान इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की |

बचपन में इनके पास पेंटियम 3 कंप्यूटर हुआ करता था जिसमें  बहुत सी कमियाँ थी | ये गूगल पर सीखते थे कि कंप्यूटर को किस तरह से ठीक किया जाता है जिसने इनके  कंप्यूटर के  ज्ञान को काफी हद तक बढ़ा दिया | इन्होनें अपनी यूनिवेर्सिटी से साइबर सिक्यूरिटी के  एक सेमीनार  में हिस्सा लिया और तभी इन्होनें ठान लिया कि इन्हें अब हैकिंग में ही अपना ध्यान लगाना है | इन्होनें आगे चलकर पता लगाया कि कई सारी वेबसाइट्स में कमियाँ हैं और इन्होनें  इन सबके बारे में उन कम्पनीयों को बताया |

आगे चलकर इन्होनें अपनी खुद की एक साइबर सिक्यूरिटी कंपनी खोली  जिसका नाम था  VELILIUX जो  सुरक्षा से सम्बंधित काम करती है |अभी ये लाहौर में एक नए स्टार्टअप CYPHLON पर काम कर रहे हैं | हाल ही में इन्होनें बड़े बड़े समारोह में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया है साइबर सिक्यूरिटी के कार्यक्रमों  के लिए |

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