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Gamma Ray Burst – गामा किरणों का विस्फोट जिससे एक पल में खत्म हो सकती है पृथ्वी!

Gamma Ray Burst In Hindi – हमारे ब्रह्माण्ड में लाखों तारें और पिंड है जो हर पल इधर उधर घूमते रहते हैं, पर ये एक नियम से बंधे हुए है। हर तारा आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा करता है। ग्रेविटी के कारण ही इस ब्रह्माण्ड में हर वस्तु टिकी हुई है। पर  आज के इस लेख में हम ब्रह्माण्ड के सबसे शक्तिशाली विस्फोट के बारे में बात करेंगे, जो कि तारों के द्वारा बनते हैं।

सबसे शक्तिशाली धमाके

ये इस बह्मांड में होने वाले सबसे शक्तिशाली धमाके हैं, वास्तव में ये कोई धमाके नहीं है बल्कि वह अपार ऊर्जा यानि की Infinite Energy है जो किन्हीं दो बाईनरी तारों(Binary Stars)  जो कि एक ही केंद्र की परिक्रमा करते हों उनमें से निकलती है। गामा रे, एक्सरे, और इंप्रारेड रे यह सभी Electromagnetic Waves तरंगे होती हैं दो की लाइट की स्पीड से चलती हैं।

परमाणु के आकार से भी छोटी

– परमाणु- Atom से भी कई खरब गुना छोटी है ये चीज़, वैज्ञानिक भी हैं हैरान

गामा किरणों सबसे शक्तिशाली तरंगे (waves) होती हैं जो कि किसी लोहे के मोटे से मोटे कोलम से भी पार हो जाती हैं। उदाहरण के लिए जिस तरह एक्स रे वेव का इस्तेमाल हम शरीर में स्किन को पार करके हड्डियों को देखने के लिए इस्तेमाल करते हैं तो गामा किरणें 26 इंच के लोहे की मोटी चादर को भी पार कर सकती हैं। गांमा  वेव्स की वेव लेंथ यानि की लंबाई सबसे कम होती है, एक परमाणु के आकार से भी छोटी। गामा किरणें Electromagnetic Spectrum में सबसे उपर आती हैं, ये इतनी घातक हैं कि परमाणु को भी अपनी ताकत से खत्म कर सकती हैं। सोचिए, क्या होगा कि अगर पूरी पृथ्वी इन किरणों के भयानक तूफान में फसं जाये।

एक पल में सब खत्म – Gamma Ray Burst Hindi

गामा रे वर्स्ट यानि की गामा किरणों का विस्फोट इस ब्रह्मांण में होने वाले सबसे ताकतवर विस्फोटो में गिना जाता है। इस विस्फोट में इतनी उर्जा निकलती है जितनी उर्जा हमारा सूर्य अपने पूरे जीवनकाल में भी नहीं पैदा कर सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक Gamma Ray Burst सिर्फ कुछ मिलीसेकेंड्स से लेकर के कुछ मिनट तक का ही होता है पर जो भी चीज़ इसकी चपेट में आती है वह इसके रेडियेशन से हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। वैसे तो ब्रह्माण्ड में हर पल इस तरह के उर्जा के भयानक विस्फोट होते ही रहते हैं पर अगर कोई भी विस्फोट पृथ्वी की ओर हुआ तो फिर ना तो सौर मंडल का सुरक्षा तंत्र कुछ कर पायेगा और ना ही पृथ्वी अपने चुंबकीय क्षेत्र से इसका सामना कर सकेगी। ये सीधा हमारे वायुमंडल को एक पल में ही खत्म करके हम इंसानो और दूसरे सभी जीवन को राख में बदल सकता है।

खतरनाक रेडियेशन

इसके रेडियेशन इतने खतरनाक हैं कि ये किसी भी जीव का डीएनए तक भी बदल सकते हैं। वैसे तो ऐसा कोई भी बाईनरी स्टार सिस्टम या सूपरनोवा हमारे नजदीक नहीं है जो गामा किरणों के विस्फोट को पैदा करदे पर हम ये नहीं कह सकते हैं कि भविष्य में क्या होने वाला है, क्या पता हमारे आधूनिक टेलिस्कोप इससे भी भयानक चीज़ की खोज करदें…

तो दोस्तों, जैसा हम सोचते हैं स्पेस जितना शानदार और सुरक्षित है ये उतना ही घातक और विनाशकारी भी है, हम ये नहीं जानते हैं कि इनमें से कोई भी घटना हमारी सभ्यता के समय होगी पर ये होगीं जरूर, क्योंकि ब्रह्मांड बिना किसी इमोशन और भावना के बजाये नियम पर ही काम करता है और नियम के मुताबिक जन्म और मरण निश्चित है।

 – पृथ्वी के लिए बहुत घातक हो सकते हैं उल्कापिंड, वैज्ञानिकों के लिए आज भी रहस्य हैं..

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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3 Comments

  1. Sir, ye article padh ke lga maine hulk film me jo bhi dekha hai wo sach ho jayega. gamma ray itni harmful hai to uspar itne test kyu hote hai ??

  2. गौरव जी, हल्क फिल्म में जो दिखाया गया है वो इस आधार पर है कि गामा किरणों ने उसके डीएनए में बदलाव कर दिया है इसलिए वह हल्क बन जाता है। पर वास्तव में गामा किरणें इतनी घातक हैं कि मनुष्य के संपर्क में आते ही वे उसे तुरंत खत्म कर देंगी। इनमें बहुत उर्जा होती है।।

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