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धुप में ज्यादा निकलने से होने वाले नुकसान

Dhup Me Niklane Se Hone Vale Nuksaan

सर्दी हो या गर्मी धुप हर समय रहती है. वो बात अलग है की गर्मियों में धुप ज्यादा रहती है और सर्दियों में कम. वैसे तो धुप बहुत फायदेमंद भी है. धुप से विटामीन D मिलता है जो हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरुरी है और इसके अलावा भी इसके कई फायदे है.

लेकिन अभी हाल में हुयी रिसर्च में पता चला है की अगर हम ज्यादा देर तक धुप में बैठते है और उसके बाद छाया में आते है तो सूरज की रौशनी हमारी त्वचा और शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है. इस वजह से कैंसर (Cancer) का खतरा भी बढ़ सकता है जैसे ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) हो सकता है.

यह शोध अमेरिका की येल युनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया. इनके अनुसार धुप से मिलने वाला पिगमेंट मेलेनिन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. रिसर्च के अनुसार इसे बेहतर सनस्क्रीन भी तैयार किया जा सकता है जो त्वचा को नुकसान से बचा सकता है. आईये जानते है धुप में निकलने से होने वाले नुकसान के बारे में.

धुप में ज्यादा निकलने से होने वाले नुकसान Dhup Me Niklane Se Hone Vale Nuksaan

  1. त्वचा का रंग बदलना

जब सूर्य की पराबैंगनी किरणें त्वचा की कोशिकाओं पर पड़ती है तो इसकी वजह से DNA में बदलाव होता है. इसके कारण त्वचा के रंग में बदलाव आने लगता है. तभी तो हम अक्सर कहते है ना की धुप में निकलने की वजह से काला हो गया है.

  1. झुर्रियां और पिगमेंटेशन की समस्या होना

सर्दी हो या गर्मी जरूरत से ज्यादा धुप हर समय नुकसानदायक है. सर्दियों में धुप गर्मियों के मुकाबले कम दिखती है लेकिन नुकसानदायक युवी रेडिएशन तरंगो की लम्बाई बहुत अधिक होती है. ऐसे में जब बादल छाए हुए रहते है तो धुप हमें नजर नहीं आती लेकिन युवी रेडिएशन हम तक पहुँच जाता है.

यह हमारी त्वचा पर बुरा असर डालता है. इससे समय से पहले ही झुर्रियां और पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है. आपकी त्वचा के ग्लो पर असर पड़ सकता है और त्वचा की रंगत भी बिगड़ सकती है. ऐसे में ज्यादा धुप आपके लिए काम की नहीं है.

  1. आँखों पर बुरा असर

ज्यादा देर तक धुप में रहने से धुप से निकलने वाली युवी रेडिएशन किरणें आपकी आँखों को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे आपकी आँखों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है. इससे आँखों का लाल होना, आँखों में खुजली, जलन, पानी आना, आँखों में चुभन होना आदि समस्याएं होने लगती है. ज्यादा धुप के सम्पर्क में रहने से आँखों के उपर बनी टीयर सेल यानी आंसुओं की परत टूटने लगती है और यह कार्निया के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. ज्यादा धुप की वजह से मोतियाबिंध भी हो सकता है.

  1. स्किन कैंसर का खतरा

अधिक देर तक धुप में रहने से इसका सबसे ज्यादा असर स्किन पर पड़ता है ऐसे में स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

  1. समय से पहले बुढापा

ज्यादा देर तक धुप में रहने से त्वचा की उपरी परत को नहीं बल्कि त्वचा के जीवित उतकों को भी नुकसान पहुँचता है. इससे समय से पहले बुढापे के लक्षण प्रकट होने लगते है.

  1. त्वचा की नमी को खत्म करना

ज्यादा देर तक धुप में रहने की वजह से त्वचा की नमी खत्म होने लगती है. इसकी वजह से त्वचा रुखी और खुरदरी होने लगती है. ऐसे में चेहरे पर झाइयां और दाग हो जाते है. इससे त्वचा भी लाल दिखाई देने लगती है.

त्वचा पर धुप से बचाव के उपाय

नियमित रूप से सनस्क्रीन लगायें

जरुरी नहीं की सिर्फ गर्मियों में ही सनस्क्रीन लगाना है बल्कि सर्दियों में भी आपको इसका यूज़ क्जरना चाहिए. घर से बाहर निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगायें. सनस्क्रीन सिर्फ चेहरे पर ही नहीं बल्कि धुप के सम्पर्क में आने वाले हर बॉडी पार्ट पर लगाना चाहिए जैसे हाथ, गला, पैर आदि.

आँखों परे सनग्लास लगायें

धुप का असर आँखों पर भी ज्यादा पड़ता है. ऐसे में धुप में निकलने से पहले चेहरे पर सनग्लास लगायें. इससे आँखों में कचरा भी नहीं आएगा और धुप से निकलने वाली हानिकारक किरणों से भी बचाव होगा.

आँखों को ठंडे पानी से धोएं

धुप से वापिस आने के बाद शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ जाता है. इसलिए पहले थोड़ा आराम करें और शरीर को सामान्य तापमान में आने दे. इसके बाद ठंडे पानी से चेहरे और आँखों को अच्छी तरह धो लें. अगर आँखों में ज्यादा जलन है तो आँखों पर बर्फ से सेंक करें.

बाहर जाने से पहले ध्यान रखें यह बातें

घर से बाहर निकते समय पूरी बाहों का कमीज, कुर्ता या टॉप पहने. हो सके तो साथ में छतरी ले जाएँ. चेहरे को साफ़ कपड़े, रुमाल, स्टाल से ढकें. सिर, गले और हाथों को अच्छी तरह से ढक दे. गर्मियों में सूती कपड़े पहने. सिर पर हेलमेट का प्रयोग करें.

आँखों को मेल नहीं

जब हम घर से बाहर होते है तो धुप और प्रदूषण के सम्पर्क में आते है और एसेमे सबसे बड़ी गलती करते है आँखों को मलना. जब भी आँखों में धुप, कोई कण चला जाए या जलन होने लगे तो हम आँखों को मलने लगते है. आँखों को कभी भी हाथ से मेल नहीं वरना इसके बहुत से नुकसान हो सकते है. इसके बजाय आँखों में कोई समस्या हो तो साफ़ कपड़े से या हल्के हाथ से सहलाएं.

आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से समझ गए होंगे की धुप में निकलने से क्या-क्या नुकसान होते है और उससे कैसे बच सकते है. उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी. अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे.

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Shivam Sharma

शिवम शर्मा विज्ञानम् के मुख्य लेखक हैं, इन्हें विज्ञान और शास्त्रो में बहुत रुचि है। इनका मुख्य योगदान अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिक विज्ञान में है। साथ में यह तकनीक और गैजेट्स पर भी काम करते हैं।

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