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जानें अंतरिक्ष से क्यों अलग नज़र आती है भारत की हवा

जैसा की हम सभी जानते हैं की दुनिया का हर देश आज प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है और इसमें विज्ञान तथा प्रद्योगिकी की बहुत बड़ी भूमिका है | चाहे फिर वो बात अंतरिक्ष की हो या फिर स्वास्थ से जुडी , विज्ञान सभी जगह मौजूद है और आज के समय में बिना विज्ञान के  इस पृथ्वी का अनुभव सरल नही रहेगा |

ऐसी ही एक अध्यन सामने आया जिसके अनुसार अंतरिक्ष से हमारे देश की हवा अन्य देशो से कुछ अलग नज़र आती है , आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं :-

इसकी सबसे बड़ी वजह जो मानी जा रही है वो यह है की यहाँ की हवा में फ़ॉर्मलडिहाइड नामक गैस की मात्र अधिक है ,यूरोप के नए उपग्रह सेंटनल-5पी ने भारत के ऊपर मौजूद वायुमंडल में इस गैस की बढ़ी हुई मात्रा का पतालगाया है| सेंटनल-5पी उपग्रह को पिछले साल अक्तूबर में दुनिया भर में हवा की गुणवत्ता पर नज़र रखने केलिए लॉन्च किया गया था |

फ़ॉर्मलडिहाइड ऐसी रंगहीन गैस, जो वैसे तो प्राकृतिक तौरपर पेड़-पौधों और अन्य वनस्पतियों के ज़रिए छोड़ी जाती है लेकिन इसके साथ-साथ प्रदूषण फ़ैलाने वाली गतिविधियों के कारण भी यह गैस पैदा होती है |

वायमुंडल में नाइट्रोजन और ऑक्सिजन जैसे अहम घटकों की तुलना में फ़ॉर्मलडिहाइड (CH₂O ) का सिग्नलबहुत कमज़ोर होता है | हवा के एक अरब अणुओं में CH₂O के कुछ ही अणु होंगे | मगर रॉयल बेल्जियन इंस्टिट्यूट फ़ॉर स्पेस एरोनमी(BIRA-IASB) से जुड़ीं इज़ाबेल डि स्मेट कहती हैं कि फिर भी इससे प्रदूषण से जुड़े संकेत मिल सकते हैं |

उन्होंने बीबीसी को बताया, फ़ॉर्मलडिहाइड में कई तरह के अस्थिर जैविक यौगिक होते हैं. वनस्पति उनका प्राकृतिक स्रोत है मगर आग या प्रदूषण के कारण भी उनकी मात्रा बढ़ सकती है |

क्या हो सकता है ख़तरा :-

अस्थिर जैविक यौगिक जब जीवाश्म ईंधनों के जलने से पैदा होने वाली नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सूरज की रोशनी के संपर्क में आते हैं तो प्रतिक्रिया होती है और इससे ग्राउंड लेवल ओज़ोन बनती है |

ग्राउंड लेवल ओज़ोन सांस लेने में गंभीर दिक्कत पैदा करती है और इससे कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं |

निश्चित तौर पर हमारा देश आज प्रदुषण की समस्या से जूझ रहा है , और ज़रूरत है की सरकार के साथ साथ नागरिक भी अपना फर्ज् निभाएं और आने वाली पीढ़ी के लिए देश को एक अच्छी जगह बनाने में सहयोग करें |

 

 

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Balram Kumar Ray

बलराम कुमार राय विज्ञानम् के गैजेट्स केटेगरी के लेखक हैं. इन्हें टेक्नोलॉजी , गैजेट्स, और Apps पर लिखने में बहुत रूचि है।

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