Poems

सपने में श्रीराम – कविता

भगवान राम हिंदुअों के आदर्श हैं, वे भगवान विष्णु के अवतार हैं जिन्होंने धरती पर धर्म और मर्यादा का जो उदाहरण सभी को दिखाया है वही सबसे उत्तम है। उनके इस संसार में बहुत भक्त हैं. जैसे भी आप भगवान राम को याद करेंगे वे ठीक आपके सामने होंगे। इस कविता में भक्त भगवान राम को सपने में याद करता है जिसका वर्णन में आगे उसके ही शब्दों से कर रहा हूँ –

कल रात प्रभु श्रीराम जी,मेरे सपने में आए ।
कहा -हूँ कितना व्याकुल ,दूँ मैं तुझे बताए ।।
देशहित के कारण जिनके,शरीर में हमने प्राण भरे ।
वही पूछते,हो राम प्रभु तुम,अदालत में प्रमाण करे।।

मेरे आशिर्वाद के चलते,जिन्हें सत्ता के वरदान मिले ।
बंद करके बेसुध ,सो गए वो लोग आलिशान किले ।।
होकर क्रोधित जब , बन जाऊँगा मैं शम्भू ।
मंदिर खुद बन खड़ा होगा, जहाँ अभीतक हैं तम्बू ।।

जो पूर्वज मानते थे वो ,बैठे हो अब क्यों मौन ।
सत्ता पाकर पूछ रहे, प्रभु श्रीराम आप हैं कौन।।
यह कहकर प्रभुश्रीराम के,नैनो में नमी आई ।
पूछ उठा मै भी,बताएँ प्रभु अब कहाँ कमी आई ।।

कहा-त्रेता युग से कल युग तक , एक बात में सिख पाया।
दूसरों के भाग्य लिखते लिखते,मैं अपना भाग्य न लिख पाया।।
बनेगा तब मंदिर , जब नियम कानून सब सख्त होंगे ।
नेता सारे ख़त्म हो जाएंगे, जब सारे यहाँ पर भक्त होंगे।।

-दीपक पटेल (एक रामभक्त )

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