बायोमीट्रिक अपनाने में भारत अव्वल

एचएसबीसी ने अपनी हालिया ‘ट्रस्ट इन टेक्नोलॉजी’ रिपोर्ट में कहा, ‘‘औसत आधार पर अपनी पहचान के लिए ‘आंखों की पुतली’ का इस्तेमाल किसी अन्य देश की तुलना में भारतीय तिगुना करते हैं। भारत में यह आंकड़ा नौ प्रतिशत है जबकि अन्य देशों में तीन प्रतिशत।’’

 

रिपोर्ट के अनुसार जब नयी तकनीक को अपनाने की बारी आती है तो पश्चिम की तुलना में एशिया और पश्चिमी एशिया के देश काफी आगे हैं क्योंकि इसे लेकर उनकी समझ बेहतर है और वह इस पर विश्वास को लेकर ज्यादा सकारात्मक हैं।

 

इसमें कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, भारत, मेक्सिको, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं उसमें कहा गया है कि इसका उपयोग ना सिर्फ ग्राहकों के रूझान से बड़ा है बल्कि सरकारें भी इसका बड़े पैमाने पर प्रसार कर रही हैं।

 

बायोमीट्रिक तकनीक में पहचान के लिए व्यक्ति के शरीर के अंगों के डाटा का उपयोग किया जाता है।

 

स्रोत-PTI

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