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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में BSNL ने शुरू की मौन इंटरनेट क्रांति

देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मौन इंटरनेट क्रांति का संकेत देते हुए सरकार की कंपनी बीएसएनल ने रविवार को बताया कि उस इलाके में रोजाना इंटरनेट का उपयोग 400 गीगाबाइट्स को पार कर गया है। भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल ने उपलब्धि को नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्र में मजबूत मोबाइल संचार नेटवर्क बनाने की केंद्र सरकार की रणनीति का नतीजा बताया।

 

बीएसएनएल के मुताबिक प्रचुर डाटा की उपलब्धता का उपयोग कर नक्सल प्रभावित कई राज्यों के विभिन्न जिलों के लोग आसानी से मुख्य धारा में जुड़ रहे हैं और वे सरकारी व वित्तीय सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

 

बीएनएल के चेयरमैन राजीव मेहरोत्रा ने एक बयान में कहा, “आदिवासी इलाकों में जहां अब तक वॉइस कनेक्टिविटी भी उपलब्ध नहीं थी वहां अब बैंकिंग और अन्य एप्लीकेशंस के लिए डाटा को उपयोग हो रहा है।”कंपनी की ओर जारी बयान के मुताबिक बीएसएनएल पर इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने का दायित्व सौंपा गया था।

 

गौरतलब है कि देश की एक बड़ी पट्टी नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्र में आती है, जो ठीक से सड़क मार्ग से भी नहीं जुड़ी हुई है।टेलीकॉम ऑपरेटर के मुताबिक सरकार की ओर से 2015 में फैसला लिए जाने के महज 18 महीने की कम अवधि में उपकरण निर्माता वीएनएल के साथ मिलकर नेटवर्क तैयार किया गया है।

 

स्रोत-IANS

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Balram Kumar Ray

बलराम कुमार राय विज्ञानम् के गैजेट्स केटेगरी के लेखक हैं. इन्हें टेक्नोलॉजी , गैजेट्स, और Apps पर लिखने में बहुत रूचि है।

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