Poems

जिंदगी- एक सफ़र – कविता

हर व्यक्ति अपने जीवन मे सफलता पाना चाहता है। पैदा होते ही उसका संघर्ष शुरू हो जाता है। परंतु क्या सफलता पाना इतना ही आसान है? सफलता पाने के लिए किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ये तो हम रास्ते पर चलकर ही पता कर सकते है।

चलना था सफर में अकेले. .
चलना नही आता था,
उठाया था पहला कदम. .
नीचे गिर पड़ा था,

गिर कर रो रहा था मैं. .
सोचा पापा गोद मे ले लेंगे,
तब पापा ने था बतलाया. .
यही छोटे संघर्ष जीवन बदलेंगे

राह तुम्हारी मंजिल तुम्हारी. .
तू ही स्वयं का कर्ता है,
कांटे मिलेंगे दुखों का अंबार मिलेगा. .
याद करना ऊपर वाले को वही सबके दुःखहर्ता है,

पैसा, गाड़ी, बंगला. .
ये सब तो मोह माया है,
इसको पाने के लालच में. .
इंसान ने खुद को गिराया है,

रखना विश्वास सदा. .
दृढ़ तुम अपना,
कोई मुश्किल न तोड़े. .
तुम्हारा सपना ,

दिखलाना दुनिया को. .
सफलता तुम्हारी,
क्योंकि. . .
किसी को आगे न बढ़ने देना,
है उनकी बीमारी ।।

कवि – अभिनय प्रसाद

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