“आशाओं का नयापन“ कविता – (नव वर्ष स्पेशल)

       सर्वप्रथम हमारे सभी पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं I 

 

 

 

आई नयी सुबह , एक नया समय ,

गीत सुगंधों की लेकर ,

चमकती ये लहरें , नया सा ये सावन ,

प्रीत उमीदों की लेकर I

 

 

वक़्त ही है वो दर्पण ,

जिसमे दिखता है सब कुछ ,

चाहें हो सिर्फ खुशियाँ, या केवल ही गम हो ,

वक़त ही है जो, बदल सकता है सब कुछ I

 

 

वक़्त हो चाहें कितना भी भारी  सा तुम पर ,

छोड़ना न कभी अरमां वो जन्नतों का ,

गुज़रना है उसको तुम्हारे ही खातिर ,

है उसको ही लाना , आसमा बरकतों का I

 

 

गुज़रता ये आलम हंसी और ख़ुशी का ,

झलकता ये बादल गमों  की नमी का ,

है यही ज़िन्दगी की अनकही सी सच्चाई ,

बदलता है मौसम हर घड़ी हर कली  का I

 

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